बैडमिंटन के नियम और साथ ही इसके स्कोरिंग, उपकरण की विस्तार से जानकारी

साल 1992 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में जोड़े गए इस रैकेट खेल बैडमिंटन के बारे में हर वह जरूरी जानकारी जो आपको जाननी चाहिए।

बैडमिंटन (Badminton) का खेल टोक्यो 2020 में बहुत ही धमाकेदार और रोमांचक होने वाला है, क्योंकि दो बार के पुरुष विश्व चैंपियन केंटो मोमोटा (Kento Momota) की नज़र जापान के लिए दूसरा ओलंपिक ख़िताब जीतने पर होगी।

वहीं पुरुष एकल में चेन लॉन्ग (Chen Long) और महिला एकल में कैरोलिना मारिन (Carolina Marin) जापान में अपने-अपने एकल ख़िताब की सुरक्षा करने की कोशिश में रहेंगे। इसके अलावा पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल के मुक़ाबलों का दौर भी काफी दिलचस्प होगा।

वैसे तो बैडमिंटन का खेल एशिया में सबसे लोकप्रिय है, लेकिन अब यह धीरे-धीरे यूरोप को भी काफी आकर्षित कर रहा है। डेनमार्क के खिलाड़ी इस बार शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ियों को चुनौती देते हुए नज़र आएंगे। 

क्या आप बैडमिंटन के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं? अगर हां, तो यहां हम बैडमिंटन के नियम और इनडोर रैकेट खेल से जुड़े उपकरणों के बारे में हर वह जरूरी जानकारी आपके लिए लेकर आए हैं, जिसे आप जरूर जानना चाहेंगे। इसके साथ ही ओलंपिक खेलों में बैडमिंटन का इतिहास भी जानें।

बैडमिंटन नियम

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) द्वारा निर्धारित किए गए बैडमिंटन नियमों को यहां पर हम सरल तरीके से समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

बैडमिंटन स्कोरिंग प्रणाली

बैडमिंटन नियम के अनुसार सभी एकल (सिंगल्स) और युगल (डबल्स) मैचों का निर्णय तीन गेम में किए गए प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है। जो भी पक्ष सबसे पहले 21 अंक हासिल कर लेता है वह एक गेम को जीत जाता है।

हर सर्विस के बाद चलने वाली छोटी या लम्बी रैली को जीतने वाले या वाली को एक अंक दिया जाता है। इसके बाद जीतने वाले पक्ष को अगली सर्विस करने के लिए दी जाती है।

अगर स्कोर 20-20 का है, तो गेम को जीतने के लिए किसी एक पक्ष को दो अंक हासिल करने होते हैं। अगर यह स्कोर ऐसे ही 29-29 तक पहुंच जाता है, तो 30वां अंक हासिल करने वाला शटलर उस गेम को जीत जाता है।

बैडमिंटन खिलाड़ी कैसे एक अंक हासिल करता है?

बैडमिंटन नियम कहता है कि अगर बर्डी (शटलकॉक) प्रतिद्वंद्वी के कोर्ट (हॉफ कोर्ट) में जाकर गिरती है तो वह एक अंक जीत जाता है, इसमें कोर्ट की बाहरी लाइन भी शामिल है।

बैडमिंटन कोर्ट के बाहर शटलकॉक के गिरने पर, नेट से टकराने या नीचे से गुजरने पर और रैकेट से दो बार बर्डी के टकराने से भी एक अंक मिलता है।

खिलाड़ियों को शॉट मारने से पहले बर्डी के नेट को पार करने का इंतजार करना होता है, और जब आप ऐसा कर रहे होते हैं तो उस वक्त आपका रैकेट या शरीर नेट से छू जाने पर भी आपके प्रतिद्वंद्वी को एक अंक दिया जाता है।

बैडमिंटन में कैसे सर्विस करते हैं?

बर्डी को कमर की ऊंचाई से नीचे से मारा जाना चाहिए। एक खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंद्वी के सर्विस बॉक्स में तिरछी (विकर्ण) सर्विस करता है। सर्विस के किए जाने तक दोनों खिलाड़ियों को स्थिर रहना होता है।

एकल बैडमिंटन में सर्विस का नियम

एकल में, कोई भी सर्वर दाएं सर्विस कोर्ट से सर्विस करता है, और यह सिलसिला तब-तब जारी रहता है जब उसके पास सम संख्या में अंक होते हैं। वहीं, विषम संख्या में अंकों के होने पर वही खिलाड़ी बाएं सर्विस कोर्ट से सर्विस करता है।

कोई भी खिलाड़ी तब तक सर्विस करना जारी रखता है जब तक वह अंक जीतता रहता है।

युगल बैडमिंटन में सर्विस का नियम

युगल में सर्वर दाईं ओर से सर्विस को शुरू करता है और उसकी टीम का साथी बाईं ओर से सर्विस करता है। वे दोनों जब तक अंक जीतते रहते हैं तब तक उनका बारी-बारी से सर्विस करते रहना जारी रहता है।

अगर सर्विस का जवाब देने वाला पक्ष अंक हासिल कर लेता है तो उनकी टीम सर्विस करना शुरू करती है। खेल में आगे बढ़ते हुए जिस भी पक्ष का खिलाड़ी पहले सर्विस नहीं किया होता है, वह ही अंक हासिल करने के बाद सर्विस करना शुरू करता है।

BWF के अनुसार युगल में सर्विस करने वाले परिदृश्यों (डायग्राम) को देखने के लिए यहां क्लिक करें

बैडमिंटन कोर्ट का साइज या आयाम क्या है?

