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रॉड लेवर से लेकर सेरेना विलियम्स तक, जानिए किस-किस ने जीता है ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब

वर्तमान में पुरुष वर्ग में नोवाक जोकोविच और महिला वर्ग में सोफिया केनिन ऑस्ट्रेलियन ओपन सिंगल्स के चैंपियन हैं। नीचे अभी तक के सभी विजेताओं की पूरी सूची पढ़िए।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

साल का पहला ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) टेनिस कैंलेंडर में अपना अलग ही महत्व रखता है।

लॉन टेनिस एसोसिएशन ऑफ ऑस्ट्रेलिया (Lawn Tennis Association of Australia) ने इस टूर्नामेंट को 1905 में शुरू किया था, जिसे पहले ऑस्ट्रेलियन चैंपियनशिप कहा जाता था। बाद में लॉन टेनिस एसोसिएशन ऑफ ऑस्ट्रेलिया टेनिस ऑस्ट्रेलिया (Tennis Australia) बन गया और ऑस्ट्रेलियन चैंपियनशिप को ऑस्ट्रेलियन ओपन नाम दे दिया गया।

हालांकि पहला संस्करण एक छोटे से क्षेत्र में देखा गया था, बाद में ये बड़ा हो गया और अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ द्वारा 1924 से चार मेजर (ग्रैंड स्लैम) में से एक के रूप में नामित किया गया। तीन साल बाद इसका नाम बदलकर ऑस्ट्रेलियन चैंपियनशिप कर दिया गया।

हालांकि, 1969 से इस टेनिस टूर्नामेंट को आधिकारिक तौर पर ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) के नाम से जाना जाने लगा।

पिछले कुछ सालों में ये टूर्नामेंट टेनिस इतिहास के कुछ सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में से एक रहा है, जिसमें रॉड लेवर (Rod Laver), मार्गरेट कोर्ट (Margaret Court), स्टेफी ग्राफ (Steffi Graf), आंद्रे अगासी (Andre Agassi), पीट सम्प्रास (Pete Sampras), सेरेना विलियम्स (Serena Williams), नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic), रोजर फेडरर (Roger Federer) और कई ऐसे दिग्गज नाम शामिल हैं, जिन्होंने इस इवेंट में अपनी छाप छोड़ी है।

तो चलिए आपको इतिहास में ले चलते हैं और बताते हैं कि ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष सिंगल्स और महिला सिंगल्स में ओपन एरा के चैंपियन कौन-कौन रहे हैं।

1969-1980 – रॉड लेवर और मार्गरेट कोर्ट ने रचा इतिहास

1968 में टेनिस की दुनिया में एक बदलाव हुआ। पहली बार, पेशेवर खिलाड़ियों को शौकियां खिलाड़ियों के साथ खेलने की अनुमति दी गई। इस तरह ओपन एरा की शुरुआत हुई जिसे टेनिस के आधुनिक युग के रूप में भी जाना जाता है।

हालांकि, उस साल अप्रैल में औपचारिक रूप से परिवर्तन होने के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन ओपन एरा का पहला ग्रैंड स्लैम होने से चूक गया, और ये सम्मान फ्रेंच ओपन को मिला।

लेकिन जब 1969 में पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन आयोजित किया गया, तब एक नया कीर्तिमान रचा गया।

ऑस्ट्रेलिया के रॉड लेवर ने उस साल पुरुषों का सिंगल्स खिताब जीता, उन्होंने एक कैलेंडर ग्रैंड स्लैम पूरा किया। एक ही साल में सभी चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने को कैलेंडर ग्रैंड स्लैम पूरा करना कहते हैं।

अब तक, रॉड लेवर ओपन एरा में एक कैलेंडर ग्रैंड स्लैम हासिल करने वाले एकमात्र पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1962 में भी सभी चार बड़े खिताब को जीता था, लेकिन ये प्री-ओपन एरा में था।

रॉड लेवर और मार्गरेट कोर्ट पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष और महिला सिंगल्स के चैंपियन थे।

महिलाओं के सिंगल्स में ऑस्ट्रेलिया की मार्गरेट कोर्ट (Margaret Court) ने 1969 में खिताब जीता और अगले नए संस्करणों में अपना खिताब भी बचाया। 1970 में कोर्ट ने ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत के साथ प्रतिष्ठित कैलेंडर ग्रैंड स्लैम की पहली महिला सिगंल्स विजेता बनीं।

