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ISL के 6 सर्वश्रेष्ठ मुक़ाबले: शानदार फ़ाइनल से लेकर 9 गोल वाले मैच की कहानी

पहले 6 संस्करणों में इंडियन सुपर लीग ने कुछ बेहतरीन मुकाबलों का साक्षी बनाया है। आइए देखते हैं उनमें से 6 लाजवाब मैचों की झलक।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

इंडियन सुपर लीग (Indian Super League – ISL) अपने 7वें सीज़न को आयोजित करते हुए आगे बढ़ रहा है और आज भी यह प्रतियोगिता नई और ताज़ा लगती है।

2014 में पहली बार इस भारतीय फुटबॉल लीग की शुरुआत की गई थी और तब से लेकर अब तक इस प्रतियोगिता ने बहुत से ऐसे पल और मुकाबले दिए हैं जो भारतीय फुटबॉल इतिहास और भारतीय फैंस के दिलों में हमेशा के लिए बस गए हैं।

आइए इन्हीं कुछ ख़ुशनुमा ISL मुकाबलों पर डालते हैं एक नज़र

चेन्नईयिन एफसी बनाम केरला ब्लास्टर्स एफसी – 2014 ISL सेमीफाइनल सेकंड लेग

दक्षिण भारत की ये दो टीमें जब भी एक दूसरे के आमने सामने आती हैं तो मानों इनका जोश अलग ही स्तर पर होता है। ऐसा ही एक मुकाबला इंडियन सुपर लीग 2014 के सेमीफाइनल में भी रहा।

उस सीज़न पहले लेग में भिड़ते हुए केरला ब्लास्टर्स एफसी (Kerala Blasters FC) ने चेन्नईयिन एफसी (Chennaiyin FC) को 3-0 से मात दी और अपने श्रेष्ठ होने का प्रमाण पेश किया। इसके बाद दूसरे लेग में चेन्नईयिन एफसी अपने घर यानी मरीना एरीना में खेल रही थी तब उन्होंने अपने प्रतिद्वंदियों को मानों नाको चने चबवा दिए।

पूर्व मैनचेस्टर यूनाइटेड स्टार मिकाइल सिल्वेस्टर (Mikael Silvestre) ने अपनी टीम के लिए पहला गोल दागा। इसके बाद मार्को मातेराज़ी (Marco Materazzi) ने पेनल्टी से शूट कर गेंद को गोल पोस्ट के अंदर डाला लेकिन इस गोल को अमान्य घोषित किया गया। इसके बाद उन्हें दोबारा मौका दिया, और फिर उन्होंने गेंद को गोल के खम्बे पर मार दी और स्कोर चेन्नईयिन एफसी के पक्ष में 2-0 से नहीं जा पाया।

चेन्नईयिन एफसी एक जज़्बे के साथ आगे बढ़ रही थी और कहते हैं न कि बहादुर का साथ भी भगवान देता है और चेन्नईयिन एफसी के साथ भी ऐसा ही हुआ जब संदेश झिंगन (Sandesh Jhingan) ने 76वें मिनट में खुद का ही गोल कर दिया और स्कोर 2-0 हो गया। इसके जेजे लालपेखलुआ (Jeje Lalpekhlua) ने अंतिम मिनटों में एल गोल और कर स्कोर को 3-0 कर दिया।

घरेलु प्रशंकों के साथ और भारी स्कोर बोर्ड के साथ चेन्नईयिन एफसी आगे बढ़ रही थी लेकिन अतिरिक्त समय में केरला ब्लास्टर्स के लिए स्टीफन पीयरसन (Stephen Pearson) ने ज़बरदस्त खेल दिखाया और एक गोल किया।

इस स्कॉटिश ने 117वें मिनट में स्कोर को 3-1 कर दिया था और मुकाबले का अंतिम स्कोर चेन्नईयिन एफसी के हक में 4-3 से रहा। ISL के इस मुकाबले में 3 रेड कार्ड भी बांटे गए थे।

