जानिए बीच वॉलीबॉल का कैसा रहा है इतिहास और कैसे है ये इनडोर वॉलीबॉल से अलग

1996 ओलंपिक में पहली बार शामिल किए गए इस खेल के बारे में वह सभी जानकारी जो आपके लिए है ज़रूरी

बीच वॉलीबॉल दुनिया के सबसे लोकप्रिय मनोरंजक गतिविधियों में से एक है। इनडोर वॉलीबॉल जो 1895 में स्थापित हुआ था, उसी को देखते हुए और मनोरंजन बनाने के उद्देश्य से बीच वॉलीबॉल की शुरुआत हुई। बीच वॉलीबॉल को सांता मोनिका, कैलिफोर्निया में 1920 के दशक के शुरू में लोकप्रियता हासिल हुई थी, जहां यह छुट्टी के दिनों में आम लोगों के बीच एक गतिविधि के रूप में पसंद बन गया था।

खेल को कई कैलिफ़ोर्निया बीच क्लबों के बीच अपने संरक्षक मिले, जिन्होंने स्थानीय बीच वॉलीबॉल टूर्नामेंट की मेज़बानी की।

जबकि बीच वॉलीबॉल के नियम ज़्यादातर 1920 के दशक के खेल के इनडोर संस्करण के अनुरूप थे, सांता मोनिका एथलेटिक क्लब के खिलाड़ियों ने कोर्ट के दोनों ओर सिर्फ़ दो खिलाड़ियों के साथ प्रयोग करना शुरू किया, जो बाद में पेशेवर बीच वॉलीबॉल प्रारूप के लिए अपनाया गया।

1976 में लेबर डे वीकेंड पर, पैसिफिक पालिसैड्स, कैलिफोर्निया में विल रोजर्स स्टेट बीच ने अमेरिका के पहले पेशेवर बीच वॉलीबॉल टूर्नामेंट, बीच वॉलीबॉल के ओलंपिया विश्व चैम्पियनशिप की मेज़बानी की। UCLA ब्रुइनस युगल ग्रेग ली (Greg Lee) और जिम मेंगेस (Jim Menges) ने प्रतियोगिता जीती।

इनडोर और बीच वॉलीबॉल के बीच महत्वपूर्ण अंतर

मैच सेटिंग

इनडोर वॉलीबॉल के विपरीत, जहां दो प्रतिस्पर्धी टीमें प्रत्येक मैच में छह खिलाड़ियों को मैदान में उतारती हैं, बीच वॉलीबॉल में टीमें केवल कोर्ट में प्रति पक्ष सिर्फ़ दो ख़िलाड़ियों को कोर्ट में उतार सकती हैं। बीच वालीबॉल में कोई सब्स्ट्यूशन भी नहीं होता।

इनडोर वॉलीबॉल जहां हार्डकोर्ट पर खेला जाता है, तो बीच वॉलीबॉल एक रेत के कोर्ट पर दो टीमों के बीच खेला जाने वाला खेल है।

मैच टॉस के साथ शुरू होता है जो यह तय करता है कि कौन सी टीम पहले सर्व करेगी। टीम के दोनों खिलाड़ियों को एक अंक जीतने के बाद सर्विस में बदलाव करना होता है।

बीच वॉलीबॉल स्कोरिंग प्रणाली

बीच वॉलीबॉल तीन सेट वाला खेल होता है जबकि इनडोच वॉलीबॉल में मैच पांच सेट तक चल सकते हैं।

बीच वॉलीबॉल में पहले दो सेट तब तक खेले जाते हैं जब तक कि एक टीम 21 अंक तक नहीं पहुंच जाती - जबकि पहले चार सेटों के लिए इनडोर संस्करण में 25  अंक होते हैं। अगर आवश्यक हुआ तो तीसरा और अंतिम निर्णायक सेट, 15 अंकों का होता है।

बीच वॉलीबॉल में प्रत्येक रैली एक प्वाइंट के बराबर होती है और टीम को निर्धारित अंक तक पहुंचने के दौरान कम से कम दो प्वाइंट लेना होता है - पहले दो सेटों में 21 और तीसरे में 15 - प्रभावी रूप से सेट जीतने के लिए।

इसलिए, अगर पहले दो सेटों में स्कोर 20-20 है या निर्णायक में 14-14 है, तो सेट जारी रहता है, और ये तब तक चलता रहता है जब तक कि एक टीम दूसरे पर दो अंक की बढ़त नहीं बना लेती।

