सुमित नागल

भारत
टेनिस
जो रफ़ाएल नडाल ने एक बार कहा था मैं उसे फॉलो करता हूं: कोर्ट पर जाएं, परिस्थितियों को मुश्किल बनाएं और हर पॉइंट के लिए लडें
लम्बाई
176 सीएम / 5'9''
वज़न
69 किग्रो / 151 पाउंड्स
जन्म तिथि
16 अगस्त 1997 Jhajjar, India
लिंग
पुरुष

मेडल संख्या

0 ओलंपिक मेडल

ओलंपिक गेम्स

0 ओलंपिक गेम्स

सुमित नागल जीवनी

साल 2020 के यूएस ओपन के मुख्य ड्रॉ के सिंगल इवेंट में पिछले सात साल में जीत हासिल करने वाले वह पहले भारतीय बनें। सुमित ने अपने पहले राउंड में यूएसए के ब्रैडली क्लैन को हराया, उनसे पहले ये कारनामा सोमदेव देववर्मन किया था, सोमदेव ने स्लोवाकियन लुकास लाको को साल 2013 के यूएस ओपन के पहले दौर में हराया था।

हालांकि सुमित को इसके बाद ऑस्ट्रिया डोमेनिक थीम से शिकस्त झेलनी पड़ी लेकिन इस युवा खिलाड़ी ने उन्हें कड़ी टक्कर देकर अपनी प्रतिभा को लोहा दुनिया के सामने मनवाया।

सुमित ने जो प्रदर्शन साल 2020 में किया, उसकी झलक उन्होंने साल 2019 में भी दिखाई थी। साल 2019 में इस युवा खिलाड़ी ने इस पीढ़ी के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक रोजर फेडरर को टक्कर दी।

रोजर फेडरर के खिलाफ जब कोई सुमित से किसी खास की उम्मीद नहीं कर रहा था तो उस समय इस खिलाड़ी ने अपनी जुझारू टेनिस से सबका ध्यान खींचा और पहला राउंड जीतकर फेडरर को आश्चर्य में डाल दिया।

मैच के बाद रोजर फेडरर ने इस युवा के बारे में कहा था कि "कभी भी बाहर आना और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना आसान नहीं है। भले ही यह उस तरह का हो, जिसके लिए आप जीते हैं, आप सपने देखते हैं, बड़े मंच पर खेलते हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।”

साल 2019 सुमित नागल के लिए कई वजह से उपलब्धि भरा रहा है, जहां उनका ग्रैंड स्लैम डेब्यू ने सभी का ध्यान खींचा तो वह साउथ अमेरिका में एटीपी चैलेंजर जीतने वाले पहले भारतीय बनें।

दिल्ली के रहने वाले इस खिलाड़ी ने सीजन का अंत एटीपी चैलेंजर सर्किट में 8 सेमीफाइनल में जगह बनाकर की, यह किसी भी दूसरे खिलाड़ी से ज्यादा था।

साल 2019 और 2020 के शुरुआत में किए गए अच्छे प्रदर्शन की बदौलत वह एटीपी रैंकिंग में 122वें स्थान पर पहुंचकर शीर्ष रैंकिंग वाले भारतीय बनें।

उनकी सफलता को देखकर ये लगता नहीं है कि टेनिस उनका पहला प्यार नहीं है।

जिस देश में क्रिकेट को धर्म माना जाता हो, वहां बाकी बच्चों की तरह सुमित नागल भी क्रिकेट के प्रति आकर्षित हुए। लेकिन इसके बाद उनके पिता, जो कि एक टीचर हैं, वह उन्हें घर के पास नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में कोर्ट पर लेकर गए।

सुमित ने टेनिस में करियर बनाने के बारे में कहा कि “मैं क्रिकेट का बहुत बड़ा फैन हूं लेकिन मेरे पिता चाहते थे कि मैं हमेशा व्यक्तिगत खेल खेलूं और शायद इसी तरह मैंने टेनिस खेलना शुरू किया।” 

इस खिलाड़ी को आठ साल की उम्र में टेनिस का पहला अध्याय सीखने को मिला। जल्दी ही उन्होंने महेश भूपति की एकेडमी जॉइन कर ली, सुमित ने साल 2008 में भूपति की महत्वाकांक्षी योजना अपोलो मिशन 2018 में हिस्सा लेकर अपनी जगह बनाई। इस योजना का मुख्य लक्ष्य साल 2018 तक भारत को पहला ग्रैंडस्लैम सिंगल चैंपियन देना था। 

भूपति सेंटर पर सुमित ने 2 साल तक ट्रेनिंग की और इसके बाद वह टोरंटो चले गए और वहां उन्होंने अपनी कोचिंग कनाडा के कोच बॉबी महल को साथ जारी रखी। उनका ये फैसला सही भी साबित हुआ और उन्होंने केवल 13 साल की उम्र में अंडर-16 नेशनल चैंपियनशिप का ख़िताब जीता। 

साल 2015 के यूएस ओपन में सुमित नागल को इंटरनेशनल लेवल पर पहली बार सफलता मिली, जहां उन्होंने अपने पार्टनर वियतनाम के लाइ होंग नाम के साथ बॉयज डबल्स का खिताब जीता। जूनियर ग्रैंडस्लैम में किसी भारतीय द्वरा खिताब जीतने का यह छठा मौका था।

इसके बाद सुमित नागल को जल्दी ही भारत की डेविस कप की टीम भी जगह मिल गई। इस युवा खिलाड़ी को साल 2016 डेविस कर प्ले-ऑफ टाई में स्पेन के खिलाफ चोटिल रोहन बोपन्ना की जगह खेलने का मौका मिला।

नई दिल्ली के आरके खन्ना टेनिस स्टेडियम में अपने घरेलू कोर्ट में खेलते हुए भारतीय खिलाड़ी ने मार्क लोपेज़ के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन फिर भी वह अपनी हार नहीं बचा पाए।

इस हार के बावजूद ये खिलाड़ी लगातार आगे बढ़ता रहा और एक साल बाद खबर मिली कि सुमित ने बेंगलुरु में अपना पहला एटीपी चैलैंजर खिताब जीत लिया है।

बेंगलुरु में खेले गए इस इवेंट में सुमित ने टॉप-100 और टॉप वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ब्लेज़ केविक को क्वार्टर फाइनल में हराया। इसके अलावा उन्होंने भारतीय खिलाड़ी युकी भांबरी और ब्रिटेन के जे क्लार्क को भी मात दी।

लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए सुमित नागल भविष्य में सफलता की नई ऊंचाइयों को छूने को पूरी तरह तैयार हैं।

एथलीट