1988 में स्टेफ़ी ग्राफ ओपन एरा में एक कैलेंडर स्लैम को पूरा करने वाली इतिहास में एकमात्र खिलाड़ी बनीं।

1970 के ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष सिगंल्स के इतिहास में एक और नई कहानी लिख दी गई। यूएसए के आर्थर ऐश (Arthur Ashe) ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता जीतने वाले पहले अश्वेत टेनिस खिलाड़ी बने। ये ऐश के तीन स्लैमों में से पहला ग्रैंड स्लैम था। जिनके नाम पर यूएस ओपन वेन्यू का नाम रखा गया है।

कुल मिलाकर उस दौरान काफी हद तक पुरुषों के सिंगल्स में ऑस्ट्रेलियाई और अमेरिकी खिलाड़ियों का वर्चस्व देखा गया। हालांकि अर्जेंटीना के गिलर्मो विलास (Guillermo Vilas) (1978 और 1979) ने इस धारणा को बदला दिया।

शेड्यूलिंग परिवर्तनों के कारण दो ऑस्ट्रेलियाई ऑपेंस 1977 में आयोजित किए गए थे - एक जनवरी में और दूसरा दिसंबर में आयोजित हुआ था।

ऑस्ट्रेलियाई ओपन सिंगल्स विजेता 1969 से 1980 तक

1969 - पुरुष: रॉड लेवर (ऑस्ट्रेलिया), महिला: मार्गरेट कोर्ट (ऑस्ट्रेलिया)

1970 - पुरुष: आर्थर ऐश (यूएसए), महिला: मार्गरेट कोर्ट (ऑस्ट्रेलिया)

1971 - पुरुष: केन रोज़वेल (ऑस्ट्रेलिया), महिला: मार्गरेट कोर्ट (ऑस्ट्रेलिया)

1972 - पुरुष: केन रोज़वेल (ऑस्ट्रेलिया), महिला: वर्जीनिया वेड (ब्रिटेन)

1973 - पुरुष: जॉन न्यूकॉम्ब (ऑस्ट्रेलिया), महिला: मार्गरेट कोर्ट (ऑस्ट्रेलिया)

1974 - पुरुष: जिमी कोनर्स (यूएसए), महिला: एवोन कॉवेल (ऑस्ट्रेलिया)

1975 - पुरुष: जॉन न्यूकॉम्ब (ऑस्ट्रेलिया), महिला: एवोन कॉवले (ऑस्ट्रेलिया)

1976 - पुरुष: मार्क एडमंडसन (ऑस्ट्रेलिया), महिला: इवोन कॉवले (ऑस्ट्रेलिया)

1977 (जनवरी) - पुरुष: रोसको टान्नर (यूएसए), महिला: केरी रीड (ऑस्ट्रेलिया)

1977 (दिसंबर) - पुरुष: विटास गेरुलाइटिस (यूएसए), महिला: इवोन कैवले (ऑस्ट्रेलिया)

1978 - पुरुष: गिलर्मो विलास (अर्जेंटीना), महिला: क्रिस्टीन ओ'नील (ऑस्ट्रेलिया)

1979 - पुरुष: गिलर्मो विलास (अर्जेंटीना), महिला: बारबरा जॉर्डन (यूएसए)

1980 - पुरुष: ब्रायन टीचर (यूएसए), महिला: हाना मंडलीकोवा (चेकोस्लोवाकिया)

1981-1990 – पुरुष वर्ग में स्वीडन का वर्चस्व और स्टेफी ग्राफ का गोल्डेन स्लैम

इस दशक में ऑस्ट्रेलियन ओपन में कुछ बड़े बदलाव हुए। टूर्नामेंट की तारीखें 1985 से दिसंबर तक जनवरी के बीच में हुआ करती थीं। लेकिन 1987 से इस टूर्नामेंट के लिए जनवरी का महीना  फिक्स कर दिया गया।

1986 में ऑस्ट्रेलियन ओपन आयोजित नहीं किया गया था। इसके अलावा 1988 से टूर्नामेंट को हार्ड कोर्ट पर खेला जाने लगा। इससे पहले, ऑस्ट्रेलियन ओपन हमेशा ग्रास कोर्ट पर खेला जाता था।

