गेम्स मेडल

खेल परिणाम खेल इवेंट
रियो डी जेनेरियो 2016
खेल परिणाम खेल इवेंट
रियो डी जेनेरियो 2016
#=9 Badminton Doubles
लंदन 2012
खेल परिणाम खेल इवेंट
लंदन 2012
#=8 Badminton Doubles

अश्विनी पोनप्पा

भारत
बैडमिंटन
लम्बाई
165 सीएम / 5'5''
वज़न
58 किग्रो / 127 पाउंड्स
जन्म तिथि
18 सितम्बर 1989 Bangalore, India
लिंग
महिला

मेडल संख्या

0 ओलंपिक मेडल

ओलंपिक गेम्स

2 ओलंपिक गेम्स

अश्विनी पोनप्पा जीवनी

माँ ने ढाई साल की उम्र में बैडमिंटन खेलने के लिए प्रेरित किया और अकादमी में दाखिला करा दिया। इस खेल का जुनून अश्विनी पोनप्पा में कब जन्मा यह उनके लिए कहना मुश्किल है क्योंकि वे बहुत कम उम्र में ही इससे जुड़ गईं थीं। 

दो बार की ओलंपियन और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अश्विनी पोनप्पा अपने डबल्स पार्टनर के साथ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के युगल वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी थीं।

इस भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी के करियर में युगल वर्ग में कई पदक हैं। इसमें कॉमनवेल्त गेम्स में दो स्वर्ण, दो सिल्वर और एक कांस्य पदक शामिल है। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण एशियाई खेलों में चार स्वर्ण पदक जीते हैं।

दिल्ली में 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में अश्विनी पोनप्पा और ज्वाला गुट्टा की भारतीय जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीता था।

18 सितंबर, 1989 को बैंगलोर में जन्मी अश्विनी पोनप्पा ने अपनी प्रतिभा को पहचाना और कम उम्र से बैडमिंटन में अपना करियर बनाना शुरू कर दिया। युगल बैडमिंटन की स्पेशलिस्ट अश्विनी पोनप्पा ने राष्ट्रीय स्तर पर पहली जीत 2004 में सब-जूनियर गर्ल्स डबल्स श्रेणी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हासिल की थी।

अगले वर्ष सब-जूनियर गर्ल्स डबल्स श्रेणी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप को फिर से जीतने के बाद, वो लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने करियर को बेहतर करने के साथ साथ अपनी रैंक में भी आगे बढ़ रहीं थीं।

महिला युगल वर्ग में एन सिक्की रेड्डी और तृप्ती मुर्गुंडे के साथ जोड़ी बना चुकी पोनप्पा को आखिरकार ज्वाला गुट्टा के रूप में आदर्श साथी मिल गया, जिसके साथ उन्होंने कई वर्षों तक सफलता हासिल की।

ज्वाला गुट्टा के साथ साझेदारी में उन्होंने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में महिला युगल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 2010 सीज़न में मिश्रित टीम श्रेणी में रजत पदक भी जीता था।

अश्विनी पोनप्पा और ज्वाला गुट्टा ने मिलकर अगले साल BWF विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता और इसके परिणामस्वरूप, ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला जोड़ी बन गईं।

हालांकि वो 2012 के लंदन खेलों में अपनी छाप छोड़ने के लिए संघर्ष करती नज़र आईं। ग्रुप बी में खेलती इस जोड़ी का सामना जापानी जोड़ी मिजुकी फुजी और रीका काकिवा से हुआ और भारत के खेमे में इस बार निराशा आई। इस हार को पीछे छोड़ते हुए पोनप्पा-गुट्टा की जोड़ी ने चीनी ताइपे चेंग वेन-हसिंग और चिन यू-चिन चिन और सिंगापोर के शिन्ता मुलिया सारी और याओ ली को मात देते हुए अपने कारवां को आगे बढ़ाया। 

यह भारतीय जोड़ी क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही। अंकों में टाई होने की वजह से भारतीय खिलाड़ियों का कारवां रुक गया और मिजुकी फुजी और रीका काकिवा को आगे जाने का सुनेहरा मौका मिला।

हालांकि, वो 2012 के लंदन खेलों में अपनी छाप छोड़ने के लिए संघर्ष करती नज़र आईं, लेकिन 2014 में नई दिल्ली में हुए उबेर कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने महिलाओं की टीम को कांस्य पदक दिलाने में मदद की।

2013 में प्रज्ञा गद्रे की साझेदारी के बाद, उन्होंने 2014 में ज्वाला गुट्टा के साथ फिर से जोड़ी बनाई और उस वर्ष राष्ट्रमंडल खेलों में उनके हाथ एक रजत पदक आया।

भारतीय जोड़ी ने कनाडा ओपन में स्वर्ण पदक जीता लेकिन 2016 के रियो ओलंपिक में मुश्किल दौर से गुजरते हुए अपने ग्रुप चरण के तीनों मैच हार गए।

वो 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पदक जीतने वालों की रेस में शामिल थीं, जहां उन्होंने मिश्रित युगल स्पर्धा में स्वर्ण जीता और महिला युगल में एन सिक्की रेड्डी के साथ कांस्य जीता।

अश्विनी पोनप्पा ने 2017 के अंत में अपने दोस्त करण मेदप्पा के साथ परिणय सूत्र में बंध गईं, जो एक व्यापारी और एक मॉडल हैं। वो अपने पति और दो पेट्स के साथ बेंगलुरु में रहती हैं।

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