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विश्व रिकॉर्ड से बेहतर खेल दिखाने के बाद भी जमीन पर हैं दिव्यांश सिंह पंवार के पांव

विश्व नंबर एक पंवार जीत का जश्न मनाने से पहले ओलंपिक में दोहराना चाहते हैं ऐसा ही प्रदर्शन

लेखक भारत शर्मा ·

दिव्यांश सिंह पंवार T-3 राष्ट्रीय शूटिंग ट्रायल में बेहतर शुरुआत नहीं कर पाए थे और उन्होंने बेहद कमजोर स्कोर दर्ज किया था। वह क्वालीफायर में 10वें पायदान पर रहे और T-3 ट्रायल के फाइनल राउंड में भी जगह नहीं बना पाए थे।

विश्व नंबर एक निशानेबाज और टोक्यों में भारत की पदम उम्मीद के लिए एक क्वालीफायर में निराशजनक प्रदर्शन सहने योग्य नहीं था।

पंवार ने ओलंपिक चैनल से कहा, "मैं ठीक से सो नहीं सका। आधी नींद आई, आधी नहीं। मैंने अपने दोस्त को भी नहीं सोने दिया। मैंने उनके बात करके बहुत सीखने की कोशिश की। उन्होंने मुझे बहुत सपोर्ट किया, लेकिन मैं पूरी तरह से कमजोर महसूस कर रहा था। मानो कि टूट सा गया था। यह ऐसा था जैसे मैं अगले दिन भी प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकता, लेकिन उन्होंने मुझे बहुत प्रेरित किया। सुबह सबकुछ ठीक हो गया, लेकिन रात बिताना मुश्किल था।"

इसके लिए जरूरी था कि वह इसकी तह तक जाए और उसके खराब प्रदर्शन के पीछे के कारणों का पता लगाए।

उन्होंने खुद के पद्रर्शन का आंकलन करने हुए कहा, "मैं स्कोर ओरिएंटेड हो गया था। मैं बिना किसी कारण के बार स्कोर बोर्ड को देख रहा था। लक्ष्य गौण हो गया था। ईमानदारी से कहूं तो मैंने अपना मन बना लिया था कि मैं ऐसा नहीं करूंगा, लेकिन फिर भी मैंने ऐसा ही किया।"

इस निराशा के बाद पंवार ने एक चैंपियन की तरह फिर से खुद को तैयार किया और असफलता को धूल चटा दी। T-4 क्वालीफायर में उन्होंने

अपनी बेहतरी फार्म से बढ़कर प्रदर्शन किया। उन्होंने 629.7 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। दिल्ली के पार्थ मखीजा 630.3 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहे।

फाइनल में उन्होंने साथी टोक्यो बाउंड निशानेबाज ऐश्वर्या प्रताप सिंह तोमर के साथ एक कड़ा मुकाबला किया।

23 शॉट्स के बाद उन्होंने 242.2 का स्कोर किया। 24वें शॉट पर पंवार ने बुल आइज पर एक सटीक निशाना साधते हुए 10.9 अंक अर्जित किए और तोमर को 10.4 से संतोष करना पड़ा।

18 वर्षीय ने कहा, "24वें शॉट से पहले मैंने खुद से कहा कि मुझे 10.9 अंक प्राप्त करने है और इसके अलावा कुछ नहीं चाहिए। मैंने इसे अपने दिमाग में बार-बार 10.9, 10.9 का उच्चारण किया। मैंने भी अपने दिमाग में इस प्रक्रिया की कल्पना की थी। अच्छी बात यह है कि बाद में मैने इसे अंजाम तक पहुंचा दिया।"

राजस्थान में जन्मे एथलीट 10 मीटर राइफल स्पर्धा में नेक-टू-नेक फाइट में शानदार जीत हासिल की। उन्हें लगता है कि यह उन्हें और भी बेहतर तैयार करने के लिए प्रेरित करेगी।

उन्होंने कहा, "हर कोई खुद को (ओलंपिक के लिए) बहुत अच्छी तरह से तैयार कर रहा है। मैं खुद को (उनसे) बेहतर तैयार करने की कोशिश करूंगा।"

पंवार ने 253.1 के स्कोर के साथ यू हॉनन के रिकॉर्ड को तोड़ने हुए ट्रायल को खत्म किया। हॉनन ने 2019 में रियो में विश्व कप की शूटिंग के दौरान 252.8 स्कोर कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। हालांकि, इस जीत के बाद भी पंवार ने अपने पैरों को मजबूती से जमीन पर रखा है। उन्होंने अब अपना पूरा फोकस ओलंपिक पर टिका दिया है।

उन्होंने कहा, "यह जीत मेरे लिए ज्यादा मायने नहीं रखती है। यह मेरे लिए एक सामान्य प्रशिक्षण की तरह है। अगर मुझे यह स्कोर ओलंपिक में या विश्व कप में या फिर राष्ट्रमंडल खेलों में भी मिला होता तो इसके बहुत अधिक मायने होते। मैं सातवें आसमान पर होगा।"

बहुत कम समय में उन्होंने अविश्वसनीय प्रगति की है। उनके नाम छह स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य है और अभी उन्हें अंतरराष्ट्रीय सर्किट में पांच साल पूरे नहीं हुए हैं।

निशानेबाज़ अपने दबाव के लिए प्रसिद्ध हैं, दबाव में वह और भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं। यदि पंवार इन स्तरों पर बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं तो टोक्यो ओलंपिक में वह पूरे भारत को उत्साहित करेंगे।