1980 से 90 के दशक में पुरुषों के सिंगल्स में स्वीडिश खिलाड़ियों का वर्चस्व देखने के मिला।

दक्षिण अफ्रीका के जोहान क्रिएक (Johan Kriek) ने 1981 और 1982 के संस्करणों में जीत हासिल की, जबकि चेक गणराज्य के इवान लेंडल (Ivan Lendl) ने 1989 और 1990 में जीत दर्ज की। बीच में सभी पांच संस्करण स्वीडिस के मैट्स विलेंडर (Mats Wilander) (1983, 1984 और 1988) और स्टीफन एडबर्ग (Stefan Edberg) (1985 और 1987) ने अपने अपने नाम किए।

महिलाओं के सिंगल्स में अमेरिकी खिलाड़ियों ने अपना वर्चस्व दिखाया। 1981 से 1985 तक मार्टिना नवरातिलोवा (Martina Navratilova) ने तीन (1981, 1983 और 1985) और क्रिस एवर्ट (Chris Evert) (1982 और 1984) ने दो खिताब अपने नाम किए।

हाना मांडलिकोवा (Hana Mandlikova) ने ब्रेक के बाद 1987 में अमेरिकी वर्चस्व को तोड़ दिया, इसके बाद जर्मनी के स्टेफी ग्राफ ने खिताबों की हैट्रिक (1988, 1989 और 1990) लगा दी।

1988 में ग्राफ का पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन एक गोल्डन स्लैम (Golden Slam) था जिसमें एक कैलेंडर ग्रैंड स्लैम और एक ही वर्ष में समर ओलंपिक में स्वर्ण पदक शामिल है।

Steffi Graf wins the Golden Slam at Seoul 1988

Seoul 1988- Tennis Women Final Graf v Sabatini Highlights. Graf wins the Go...

1981 से 1990 तक ऑस्ट्रेलियन ओपन के सिंगल्स चैंपियंस

1981 - पुरुष: जोहान क्रिएक (दक्षिण अफ्रीका), महिला: मार्टिना नवरातिलोवा (यूएसए)

1982 - पुरुष: जोहान क्रिएक (दक्षिण अफ्रीका), महिला: क्रिस एवर्ट (यूएसए)

1983 - पुरुष: मैट विलेंडर (स्वीडन), महिला: मार्टिना नवरातिलोवा (यूएसए)

1984 - पुरुष: स्टीफन एडबर्ग (स्वीडन), महिला: क्रिस एवर्ट (यूएसए)

1985 - पुरुष: मैट विलेंडर (स्वीडन), महिला: मार्टिना नवरातिलोवा (यूएसए)

1987 - पुरुष: स्टीफन एडबर्ग (स्वीडन), महिला: हाना मंडलीकोवा (चेकोस्लोवाकिया)

1988 - पुरुष: मैट विलेंडर (स्वीडन), महिला: स्टेफी ग्राफ (जर्मनी)

1989 - पुरुष: इवान लेंडल (चेक गणराज्य), महिला: स्टेफी ग्राफ (जर्मनी)

1990 - पुरुष: इवान लेंडल (चेक गणराज्य), महिला: स्टेफी ग्राफ (जर्मनी)

1991-2003 के दशक में जब पीट सम्प्रास-आंद्रे अगासी ने अपना दम दिखाया

भले ही 1991 और 1996 के ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुषों के खिताब जर्मन दिग्गज बोरिस बेकर (Boris Becker) ने जीते हों, लेकिन इस दशक का मुख्य आकर्षण पीट सम्प्रास और आंद्रे अगासी के बीच प्रतिद्वंद्विता थी।

दो अमेरिकी खिलाड़ी अपनी अलग-अलग शैली के साथ, 90 के दशक से लेकर 20वीं सदी के अंत तक विश्व टेनिस पर हावी रहे और ऑस्ट्रेलियन ओपन उन प्रमुख इवेंट्स में से एक था, जहां इनकी प्रतिद्वंद्विता ने बाजी मारी।

आंद्रे अगासी और पीट सम्प्रास टेनिस में सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों में से एक माना जाते हैं, उनकी प्रतिद्वंद्विता ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी देखने को मिलती थी।

