गेम्स मेडल

खेल परिणाम खेल इवेंट
रियो डी जेनेरियो 2016
खेल परिणाम खेल इवेंट
रियो डी जेनेरियो 2016
#41 Golf Individual

अदिति अशोक

भारत
गोल्फ
लम्बाई
173 सीएम / 5'8''
वज़न
57 किग्रो / 125 पाउंड्स
जन्म तिथि
29 मार्च 1998 Bengalaru, India
लिंग
महिला

मेडल संख्या

0 ओलंपिक मेडल

ओलंपिक गेम्स

1 ओलंपिक गेम्स

अदिति अशोक जीवनी

बेंगलुरु की यह गोल्फर रुकी नहीं और एक हफ्ते बाद ही उन्होंने अपना दूसरा क़तर ओपन भी हासिल कर अपने करियर को एक नई दिशा दे दी। इसके बाद उन्हें LET रूकी ऑफ़ द ईयर के खिताब से भी नवाज़ा गया जो कि इस खिलाड़ी के लिए प्रेरणादायक रहा।

इसके बाद 2017 में अशोक LPGA टूर में भाग लेने वाली पहली भरतीय गोल्फर बनीं। प्रोफेशनल वुमेंस गोल्फ सर्किट में अपना दबदबा बनाने के बाद अदिति अशोक ने तीन बार टॉप-10 में रहकर अपने कारवाँ का अंत किया और यह अपने आप में किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं।धीरे-धीरे भारत में यह नाम बढ़ने लगा और ओलंपिक गेम्स में भाग ले पाना ही इस गोल्फर के लिए गर्व का सबब बना। अपनी यादों को ताज़ा करते हुए भारतीय गोल्फर ने कहा “मैंने कहीं पढ़ा था कि उस वजह से भारतीय लोगों ने गूगल पर गोल्फ के बारे में ज़्यादा ढूंढा। उस समय का प्रभाव और एक्सपोज़र दोनों ही मेरे लिए बड़ी बातें हैं।”

कुछ ही समय बाद अशोक ने अपना पहला लेडीज़ यूरोपियन टाइटल (LET) भी जीता। आपको बता दें कि यह जीत इंडियन ओपन के दौरान उन्हें नसीब हुई थी।लेडीज़ यूरोपियन टाइटल और लेडीज़ प्रोफेशनल गोल्फ टूर (LPGA) के साथ और भारत की ओर से पहली महिला ओलंपिक गोल्फर कहलाने वाली अदिति अशोक का नाम भारतीय खेल जगत में अदब के साथ लिया जाता है।

मध्यम परिवार में जन्मी अदिति को पहली बार कर्नाटक गोल्फ ऐसोसिएशान के गोल्फ कोर्स में जाकर इस खेल से लगाव हो गया था और उस समय वह केवल 5 साल की थीं। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा और गोल्फ को ही अपनी दुनिया और करियर बना दिया।

 बेंगलुरु के फ्रैंक अंथोनी पब्लिक स्कूल में पढ़ती इस नन्ही सी बच्ची ने पढ़ाई के साथ गोल्फ को भी अपने जीवन से परिचय कराया और लोकल प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया।

13 साल की उम्र में अदिति ने कर्नाटक जूनियर और साउथ इंडियन जूनियर चैंपियनशिप अपने नाम कर अपने भविष्य का प्रमाण पेश किया। इसके बाद उन्होंने नेशनल एमेच्योर टाइटल पर भी अपने नाम की मुहर लगा दी।

अशोक के कदम यही नहीं रुके और टीन ऐज में उन्होंने बड़ा नाम हासिल तब किया जब उन्होंने 2012, 2013 और 2014 में नेशनल जूनियर चैंपियनशिप जीती। इतना ही नहीं साल 2014 में अशोक के हाथ सीनियर चैंपियनशिप भी आई।

एक समय ऐसा आया जब वह एशियन यूथ गेम्स खेलने वाली पहली भारतीय गोल्फर बनीं। उस दौरान उन्होंने यूथ ओलंपिक गेम्स और एशियन गेम्स (2014) में भाग लिया था।

अशोक के करियर में सुनहरा मोड़ तो तब आया जब उन्होंने लेडीज़ ब्रिटिश एमेच्योर स्ट्रोक प्ले चैंपियनशिप 2015 जीती और अगले साल यानी 1 जनवरी 2016 में उन्होंने प्रो की ओर रुख किया।

मेहनत और हौसले के दम पर भारतीय गोल्फर अदिति अशोक बढ़ती जा रहीं थीं और 6 महीने बाद उन्होंने सफलता का एक और पायदान पार किया। अगस्त 2016 में अशोक ने इतिहास रच दिया और बन गईं पहली भारतीय गोल्फर जिन्होंने रियो 2016 में भाग लिया हो। उस समय वह महज़ 18 साल की थी। इतना ही नहीं वुमेंस इवेंट में भाग लेने वाली वह सबसे छोटी खिलाड़ी भी थीं।

उस समय अनिर्बान लाहिड़ी और एसएसपी चौरसिया का दुनिया जानती थी लेकिन अदिति अशोक का नाम अभी बन रहा था। ओलंपिक गोल्फ कोर्स पर दूसरा राउंड उन्होंने बहुत शानदार तरीके से खेला और प्रतियोगिता में भाग ले रहे 60 लोगों में से उनकी रैंकिंग 57वीं थी।

बहुत ज़्यादा अनुभव न होने के कारण अशोक को जल्द ही बाहर होना पड़ा और वह उन 60 खिलाड़ियों में से 42वें स्थान पर रहीं। उस संस्करण में इंबी पार्क ने गोल्ड मेडल हासिल किया था और वह अशोक से 23 शॉट्स आगे थीं।

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