गेम्स मेडल

खेल परिणाम खेल इवेंट
रियो डी जेनेरियो 2016
खेल परिणाम खेल इवेंट
रियो डी जेनेरियो 2016
#=9 Archery Individual
#6 Archery Team
लंदन 2012
खेल परिणाम खेल इवेंट
लंदन 2012
#=9 Archery Team
#=33 Archery Individual

दीपिका कुमारी

भारत
आर्चरी
लम्बाई
162 सीएम / 5'4''
वज़न
56 किग्रो / 123 पाउंड्स
जन्म तिथि
13 जून 1994 Ranchi, India
लिंग
महिला

मेडल संख्या

0 ओलंपिक मेडल

ओलंपिक गेम्स

2 ओलंपिक गेम्स

दीपिका कुमारी जीवनी

दीपिका कुमारी आज भारतीय तीरंदाज़ों का प्रतिनिधित्व करते हुए आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन करने का काम कर रही हैं। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता ने साल 2010 में ही कई अन्य बड़ी तीरंदाज़ी स्पर्धाओं में भी अनगिनत पदक जीते हैं। उनके इन्हीं शानदार प्रदर्शनों के चलते उनकी प्रतिभा को अर्जुन अवार्ड और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

टोक्यो 2020 उनका तीसरा ओलंपिक होगा, जहां भारतीय तीरंदाज दीपिका कुमारी अपने पहले ओलंपिक पदक को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखेंगी।

दीपिका कुमारी का जन्म 13 जून, 1994 को रांची में हुआ था। निशाना लगाने का खेल उन्हें बचपन से ही अपनी ओर आकर्षित करने लगा, क्योंकि उन्हें पेड़ों पर लटके आमों को पत्थर से मारकर गिराने में बड़ा मज़ा आता था।

साधारण परिवार से होने की वजह से शुरुआत में वह बांस के डंडों से धनुष और तीर बनाकर निशाना लगाती थीं। बाद में टाटा तीरंदाज़ी अकादमी में ट्रेनिंग ले रही अपनी चचेरी बहन विद्या कुमारी की मदद से उन्हें सही राह मिल गई। अकादमी में अपनी प्रतिभा को निखारने के बाद उन्होंने 2009 में कैडेट विश्व चैंपियनशिप जीती। उसी वर्ष, उन्होंने अमेरिका के ओग्डेन में 11वीं युवा विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप भी जीती।

बड़ी सफलता उन्हें 2010 में मिली, यह वर्ष उनके करियर के लिए काफी अहम साबित हुआ और इसने उनकी जिंदगी को बदल दिया। उन्होंने व्यक्तिगत रिकर्व और महिलाओं की रिकर्व टीम स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक हासिल किए। उसके दो महीने बाद नवंबर में उन्होंने ग्वांग्झू में 2010 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर अपने शानदार वर्ष को समाप्त किया।

अपने आपको एक अच्छे तीरंदाज़ के रूप में स्थापित करने के बाद वह ओग्डेन में अपना पहला तीरंदाज़ी विश्व कप खेलने गईं, जहां उन्होंने व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित टीम श्रेणियों में तीन रजत पदक जीतने में सफलता हासिल की।

उसी वर्ष उन्होंने इटली के ट्यूरिन में अपने पहले विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप इवेंट में हिस्सा लिया और महिला टीम स्पर्धा में बोम्बायला देवी और चेक्रोवोलू स्वुरो के साथ जोड़ी बनाकर सिल्वर मेडल जीता।

दीपिका कुमारी ने पहली बार लंदन 2012 के ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया। हालांकि, उनके प्रयास वाले दिन दीपिका के स्वास्थ्य और हवा की स्थिति ने उन्हें शुरुआती दौर में जगह बनाने से रोक दिया और वह ग्रेट ब्रिटेन की एमी ओलिवर से हार गईं।

रियो 2016 में दीपिका कुमारी लगातार आगे बढ़ती गईं। उन्होंने क्रमशः 6-4 और 6-2 के प्रभावशाली स्कोर के साथ 64 और 32 के दौर में जगह बनाई। 16 के दौर (राउंड ऑफ-16) में चीनी ताइपे की तान या-टिंग ने उनकी गति पर विराम लगा दिया और 6-0 से इस राउंड को अपने नाम कर लिया।

अब जब 23 जुलाई, 2021 को फिर से निर्धारित किए गए टोक्यो 2020 का आयोजन होगा, तो दीपिका कुमारी को एक कीमती ओलंपिक पदक अर्जित करने और भारतीय तीरंदाज़ी को गौरवान्वित करने का तीसरा मौका मिलेगा। उन्होंने नवंबर में बैंकॉक में हुए एशियन कॉन्टिनेंटल क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में वियतनाम के गुयेन डू थी अन्ह को 6-0 से हराकर अपना कोटा सुनिश्चित किया।

एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने मिश्रित टीम और महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में दो कांस्य पदक हासिल किए। इसके तुरंत बाद उन्होंने एशियाई कॉन्टिनेंटल क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में महिला रिकर्व इवेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

दीपिका कुमारी अपने साथी भारतीय तीरंदाज़ अतानु दास से सगाई कर चुकी हैं और दोनों इसी साल होने वाले टोक्यो 2020 की तय तारीख 9 अगस्त, 2020 के बाद शादी करने वाले थे।

ताज़ा खबर

फीचर्ड

एथलीट