2000 तक इस इवेंट में दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलती थी। दोनों ऑस्ट्रेलियन ओपन दो दो बार जीतने में सफल रहे - 1994 और 1997 में सम्प्रास ने और 1995 और 2000 में अगासी ने खिताब अपने नाम किए।

हालाँकि, सम्प्रास ने अपने करियर के अंत के करीब आते हुए, 2001 में और 2003 में आस्ट्रेलिया के दो खिताब जीतकर अपना वर्चस्व दिखाया।  

इस युग में महिलाओं की सिंगल्स में कई खिलाड़ियों के देखा गया।

मोनिका सेलेस (Monica Seles) – उस समय यूगोस्लाविया की युवा खिलाड़ी ने 1991 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में ग्राफ के प्रभुत्व को चुनौती दी। सेलेस ने तीन ऑस्ट्रेलियन ओपन जीते, पहले स्टेफी ग्राफ को वर्चस्व को तोड़ दिया और फिर अपना खुद का वर्चस्व बनाया।

1993 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में मोनिका सेलेस ने फाइनल में ग्राफ को हराकर महिला सिंगल्स का खिताब जीता। दुर्भाग्य से कुछ महीनों बाद एक टूर्नामेंट में सेलेस को चाकू मार दिया गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद सेलेस की ग्राफ के साथ प्रतिद्वंद्विता खत्म हुई।

ग्राफ ने 1994 में अपना ऑस्ट्रेलियन ओपन का ताज वापस हासिल किया लेकिन सेलेस ने वापसी की और 1996 में एक बार फिर खिताब जीता - इस बार वो एक अमेरिकी खिलाड़ी के रूप में खिताब जीतीं। 1994 में सेलेस ने अमेरिका की नागरिकता ले ली।

ये मोनिका सेलेस का आखिरी प्रमुख खिताब था, लेकिन उन्होंने अपने ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब को अपनी प्रतिद्वंद्वी स्टेफी ग्राफ के बाराबर ही जीता।

अगले तीन साल एक अन्य स्विस खिलाड़ी मार्टिना हिंगिस (Martina Hingis) के नाम रहे थे। 2003 में सेरेना विलियम्स नाम की एक युवा अमेरिकी ने अपने पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन महिला सिंगल्स का खिताब जीता।

1991 से 2013 तक ऑस्ट्रेलियाई ओपन सिंगल्स के विजेता

1991 - पुरुष: बोरिस बेकर (जर्मनी), महिला: मोनिका सेलेस (यूगोस्लाविया)

1992 - पुरुष: जिम कूरियर (यूएसए), महिला: मोनिका सेलेस (यूगोस्लाविया)

1993 - पुरुष: जिम कूरियर (यूएसए), महिला: मोनिका सेलेस (यूगोस्लाविया)

1994 - पुरुष: पीट सम्प्रास (यूएसए), महिला एकल: स्टेफी ग्राफ (जर्मनी)

1995 - पुरुष: आंद्रे अगासी (यूएसए), महिला: मैरी पियर्स (फ्रांस)

1996 - पुरुष: बोरिस बेकर (जर्मनी), महिला: मोनिका सेलेस (यूएसए)

1997 - पुरुष: पीट सम्प्रास (यूएसए), महिला: मार्टिना हिंगिस (स्विट्जरलैंड)

1998 - पुरुष: पेट्र कोरडा (चेक गणराज्य), महिला: मार्टिना हिंगिस (स्विट्जरलैंड)

1999 - पुरुष: येवगेनी कैफेलनिकोव (रूस), महिला: मार्टिना हिंगिस (स्विट्जरलैंड)

2000 - पुरुष: आंद्रे अगासी (यूएसए), महिला: लिंडसे डेवनपोर्ट (यूएसए)

2001 - पुरुष: आंद्रे अगासी (यूएसए), महिला: जेनिफर कैप्रियाती (यूएसए)

2002 - पुरुष: थॉमस जोहानसन (स्वीडन), महिला: जेनिफर कैप्रियाती (यूएसए)

2003 - पुरुष: आंद्रे अगासी (यूएसए), महिला: सेरेना विलियम्स (यूएसए)

2004-2020 – फेडरर-जोकोविच और सेरेना विलियम्स का वर्चस्व

साल 2004 से ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष सिंगल्स प्रतियोगिता में दो खिलाड़ियों - स्विट्ज़रलैंड के रोजर फेडरर और सर्बिया के नोवाक जोकोविच का पूरी तरह से वर्चस्व रहा है।