अगर दोनों में से कोई भी टीम पहले दो सेट नहीं जीतती है और खेल तीसरे और अंतिम सेट तक पहुंचता है तो टॉस से यह तय किया जाता है कि कौन सी टीम निर्णायक सेट में पहले सर्विस करेगी।

बीच वॉलीबॉल में खिलाड़ियों की पोज़ीशन

ब्लॉकर्स

ब्लॉकर्स वह खिलाड़ी है जो नेट की सुरक्षा करता है और प्रतिद्वंदी की स्पाइक्स को उसकी लंबी पहुंच और त्वरित सजगता से बचाता है।

डिफेंडर

डिफ़ेंडर कोर्ट के बाकी हिस्सों की रखवाली करता है और स्पाइक्स का पीछा करता है या कोर्ट के खुले इलाकों में शाट अप करता है। डिफेंडर आमतौर पर अपने साथी के मुक़ाबले अधिक चुस्त होते हैं क्योंकि यह कोर्ट में पहुंचने और रैलियों को जीवित रखने के लिए ज़बरदस्त तरीक़े से खेल को आगे बढ़ाते हैं।

हालांकि, इनडोर वॉलीबॉल के विपरीत, जहां प्रत्येक टीम में पांच परिभाषित भूमिका वाले खिलाड़ी होते हैं, बीच वॉलीबॉल में टीमें आमतौर पर अपने खिलाड़ियों को ब्लॉकर्स और डिफेंडर के रूप में उपयोग करती हैं, जो इस आधार पर होता है कि खिलाड़ी कोर्ट के दाईं ओर या बाईं ओर सुरक्षा कर रहा हो।

बीच वॉलीबॉल में एक प्वाइंट जीतना

कोर्ट पर कम खिलाड़ी और बीच वॉलीबॉल में बड़े खुले स्थान इनडोर वॉलीबॉल की तुलना में अंक बनाने के लिए कई रचनात्मक रास्ते खोलते हैं, जहां रैलियों का समापन करने के लिए मुख्य रूप से स्पाइक का उपयोग किया जाता है।

रोल शॉट तब होता है जब एक खिलाड़ी नेट पर गेंद को लूप करता है और एक विरोधी ब्लॉक पर बहुत सारे टॉप स्पिन के साथ होता है जो इसे एक तेज़ गति देता है, जिससे डिफेंडर को प्रतिक्रिया देने और रैली को जीवित रखने के लिए सेकंड्स का कुछ हिस्सा ही मिलता है।

एक कट शॉट वह होता है जब एक खिलाड़ी गेंद को कोर्ट में रेत में मारता है और सामने वाले खिलाड़ी के आधे हिस्से में नेट के करीब पहुंच जाता है, जिससे डिफ़ेंडर के लिए पढ़ना और वहां से शॉट निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है।

पोके वह होता है जब कोई खिलाड़ी कोर्ट पर खुले स्थानों पर गेंद को गिराने के लिए अपने पोर (Knuckles) का उपयोग करता है।

इनडोर वॉलीबॉल के विपरीत, एक खिलाड़ी केवल दो बार गेंद को छू सकता है, अगर पहला स्पर्श एक प्रयास किए गए ब्लॉक के ज़रिए से आया हो।

सर्विस के दौरान अंतिम छोर (एंड लाइन) पर क़दम रखते हुए, नेट के पार गेंद को मारने से पहले तीन टच ही किया जा सकता है और गेंद को एक खिलाड़ी को मारते हुए बाहर उछालते हैं; बीच वॉलीबॉल में इससे प्वाइंट ज़ाया होता है।

बीच वॉलीबॉल का कोर्ट आकार और उपकरण

कोर्ट पर खिलाड़ियों की कम संख्या और रेत पर चपलता के साथ आगे बढ़ने में कठिनाई के कारण, कोर्ट का आकार छोटा होता है, और इनडोर वॉरिएंट की तुलना में बीच वॉलीबॉल में गेंद हल्की होती है।

FIVB दिशानिर्देशों के अनुसार, एक समुद्र तट पर वालीबॉल कोर्ट 16 मीटर (52.5 फीट) लंबी और 8 मीटर (26.2 फीट) चौड़ी होती है।

बीच वॉलीबॉल में नेट की ऊँचाई इनडोर वॉलीबॉल के समान होती है, यानी पुरुषों के लिए 2.43 मीटर (7.97 फीट) और महिलाओं की प्रतियोगिता के लिए 2.24 मीटर (7.35 फीट) लंबी होती है।

