फ़ीचर | बॉक्सिंग

आशीष कुमार ने बलिदान और भारी दिल के बीच टोक्यो 2020 में जगह बनाई

 महत्वपूर्ण क्वालिफायर्स से एक महीने पहले आशीष कुमार ने अपने पिता को खो दिया

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

रविवार को भारतीय बॉक्सर आशीष कुमार ने अपने सपने को हकीकत में बदला और ओलंपिक का टिकट हासिल किया। 

एशियाई बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स (Asian boxing Olympic qualifiers) के शुरुआती मुकाबलो में लय में ना होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ी आशीष कुमार (Ashish Kumar) ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इसी के साथ उन्होंने ओलंपिक (Olympic 2020) में भी अपना स्थान पक्का कर लिया।

Watch: Ashish Kumar secures 2020 Olympics spot

Middleweight boxer Ashish Kumar became yet another Indian to qualify for To...

आत्मविश्वास और निपुणता के साथ लड़ते हुए आशीष कुमार ने टोक्यो 2020 का टिकट कटाया। इस खिलाड़ी ने अपने पंचो से सभी को प्रभावित किया और मैखेल मुस्किता (Maikhel Muskita ) को हराया।

हारने के बाद जीते आशीष

जैसे ही मैच के बाद उन्होंने ओलंपिक चैनल को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू देना शुरू किया, सबसे पहले जो उनके ज़हन में आया वह कुछ ऐसा विचार था जो उन्हें क्वालिफ़ायर्स की तैयारी के दौरान मानसिक तौर पर परेशान कर रहा था।

आशीष कुमार ने बताया कि “अपने जीवन में अब तक मैंने जो हासिल किया है, वह मैं अपने पिता को समर्पित करता हूं क्योंकि एक महीने पहले ही उनका निधन हो गया है”। वह हमेशा मुझे ओलंपिक में खेलते हुए देखना चाहते थे। अब मैंने उनका सपना पूरा कर दिया”।

आशीष कुमार ने कभी पीछे मुड़कर क्यों नहीं देखा

किसी भी सफल खिलाड़ी की तरह आशीष कुमार को सफलता के लिए कई बलिदान दिए। दो दशक से सफलता की उम्मीद के बाद इस सपने पर कई सवाल भी उठ रहे थे।

आशीष कुमार ने बताया कि “मैं जब से 13-14 साल का था तब से बॉक्सिंग के लिए कई बलिदान दिए हैं। मेरे मन कई बार आया कि मैं इसे छोड़ दूं लेकिन कुछ ऐसा था जिसकी वजह से मेरा मनोबल बढ़ता रहा”। 

इसके अलावा इस खिलाड़ी ने कहा कि सभी बॉक्सर और पहलवानों के परिवार का सपोर्ट कुछ इसी तरह मिलता है। आशीष ने विस्तार से बताया कि “मेरे पिता के साथ साथ मेरे भाई और पूरे परिवार ने हमेशा मुझे सपोर्ट किया। सभी ने मुझसे कहा कि मैं कभी पीछे ना देखूं, उन्होंने हर मोर्चे पर मेरा साथ दिया”।

आशीष ने माना कि उनका परिवार हमेशा उनके साथ खड़ा रहा, अगर वह ऐसा नहीं करते तो मैं यहां तक का सफर तय नहीं कर पाता।  

परिवार और देश

अपने उपलब्धि से अपने परिवार को गौरवान्वित करने के बाद सवाल ये है कि आशीष कुमार का अगला लक्ष्य क्या है, इस पर इस खिलाड़ी ने कहा कि “मैं 2020 ओलंपिक में मेडल जीतना चाहता हूं। मैं अपने देश का मान पूरी दुनिया में करना चाहता हूं और अब मेरी नजर इस पर है”।

कब और कहां देख सकते हैं बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर ?

आप एशिया/ओशिनिया बॉक्सिंग क्वालिफ़िकेशन का सीधा प्रसारण एक्सक्लूसिव तौर पर ओलंपिक चैनल पर देख सकते हैं, साथ ही हमारे फ़ेसबुक पेज पर भी इसका आनंद उठा सकते हैं। सुबह के सत्र की शुरुआत भारतीय समयनुसार दोपहर 2.30 बजे से होती है, जबकि शाम का सत्र भारतीय समयनुसार 8.30 बजे से प्रस्तावित है।

साथ ही साथ आप ओलंपिक चैनल पर रोज़ाना इंग्लिश और हिन्दी में लाइव ब्लॉग के ज़रिए भी सारे मुक़ाबलों से रु-ब-रु हो सकते हैं।