2008 में जोकोविच के पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने से पहले फेडरर तीन खिताब जीत चुके थे। लेकिन उसके बाद भी सर्विया कि इस खिलाड़ी ने खिताब जीतने के मामले में फेडरर को पीछे छोड़ दिया है।

फिलहाल नोवाक जोकोविच आठ खिताब (2008, 2011, 2012, 2013, 2015, 2016, 2019 और 2020) के साथ इतिहास के सबसे सफल ऑस्ट्रेलियन ओपन खिलाड़ी हैं, इसके बाद रोजर फेडरर हैं जिनके नाम पर छह (2004, 2006, 2007, 2010, 2017) खिताब हैं।

21वीं सदी की शुरूआत में रोजर फेडरर और नोवाक जोकोविच ऑस्ट्रेलियन ओपन पर हावी रहे हैं।

फेडरर और जोकोविच के अलावा आधुनिक टेनिस ‘बिग थ्री’ के तीसरे सदस्य राफेल नडाल (Rafael Nadal) के नाम पर सिर्फ एक ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब है। उन्होंने 2009 में ये खिताब अपने नाम किया था।

इस बीच सेरेना विलियम्स इस इवेंट में सबसे सफल महिला खिलाड़ी के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया, 2003 में अपना पहला खिताब जीतने के बाद सेरेना ने और छह खिताब जीत लिए हैं।

साल 2004 से 2020 तक ऑस्ट्रेलियन ओपन के सिंगल्स चैंपियंस

2004 - पुरुष: रोजर फेडरर (स्विट्जरलैंड), महिला: जस्टिन हेनिन (बेल्जियम)

2005 - पुरुष: मराट सफीन (रूस), महिला: सेरेना विलियम्स (यूएसए)

2006 - पुरुष: रोजर फेडरर (स्विटज़रलैंड), महिला: अमेलि मर्समो (फ्रांस)

2007 - पुरुष: रोजर फेडरर (स्विट्ज़रलैंड ), महिला: सेरेना विलियम्स (यूएसए)

2008 - पुरुष: नोवाक जोकोविच (सर्बिया), महिला: मारिया शारापोवा (रूस)

2009 - पुरुष: राफेल नडाल (स्पेन), महिला: सेरेना विलियम्स (यूएसए)

2010 - पुरुष: रोजर फेडरर (स्विट्ज़रलैंड ), महिला: सेरेना विलियम्स (यूएसए)

2011 - पुरुष: नोवाक जोकोविच (सर्बिया), महिला: किम क्लिजस्टर्स (बेल्जियम)

2012 - पुरुष: नोवाक जोकोविच (सर्बिया), महिला: विक्टोरिया अजारेंका (बेलारूस)

2013 - पुरुष: नोवाक जोकोविच (सर्बिया), महिला: विक्टोरिया अजारेंका (बेलारूस)

2014 - पुरुष: स्टेन वावरिंका (स्विट्जरलैंड), महिला: ली ना (चीन)

2015 - पुरुष: नोवाक जोकोविच (सर्बिया), महिला: सेरेना विलियम्स (यूएसए)

2016 - पुरुष: नोवाक जोकोविच (सर्बिया), महिला: एंजेलिक कर्बर (जर्मनी)

2017 - पुरुष: रोजर फेडरर (स्विट्ज़रलैंड ), महिला: सेरेना विलियम्स (यूएसए)

2018 - पुरुष: रोजर फेडरर (स्विट्ज़रलैंड ), महिला: कैरोलीन वोज्नियाकी (डेनमार्क)

2019 - पुरुष: नोवाक जोकोविच (सर्बिया), महिला: नाओमी ओसाका (जापान)

2020 - पुरुष: नोवाक जोकोविच (सर्बिया), महिला: सोफिया केनिन (यूएसए)

इस साल खेला जाने वाला ऑस्ट्रेलियन ओपन 2021 ओपन एरा में खेला जा रहा टूर्नामेंट का 53वां संस्करण होगा।

क्या इस नए संस्करण में मिलेगा कोई नया चैंपियन या पूराने दिग्गजों का दिखेगा वर्चस्व? ये तो अब समय ही बताएगा।