एफसी गोवा बनाम चेन्नईयिन एफसी – 2015 ISL फ़ाइनल

यह बात है 20 दिसंबर, 2015 की जब एफसी गोवा ने चेन्नईयिन एफसी को ISL फाइनल में होस्ट किया। खिताब एक, टीमें दो और प्रशंसक करोड़ों।

ब्राज़ील के जीको द्वारा कोचिंग लेकर आगे चल रही एफसी गोवा के सामने मातेराज़ी थे यह रोमांच को और बड़ा करने के लिए काफी था।

पहले हाफ में कोई गोल ही नहीं हुआ और सभी मानों उस एक मौके का इंतज़ार कर रहे थे जहां वह अपनी अपनी टीम को बढ़त दिला पाएं। 53वें मिनट में एफ्सी गोवा के गोलकीपर लक्ष्मीकांत कट्टीमानी (Laxmikant Kattimani) ने एल बेहतरीन पेनल्टी को रोका लेकिन रीबाउंड के दौरान ब्रूनो पेलिसारी (Bruno Pelissari) ने इस मौके को भुनाया और गोल अपने हक में कर लिया। इसके बाद गौर्स ने भी चालाकी दिखाते हुए गोल कर स्कोर को बराबर किया और उनके लिए इस बार हीरो थोंगकोसीम हाओकिप (Thongkhosiem Haokip) बनें।

2 मिनट बाद कट्टीमनी एक बार फिर गेंद को गोल के अंदर जाने से रोका। यह प्रहार स्टीवन मेंडोज़ा (Stiven Mendoza) ने फ्री किक के दौरान किया। इसके बाद जोफ्रे (Jofre) ने अपनी कला दिखाते हुए 87वें मिनट गोल कर एफसी गोवा को 2-1 से बढ़त दे दी।

अतिरिक्त समय में चेन्नईयिन एफसी के मेंडोज़ा ने जीत की भरपूर कोशिश की। कोलंबिया के इस स्ट्राइकर के प्रहार और बनाए दबाव की वजह से गोवा के डिफ़ेंस को अपना खुद का गोल मारने के लिए मजबूर कर दिया। ISL 2015 गोल्डन बूट विजेता आखिरी मिनटों में गोल कर चेन्नईयिन एफसी को 3-2 के स्कोर के साथ उनको ISL टाइटल जितवाया।

ड्रामा यही ख़त्म नहीं हुआ बल्कि मुकाबले के बाद दोनों टीमों के बीच तनाव देखा गया और यह प्रतिद्वंदिता आज तक जीवित है।

एफसी गोवा बनाम चेन्नईयिन एफसी – 2016 ISL मुकाबला 53

ऐसा लग रहा तह कि यह स्पर्धा 2015 फाइनल के बाद वहीं से आगे बढ़ी जहां इन दोनों टीमों ने इसे छोड़ा था। इस बार दोनों ही टीमें पॉइंट्स टेबल के निचले हिस्से में थी और जीत की दरकार दोनों को ही बहुत थी।

पहले 10 मिनट में 2 गोल और पहले हाफ में कुल 5 गोल दागे गए जिस वजह से चेन्नईयिन एफसी 3-2 से आगे चल रही थी। एफसी गोवा के साहिल तवोरा (Sahil Tavora) ने दूसरे हाफ में एक सब्स्टीट्यूट के नाते मुकाबले में आए और उन्होंने अपनी टीम के लिए एक गोल भी किया।

पूर्व लिवरपूल दिग्गज जॉन आर नेट राइज़ (John Arne Riise) ने पेनल्टी किक को गोल में तब्दील कर को 2 मिनट पहले एक नई उम्मीद दी लेकिन मानों तवोरा को कुछ और ही मंज़ूर था। इस युवा खिलैद ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल मारा और गौर्स को 5-4 से विजयी करा दिया।

