ओलंपिक परिवार रेफ्यूजी निशानेबाज़ों के सपने को पूरा करेगी - कैंप्रियानी

भले ही वह अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन इटली के ओलंपिक चैंपियन निकोलो कैंप्रियानी को लगता है कि रेफ्यूजी निशानेबाज़ टोक्यो में अपने घर पर होंगे।

ओलंपिक में किसी देश का प्रतिनिधित्व करना एक एथलीट के खेल जीवन का बड़ा सपना होता है। कुछ लोग अलंपिक खेलों में पदक जीतने के लिए एक कदम और आगे बढ़ जाते हैं, जबकि अन्य लोगों के लिए यह अपने झंडे के नीचे खेलने का एक मौका होता है, जो बाकी सभी चीज़ों को भुला देता है।

कुछ लोग खेलों में पदक जीतने के लिए एक कदम और आगे बढ़ जाते हैं, जबकि अन्य लोगों के लिए यह अपने ध्वज के लिए खेलने का अवसर होता है जो बाकी सब को रौंद देता है।

तीन रेफ्यूजी निशानेबाज़ों महदी (Mahdi), खौला (Khaoula) और लूना (Luna) का एकमात्र लक्ष्य ओलंपिक के लिए अपनी जगह पक्की करना है। उन्हें प्रशिक्षण और सलाह देने के साथ ही पूर्व इतालवी शूटर निकोलो कैंप्रियानी (Niccolo Campriani) को इस बात का एहसास होता है कि उनके निशानेबाज़ अगर टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई कर लेते हैं तो वह किसी भी देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएंगे।

लेकिन यह उनके हौंसले को कभी भी नहीं रोक पाएगा।

उन्होंने पिछले सप्ताह एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा, “आप जानते हैं, जब खौला की बात आती है तो वह वास्तव में उस देश का प्रतिनिधित्व करना पसंद नहीं करेगी जहां वह बड़ी हुई है। लेकिन जिस देश में उसका जन्म हुआ, वह उसका प्रतिनिधित्व जरूर करना चाहेगी। सच कहूं तो यह मुश्किल है।”

बेहद दिलचस्प हैं ये बातें

उन्होंने कहा, “वास्तव में यह एक समुदाय से जुड़े होने की भावना के बारे में है। इसीलिए 206 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियां (NOCs) स्टेडियम में (राष्ट्र की परेड के दौरान) चक्कर लगाती हैं और अपने-अपने देश का प्रतिनिधित्व करती हैं।”

“वहीं, मुझे लगता है कि मेरे खेल करियर में मेरे दो परिवार थे। एक इटालियन टीम थी और दूसरी मेरी (शूटिंग) स्पोर्ट्स कम्युनिटी थी। मैं जो कहना चाहता हूं, वह यह है कि वे किसी अलग समुदाय का हिस्सा भी बन सकते हैं। अगर यह सच्च भी होता है तो वे अपने देश का प्रतिनिधित्व करने की बजाय किसी समुदाय का प्रतिनिधित्व करेंगे।”

अपने खुद के करियर और अब तक रेफ्यूजी निशानेबाज़ो के साथ सफर करते हुए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय इवेंट में उन्हें प्रतिस्पर्धा करते हुए देखकर होने वाले अनुभव को उदाहरण के तौर पर लेते हुए निकोलो कैंप्रियानी को विश्वास है कि अगर निशानेबाज़ टिकट हासिल करने के लिए तैयार हैं तो उन्हें ओलंपिक खेलों का अनुभव जरूर मिलेगा।

उन्होंने कहा, "जब हमने वर्ल्ड कप में प्रतिस्पर्धा की थी तो मैं यह महसूस कर सकता था। हर कोई उनकी कहानी को जानने और उनका समर्थन करने के लिए उत्सुक था।”

उन्होंने आगे कहा, “यह एक समुदाय का हिस्सा बनने का थोड़ा अलग तरीका है। लेकिन यह अभी भी एक समुदाय से संबंधित है। मेरी बात की जाए तो मैं खुद को अपने साथियों के बेहद करीब महसूस करता हूं। जैसे कि अभिनव (बिंद्रा) के साथ, मेरा मतलब है कि हम एक साथ बड़े हुए हैं। मैंने 2007 से अपनी मां से अधिक अभिनव के साथ समय बिताया है। मुझे लगता है कि अभिनव और मुझमें कई समानताएं हैं। मैं नेपल्स से किसी मुक्केबाज़ को नहीं जानता था।”

इसके अलावा, महदी अफगानिस्तान के झंडे के नीचे रहते हुए प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में इतालवी अगले साल होने वाले ओलंपिक खेलों में एक अद्भुत नज़ारा देखने की उम्मीद कर रहा है।

एक सिल्वर मेडल की उम्मीद के साथ अपनी बात को समाप्त करते हुए उन्होंने कहा, “अगर मैं गलत नहीं हूं तो रेफ्यूजी (ओलंपिक) टीम ग्रीस के बाद यहां उद्घाटन समारोह में स्टेडियम का चक्कर लगाएगी। दिलचस्प बात यह है कि अल्फाबेटिकल आर्डर के चलते अफगानिस्तान की टीम के पीछे सभी टीमें चलती हुई देखी जाएंगी। अगर वे दोनों कामयाब (ओलंपिक टिकट हासिल करने में) रहते हैं तो मुझे उम्मीद है कि मैं वहीं कहीं बीच में मौजूद रहूंगा।”

रेफ्यूजी निशानेबाजों के साथ निकोलो कैंप्रियानी के सफर को ओलंपिक चैनल की ओरिजनल सीरीज़ ‘टेकिंग रेफ्यूज़ी: टार्गेट टोक्यो 2020’ में अच्छी तरह से प्रदर्शित किया गया है।

यह सीरीज़ ओलंपिक चैनल की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

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