एकल में एक बैडमिंटन कोर्ट 13.41 मीटर (44 फीट) लम्बा और 5.18 मीटर (17 फीट) चौड़ा होता है। वहीं, युगल में चौड़ाई 6.1 मीटर (20 फीट) हो जाती है।

बैडमिंटन नेट की ऊंचाई

नेट का ऊपरी सिरा 1.55 मीटर (5 फीट 1 इंच) ऊंचा होता है और 1.52 मीटर (5 फीट) ऊंचा मध्य में होता है।

किसी भी सर्विस को शॉर्ट सर्विस लाइन को पार करना जरूरी होता है, जो नेट से 1.98 मीटर (6.5 फीट) की दूरी पर खिंची होती है।

शॉर्ट सर्विस लाइन के बाद, एक लाइन बीच में खिंची होती है जो दाएं और बाएं सर्विस कोर्ट को विभाजित करती है। बेसलाइन से 0.76 मीटर (2.5ft) की दूरी पर एक डबल्स सर्विस लाइन भी खिंची होती है।

इसका मतलब यह हुआ कि हर सर्विस कोर्ट (कुल चार) 3.96 मीटर (13 फीट) लंम्बा और 2.59 मीटर (8.5 फीट) चौड़ा होता है।

Action on badminton courts during the 2018 Japan Open
Action on badminton courts during the 2018 Japan OpenAction on badminton courts during the 2018 Japan Open

बैडमिंटन बर्डी (शटलकॉक)

बर्डी को शटलकॉक भी कहा जाता है, इसे आप बैडमिंटन की एक ख़ास ‘गेंद’ भी कह सकते हैं।

शंकु के आकार की शटलकॉक पंख या किसी सिंथेटिक सामग्री के उपयोग से बनाई जाती है, जो किसी एक कॉर्क या रबर के आधार से जुड़ी होती है।

बर्डी के आकार का मतलब यह है कि यह टकराने के बाद हमेशा कॉर्क वाले हिस्से की तरफ से उड़कर जाए और फिर दोबारा हिट किए जाने तक उसी अवस्था में रहे।

16 पंखों से बना बर्डी 62 से 70 मिमी लंबा होता है और इसका वजन 4.74 और 5.5 ग्राम के बीच में होता है। पंखों की नोक को 58 से 62 मिमी व्यास का एक गोला बनाना चाहिए, जिसमें कार्क/रबर का आधार 25 से 28 मिमी व्यास का होता है और उसका नीचला हिस्सा गोल होता है।

क्या एक बैडमिंटन शटलकॉक 500 किमी/घंटे से अधिक रफ़्तार से जा सकती है?

क्या एक बैडमिंटन शटलकॉक 500 किमी/घंटे से अधिक रफ़्तार से जा सकती है?

ओलंपिक खेलों में बैडमिंटन

बार्सिलोना 1992 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के बाद से यह एक नियमित खेल है। अटलांटा 1996 में मिश्रित युगल को जोड़े जाने के बाद से बैडमिंटन के कुल पांच इवेंट में पदक के लिए प्रतियोगिता होती है।

बैडमिंटन के ओलंपिक डेब्यू पर दोनों ही एकल स्वर्ण पदक पर इंडोनेशिया के एलन बुडीकुसुमा (Alan Budikusuma) और सूसी सुसांति (Susi Susanti) ने कब्ज़ा जमाया था। वहीं, कोरिया गणराज्य (दक्षिण कोरिया) ने दोनों युगल खिताब जीते थे।

टोक्यो 2020 से पहले तक चीन 18 स्वर्ण, 8 रजत और 15 कांस्य पदक के साथ इस खेल में सबसे आगे बना हुआ है।

दक्षिण कोरिया 7 स्वर्ण, 6 रजत और 6 कांस्य पदक के साथ दूसरे, इंडोनेशिया 6 स्वर्ण, 7 रजत और 6 कांस्य पदक के साथ तीसरे स्थान पर है।

डेनमार्क, जापान और स्पेन के नाम एक गोल्ड मेडल है, जबकि भारत की वुमेंस वर्ल्ड चैंपियन और रियो 2016 की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) की नज़र अपने देश के लिए पहला बैडमिंटन ओलंपिक खिताब हासिल करने पर होगी।

अब तक कुल दस खिलाड़ियों ने दो ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते हैं, लेकिन उनमें से केवल दो ही अपने एकल खिताब का बचाव करते हुए लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे हैं। 2004 और 2008 महिला चैंपियन झांग निंग (Zhang Ning) ने ये कारनामा कर दिखाया था और फिर लिन डैन (Lin Dan) वह खिलाड़ी हैं, जिन्होंने बीजिंग 2008 के अपने पुरुष एकल ख़िताब की रक्षा करने के लिए लंदन 2012 में ली चोंग वेई (Lee Chong Wei) को हराया था।

गाओ लिंग (Gao Ling) एक अकेली ऐसी बैडमिंटन खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कुल चार ओलंपिक पदक जीते हैं। 2000 और 2004 में दो मिश्रित युगल स्वर्ण पदक के साथ ही उन्होंने ओलंपिक खेलों में महिला युगल में कांस्य और रजत पदक भी जीते हैं।

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