गेम्स मेडल

खेल परिणाम खेल इवेंट
रियो डी जेनेरियो 2016
खेल परिणाम खेल इवेंट
रियो डी जेनेरियो 2016
#=5 Badminton Singles

किदांबी श्रीकांत

भारत
बैडमिंटन
लम्बाई
178 सीएम / 5'10''
वज़न
66 किग्रो / 145 पाउंड्स
जन्म तिथि
7 फरवरी 1993 Guntur, India
लिंग
पुरुष

मेडल संख्या

0 ओलंपिक मेडल

ओलंपिक गेम्स

1 ओलंपिक गेम्स

किदांबी श्रीकांत जीवनी

पूर्व विश्व नंबर एक खिलाड़ी और ओलंपियन किदांबी श्रीकांत यकीनन भारत के सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक हैं।

वो सुपर सीरीज़ प्रीमियर में पुरुषों का खिताब जीतने वाले और मिश्रित स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। ये उनकी उपलब्धियों में से कुछ एक खिताब हैं जो उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में लगभग एक दशक में हासिल किए हैं।

7 फरवरी, 1993 को आंध्र प्रदेश के रावुलपलेम में जन्मे किदांबी श्रीकांत ने अपने बड़े भाई से प्रेरित होकर 2001 में गुंटूर में बैडमिंटन खेलना शुरू किया।

अगले साल वो और उनके भाई दो साल के प्रशिक्षण के लिए आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के स्पोर्ट्स अकादमी में चले गए। हालांकि, उनकी प्रतिभा पुलेला गोपीचंद अकादमी में भर्ती होने के बाद ही सामने आई, जहां कोच ने उन्हें डबल्स के बजाय सिंगल्स खेलने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्हें पहली बड़ी उपलब्धि 2011 में मिली जब उन्होंने कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में रजत पदक जीता, जिसके बाद उन्होंने ऑल इंडिया जूनियर इंटरनेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में 2 स्वर्ण जीते।

किदांबी श्रीकांत ने अगले साल मालदीव इंटरनेशनल चैलेंज में एकल खिताब पर कब्ज़ा किया। 2013 में भारतीय शटलर ने अपने पहले सीनियर राष्ट्रीय खिताब के लिए ऑल इंडिया सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गत चैंपियन और ओलंपियन पारुपल्ली कश्यप के खिलाफ जीत हासिल की। जिसके बाद उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल की और पहले थाईलैंड ओपन ग्रां प्री गोल्ड इवेंट का खिताब भी जीता।

वो साल 2014 का था जब किदांबी श्रीकांत ने अपने प्रदर्शन से पुरुष एकल में बैडमिंटन की दुनिया में अपने आगमन का ऐलान कर दिया। 2014 के चीन ओपन सुपर सीरीज़ प्रीमियर के फाइनल में दो बार के ओलंपिक चैंपियन लिन डैन के खिलाफ शानदार जीत ने उन्हें सुपर सीरीज़ प्रीमियर पुरुषों का खिताब जीतने वाला पहला भारतीय शटलर बना दिया। हॉन्गकॉन्ग ओपन में रनर-अप रहने के बाद किदांबी श्रीकांत फाइनल में चेन लोंग से हार गए।

अगले वर्ष किदांबी श्रीकांत की रैंकिंग में बढ़त जारी रही, जहां वो 2015 के स्विस ओपन ग्रां प्री गोल्ड में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बनें। उन्होंने 2015 में इंडिया ओपन सुपर सीरीज़ का खिताब भी जीता था।

उनकी सफलता 2016 में सैयद मोदी इंटरनेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप ग्रां प्री गोल्ड खिताब के साथ-साथ पुरुषों की टीम में दो स्वर्ण और 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में पुरुष एकल में जीत के साथ जारी रही। 2016 के रियो ओलंपिक में, किदांबी श्रीकांत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दिग्गज लिन डैन के साथ एक शानदार मैच खेला।

अगले साल किदांबी श्रीकांत और बी साई प्रणीत ने बैडमिंटन में किसी रैंकिंग इवेंट के फाइनल में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनकर और इतिहास रच दिया। भले ही वो फाइनल हार गए, लेकिन किदांबी श्रीकांत ने इंडोनेशिया सुपर सीरीज़ और ऑस्ट्रेलियाई सुपर सीरीज़ जीतने के बाद 2017 में इतिहास की किताबों को फिर से लिखना शुरु कर दिया और लगातार तीन सुपर सीरीज़ फ़ाइनल में आने वाले पहले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बने। उन्होंने उस वर्ष डेनमार्क सुपर सीरीज़ और फ्रेंच सुपर सीरीज़ भी जीतीं। उस साल किदांबी ने कई कीर्तिमान बनाए।

वो 2017 में दुनिया में दूसरे स्थान पर रहे। गोल्ड कोस्ट 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भी उनका शनदार प्रदर्शन जारी रहा, जहां वो मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण और एकल स्पर्धा में रजत पदक पर कब्ज़ा करने के बाद नंबर एक स्थान पर पहुंच गए।

2021 में टोक्यो ओलंपिक आयोजित होने के साथ, किदांबी श्रीकांत निसंदेह अपनी लय को जो दो साल पहले थी उसे तलाशना चाहेंगे। वो टोक्यो में मुकाबला जीतने के लिए उत्सुक होंगे और एक ओलंपिक पदक जोड़कर अपनी आप को भारत के सर्वश्रेष्ठ शटलर्स में से एक बनना चाहेंगे।

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