FIVB नियमों के अनुसार, एक बीच वालीबॉल का आकार 2.48-3.20 पीएसआई के साथ 66-68 सेंटीमीटर (25.98-26.77 इंच) की परिधि के साथ 260-280 ग्राम (9.2-9.87 औंस) के बीच होना चाहिए।

ओलंपिक में बीच वॉलीबॉल

बीच वॉलीबॉल बार्सिलोना 1992 में एक प्रदर्शनी खेल था और अटलांटा 1996 में इसके बाद के संस्करण में पुरुषों और महिलाओं की श्रेणी में पहली बार इसे शामिल किया गया।

मेंस बीच वॉलीबॉल टूर्नामेंट

अटलांटा 1996 में संयुक्त राज्य अमेरिका के पुरुषों के बीच वॉलीबॉल टूर्नामेंट का वर्चस्व था। करच किरील (Karch Kiraly) और केंट स्टेफ़्स (Kent Steffes) ने दो सेट जीते और हमवतन माइक डोड (Mike Dodd) और माइक व्हिटमार्श (Mike Whitmarsh) को हराकर फाइनल में अमेरिकियों के लिए 1-2 की बढ़त बनाई।

सिडनी 2000 में, अमेरिकी जोड़ी डेन ब्लैंटन और एरिक फोनिमोइना ने ब्राजील के जोड़ीदार ज़ेड मार्को डी मेलो और रिकार्डो सैंटोस की जोड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। एथेंस 2004 में, सांतोस ने इमैनुएल रेगो में एक नई टीम के साथ वापसी की और एक बेहतर प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें स्वर्ण पदक दिलाया और ओलंपिक में पुरुषों के बीच वॉलीबॉल इवेंट में संयुक्त राज्य अमेरिका के वर्चस्व पर विराम लगाया।

ब्राज़ील की जोड़ी को बीजिंग में कांस्य से ही संतोष करना पड़ा, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका के फिल डलहौसर और टॉड रोजर्स ने स्वर्ण पदक जीता, जिसके बाद ओलंपिक में संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए चार में से तीन स्वर्ण हो गए।

जर्मनी के जूलियस ब्रिंक और जोनास रकरमैन ने लंदन 2012 में स्वर्ण पदक जीता, जबकि रियो 2016 में ब्राजील के एलिसन सेरुट्टी और ब्रूनो श्मिट ने पोडियम पर खड़े होकर अपने देश को गौरवान्वित किया।

1996 में अटलांटा खेलों को छोड़कर पुरुषों के बीच वॉलीबॉल टूर्नामेंट के हर फाइनल में एक ब्राजीलियाई जोड़ी ज़रूर दिखी है।

वुमेंस बीच वॉलीबॉल टूर्नामेंट

अटलांटा 1996 में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में पहली बार महिलाओं के बीच वॉलीबॉल टूर्नामेंट को जीतने के लिए ब्राजील की सैंड्रा पाइरेस और जैकी सिल्वा ने हमवतन मोनिका रोड्रिग्स और एड्रियाना सैमुअल को शिकस्त दी थी।

वे अब कहां हैं? जैकी सिल्वा जैसे दिग्गज हमेशा रहेंगे जिंदा

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सिडनी 2000 में अटलांटा ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी नताली कुक और केरी पोथर्स्ट ने अपने देश को स्वर्ण पदक दिलाया था।

एथेंस 2004 ने ग्रीष्मकालीन ओलंपिक इतिहास में सबसे रोमांचक प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

लॉस एंजिल्स के कैलिफॉर्निया की जोड़ी मिस्टी मे-ट्रेनीर और सांता क्लारा के केरी वाल्श जेनिंग्स ने महिलाओं के बीच वॉलीबॉल स्वर्ण पदक जीता और फिर इन्होंने यूएसए के जीत की हैट्रिक भी लगाई। यह जोड़ी एथेंस 2004, बीजिंग 2008 और लंदन 2012 में फ़ाइनल में सीधे सेटों में जीती थी।

इतना ही नहीं केरी वाल्श जेनिंग्स ने अप्रैल 2016 में रियो में रॉस के साथ मिलकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया, जबकि जर्मन जोड़ी लॉरा लुडविग और किरा वॉकेनहॉर्स्ट ने अपने देश के लिए बीच वॉलीबॉल में दूसरा स्वर्ण पदक जीता।

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