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भारत के लिए ओलंपिक गेम्स के साल की शुरुआत शानदार 

साल 2020 में जनवरी के महीने में भारत ने बटोरी खूब कामयाबी| एक नज़र उन सुनहरे पलों पर

लेखक जतिन ऋषि राज ·

इस लेख में साल 2020 के जनवरी के महीने में भारत को मिले शानदार पलों का ज़िक्र किया गया है|

रोम में भारतीय पहलवानों का दिखा दम

साल 2020 की शुरुआत भारतीय रेसलिंग के लिए शानदार रही| रोम में हुए माटेयो पेलिकोन मेमोरियल में भारतीय खेमे ने 4 गोल्ड मेडल अपने नाम किए| कुल मिलाकर भारत ने 6 मेडल पर कब्ज़ा किया और अपनी तैयारी का प्रमाण दिया| प्रतियोगिता में विनेश फोगाट ने गोल्ड मेडल जीत अपनी वापसी का एलान किया| फोगाट ने इस जीत को 53 किग्रा में खेलते हुए अपने नाम किया और टोक्यो 2020 साल की शुरुआत में ही देश प्रेमियों के हौसले बुलंद कर दिए|

इसी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे बजरंग पुनिया ने यूएसए के जोर्डन ओलिवर को 65 किग्रा में मात दे कर गोल्ड मेडल की चमक पर हक जमाया| तो वहीं रवि दहिया (61 किग्रा) और गुरप्रीत सिंह (82 किग्रा) ने भी अव्वल रहकर पोडियम के सबसे ऊपरी स्थान पर खुद को खड़ा किया|  गज़ब तो तब हुआ जब 18 वर्षीय अंशु मलिक ने सीनियर स्तर पर खेलते हुए फाइनल तक का सफ़र तय किया| अंशु ने इस दौरान स्पेन की मारिया विक्टोरिया बैज़ डेलियोन, कनाडा की लिंडा मोरिस और नॉर्वे की ग्रेस जैकब के सामने कौशल दिखाते हुए मैट पर कब्ज़ा किया|

नाविका नेथरा कुमानन का लक्षय टोक्यो 2020

सेलिंग एक ऐसा खेल है जिसमें भारत की रूचि ज़रा कम है| जीत तो दूर की बात है, भारत की ओर से इस खेल को खेलने के लिए खिलाड़ी भी कम हैं| नेथरा कुमानन ने सेलिंग और जीत के फासले को हटाया और मेडल जीतने वाले पहली भारतीय सेलर बनीं| कुमानन ने हेम्पल वर्ल्ड कप सीरीज़ के दौरान ब्रॉन्ज़ मेडल जीत कर भारत को सम्मानित किry 25.

इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने इस बार भारत के ओलंपिक गेम्स में भी जाने की उम्मीद जगा दी है| कुमानन अगर टोक्यो 2020 तक का सफ़र तय कर लेतीं हैं तो पूरा देश इनकी जीत की कामना करेगा और सेलिंग जैसे खेल में खुद के अस्तित्व को बनाने की कोशिश करेगा| मार्च में होने वाली एशियन सेलिंग चैंपियनशिप कुमानन के लिए टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने का एक सुनहरा मौका है|नेथरा कुमानन ने कहा “मैं अपने देश के लिए जीत हासिल करने की पूरी कोशिश करूंगी और अगर ऐसा होता है तो अगस्त के महीने में टोक्यो भी जाने का मौका मिलेगा|”

एफआईएच प्रो लीग की शुरुआत जीत के साथ

भारतीय मेंस हॉकी ने एफआईएच प्रो लीग के अपने पहले संस्करण की शुरुआत नीदरलैंड को हराकर की।

पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने अपने प्रतिद्वंदी को 5-2 से हराकर फील्ड पर फतह की और अगले मुकाबले को भी 3-3 (शूटआउट) के ज़रिए अपने हक में रखा| भारत के अगला प्रो लीग मुकाबला विश्व नंबर 1 बेल्जियम के खिलाफ 8 और 9 फरवरी को होंगे|  

माँ बनने के बाद सानिया मिर्ज़ा की वापसी जीत के साथ

जब सबको लगा कि भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा ने खेल से मुह मोड़ लिया है तब ही इस दिग्गज ने वापसी कर अपना इरादा साफ़ कर दिया|

माँ बनने के बाद पहली बार कोर्ट पर उतरी सानिया मिर्ज़ा ने यूक्रेन कीनादिया किचेनोक  के साथ जोड़ी बनाकर होबार्ट इंटरनेशनल को फतह किया| इस जोड़ी ने चीनी जोड़ी झांग श और पेंग शुआई को 6-4, 6-4 से मात दी और टाइटल अपने नाम किया|

ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलती मिर्ज़ा को चोट लगने के कारण प्रतियोगिता को बीच में छोड़ना पड़ा लेकिन टेनिस जगत में अपनी वापसी की खबर उन्होंने ज़रा धूम से सुनाई।

मैरी कॉम और पी वी सिंधु के नाम बड़े पुरस्कार

जहां खिलाड़ियों ने कहीं वापसी की, तो कहीं युवा खिलाड़ियों ने अपने भविष्य का प्रमाण दिया| इसी बीच भरतीय दिग्गज बॉक्सर मैरी क को 26 जनवरी को पद्म विभूषण से सम्मानित करने का एलान किया गया| इतना ही नहीं, ओलंपिक गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुकी पीवी सिंधु को भी पद्म भूषण, से सम्मानित करने की घोषणा हुई|

इनके अलावा पद्म श्री से भी कुछ खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा और वे हैं महिला हॉकी कप्तान रानी रामपाल, पूर्व क्रिकेटर ज़हीर खान, पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम्पी गणेश, शूटर जितु राय, पूर्व भारतीय महिला फुटबॉल कप्तओइनम बेमबेम देवी और आर्चर तरुणदीप राय|

 खेलो इंडिया यूथ गेम्स में महारष्ट्र का बोल बाला 

जनवरी में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स ने भारत के युवा खिलाड़ियों को दहाड़ते हुए देखा| साल 2020 की शुरुआत में भारत के दिग्गज खिलाड़ियों ने तो दम दिखाया ही, लेकिन भारत के युवा खिलाड़ियों ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स के ज़रिए अपने भविष्य का प्रमाण दिपिछले संस्करण की तरह ही महारष्ट्र ने सबसे उम्दा प्रदर्शन दिखाया और अपने टाइटल को डिफेंड किया| 2020 संस्करण में महारष्ट्र के हाथ 78 गोल्ड, 77 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज़ मेडल आए| हरियाणा ने भी खेलो इंडिया यूथ गेम्स में दम दिखाते हुए 68 स्वर्ण, 60 रजत और 72 कांस्य पदक पर कब्ज़ा किया।