अभी तक यह मुकाबला ISL के इतिहास में संयुक्त सबसे ज़्यादा गोल देखे जाने वाला मुकाबला है। इसमें कुल 9 गोल हुए थे।

ATK बनाम दिल्ली डाइनेमोज़ एफसी - 2017-18 ISL मुकाबला 81

ISL सीज़न 4 में ATK और दिल्ली डाइनेमोज़ एफसी (Delhi Dynamos FC) के बीच हुए इस मुकाबले ने सभी के दिल चुरा लिए थे।

1-1 से बराबर चल रहे मुकाबले में ATK की ओर से टॉटनहम हॉटस्पर (Tottenham Hotspur) स्टार रोबी कीन (Robbie Keane) ने ज़बरदस्त खेल दिखाया और स्कोर 3-1 से अपने हक में कर लिया था। आखिरी के 30 मिनट में दिल्ली डाइनेमोज़ एफसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम की वापसी कराई।

69वें मिनट में कालू ऊचे (Kalu Uche) ने मुकाबले का अपना दूसरा गोल मारकर अपने प्रतिद्वंदियों को हार की कगार पर छोड़ दिया था। इसके बाद सुपर सब के रूप में आए मैटिस मिराबाजे (Matias Mirabaje) ने गोल किया और दिल्ली डाइनेमोज़ को 4-3 से जीत दिलवाई।

बेंगलुरु एफसी बनाम एफसी गोवा - 2018-19 ISL फाइनल

सीज़न 5 में चेन्नईयिन एफसी के हाथों मात खाने वाली बेंगलुरु एफसी (Bengaluru FC) के पास अब ख़िताब जीतने का एक और मौका था और वह इस बार भीड़ रहे थे एफसी गोवा के ख़िलाफ़।

शुरूआती दौर में एफसी गोवा का खेल सिर चढ़ कर बोल रहा तह और फील्ड पर उनका दबदबा भी दिखाई दे रहा था। 90 मिनट के खेल में कोई भी टीम गोल न कर सकी और ऐसे में मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में चला गया, अहमद जौह (Ahmed Jahouh) को रेड कार्ड मिलने के बाद एफसी गोवा की टीम अब महज़ 10 खिलाड़ियों की रह गई थी।

अब ऐसा लग रहा था कि इस फाइनल मुकाबले का परिणाम पेनल्टी के रूप में निकाला जाएगा लेकिन तभी डिफेंड राहुल भेके (Rahul Bheke) ने कॉर्नर से शानदार शॉट मार कर एक गोल किया और बेंगलुरु एफसी को उनका पहला ISL टाइटल मिल गया।

ATK बनाम बेंगलुरु एफसी – 2019-2020 ISL सेमीफाइनल सेकंड लेग

बेंगलुरु एफसी अब कोलकाता पहुंच चुकी थी और पहली लेग में वह 1-0 से विजयी भी रही थी। मुकाबला शुरू हुआ और ATK ने 5वें मिनट में गोल किया और जीत की ओर चल पड़े।

2-0 एग्रीगेट एडवांटेज और अवे गोल को अपने पास रखते हुए सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) और उनकी टीम सही दिशा में जा आ रही थी। लीग में सर्वश्रेष्ठ डिफ़ेंस को साथ रखते हुए ब्लूज ने ATK को अटैक करने पर मजबूर कर दिया।

खेल वही है जहां कोई खिलाड़ी कभी हार न मानें और रॉय कृष्ण (Roy Krishna) ने भी एक गोल मार कर कुछ ऐसा ही किया। 80 मिनट तक स्कोर अब 3-1 हो चुका था।

स्कोर 3-2 एग्रीगेट के साथ यह जीत ATK के लिए फाइनल में प्रवेश करने के लिए काफी थी।

प्रमुख तस्वीर: इंडियन सुपर लीग