गेम्स मेडल

खेल परिणाम खेल इवेंट
रियो डी जेनेरियो 2016
खेल परिणाम खेल इवेंट
रियो डी जेनेरियो 2016
#34 Shooting Air Rifle, 10 metres

अपूर्वी चंदेला

भारत
शूटिंग
लम्बाई
157 सीएम / 5'2''
वज़न
54 किग्रो / 118 पाउंड्स
जन्म तिथि
4 जनवरी 1993 Jaipur, India
लिंग
महिला

मेडल संख्या

0 ओलंपिक मेडल

ओलंपिक गेम्स

1 ओलंपिक गेम्स

अपूर्वी चंदेला जीवनी

जयपुर में जन्मी अपूर्वी चंदेला एक खेल पत्रकार बनना चाहती थीं लेकिन बीजिंग 2008 ओलंपिक गेम्स में अभिनव बिंद्रा के जीते गोल्ड मेडल ने उन्हें एक शूटर बनने के लिए प्रेरित किया।

उनके पिता जो जयपुर में ही होटल का कारोबार करते हैं उन्होंने चंदेला को एक खिलाड़ी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पिता की भूमिका निभाते हुए उन्होंने चंदेला के लिए अपने घर के ही पीछे एक शूटिंग रेंज की स्थापित करा दी, ताकि उनकी बेटी को अभ्यास करने में कोई दिक्कत ना हो।

इस युवा खिलाड़ी ने पहली उपलब्धि 2014 में हुए ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान गोल्ड मेडल जीत कर हासिल की और इसके बाद उनका कारवाँ बढ़ता चला गया।

इसके एक साल के बाद उन्होंने वर्ल्ड कप में अपना डेब्यू किया और ब्रॉन्ज़ मेडल जीता और इस वजह से उन्हें ओलंपिक गेम्स में शिरकत करने का मौका मिला। हालांकि रियो 2016 में वो ‘ब्लैंक’ हो गईं और 10 मीटर एयर राइफल के शुरूआती राउंड में ही बाहर हो गईं। 51 खिलाड़ियों में चंदेला को 34वीं रैंक नसीब हुई।

पूछे जाने पर उन्होंने ओलंपिक डेब्यू को एक सीखने की प्रक्रिया बताया और खुद को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार किया।

टाइम बीतता गया और चंदेला ने साल 2019 की शुरुआत ज़ोरदार की। 10 मीटर एयर रायफल में खेलते हुए इस खिलाड़ी ने दिल्ली में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में 252.9 के बेहतरीन अंक प्राप्त कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल पर अपने नाम की मुहर लगा दी। 

इसके बाद बीजिंग आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में अपना कारवां चौथे स्थान पर ख़त्म किया और टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई भी कर लिया। कुछ ही समय बाद चंदेला ने म्यूनिख में हुए वर्ल्ड कप में एक और गोल्ड मेडल जीत कर खेल प्रेमियों को तालियां बजाने का एक और मौका दिया।

फॉर्म को अपने हाथ में रख खेल रही इस युवा खिलाड़ी ने वर्ल्ड नंबर 1 का खिताब हासिल किया। इस मुकाम पर पहुंचने के बाद भी उनका शारीरिक हाफ-भाव सामान्य था। चंदेला अपने जज़बातों पर काबू करने के लिए जानी जाती हैं इसलिए खेल के दौरान उन्हें देखकर उनके दिमाग में चल रहे प्लान का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाता है।

 बातचीत के दौरान उन्होंने कहा “हार हो या जीत हो मैं दोनों ही स्थितियों में न्यूट्रल रहती हूं। अंत में यह एक खेल ही है और मैं इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती हूं और उम्मीद करती हूं कि उस दिन पर वह सर्वश्रेष्ठ काफी हो।” 

उनका हमेशा शांत रहने वाला स्वभाव उनके हीरो अभिनव बिंद्रा से मेल खाता है। यह कहना गलत नहीं होगी कि आने वाले समय में भारतीय शूटिंग में अपूर्वी चंदेला का नाम प्रेरणा के तौर पर लिया जाएगा।

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