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हैप्पी वैलेंटाइन्स डे: जब पदक पर निशाना लगाने वालों ने एक दूसरे के दिलों पर चलाया मुहब्बत का तीर

साइना-कश्यप से कार्तिक-पालीकल, भारतीय खेल जगत में ऐसी कई प्रेमी जोड़ियां हैं। आइए उनमें से कुछ ख़ास पर डालते हैं एक नज़र

लेखक सैयद हुसैन ·

पूरी दुनिया में मुहब्बत का दिन यानी वैलेंटाइन्स डे (Valentine’s Day) धूम-धाम से मनाया जा रहा है, इसलिए हम भी आपके लिए लेकर आए हैं एक ऐसी फ़ेहरिस्त जहां आप मशहूर भारतीय खेल जोड़ियों और उनकी प्रेम कहानियों के बारे में जान सकते हैं।

साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप

इसमें कोई शक नहीं है कि भारत के दो दिग्गज शटलर साइना नेहवाल (Saina Nehwal) और पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) की प्रेम कहानी के पीछे बैडमिंटन ही है।

इस ख़ूबसूरत प्रेम कहानी की शुरुआत हुई थी 1997 में एक ट्रेनिंग कैंप के दौरान, जहां से इनकी मुहब्बत परवान चढ़ी और फिर उन्होंने अपने-अपने परिवार को मनाते हुए हमेशा के लिए एक दूसरे के साथ प्यार के बंधन में बंध गए।

कश्यप ने अपने उन प्यार भरे दिनों के बारे में दिलचस्प बातें साझा कीं।

“हमने काफ़ी समय तक एक दूसरे के साथ समय बिताया। हमारा बचपना था कि शुरू में हमने अपने साथियों से इस बात को छिपाए रखा। हम इसे राज़ को किसी के सामने नहीं लाना चाहते थे, हम शर्मीले भी थे और डरते भी थे।“

ये प्रेमी जोड़ी आख़िरकार 2018 में शादी के बंधन में बंध गए और फिर कई बार पारुपल्ली कश्यप कोच की भूमिका में भी साइना के साथ नज़र आए।

अतानु दास और दीपिका कुमारी

भारतीय तीरंदाज़ दीपिका कुमारी (Deepika Kumari) और अतानु दास (Atanu Das) की प्रेम कहानी भी किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं है।

जमशेदपुर में स्थित टाटा एकेडमी में साथ-साथ तीरंदाज़ी सीखने वाले ये दोनों प्यार में ही घायल हो गए। लेकिन ये इतना आसान नहीं था, 2008 में पहली बार दीपिका और अतानु की मुलाक़ात हुई थी लेकिन तब अतानु को हिन्दी नहीं आती थी और इसलिए दीपिका उनसे बहुत कम बात किया करती थीं।

इंडियन एक्स्प्रेस के साथ हुई बातचीत में इस बारे में दीपिका ने बताया था कि शुरुआत में दोनों के बीच काफ़ी मतभेद थे और दोनों में ही अंहकार (Ego) भरा पड़ा था।

“हमेशा छोटी-छोटी बातों पर हम बच्चों की तरह झगड़ने लगते थे, इतनी छोटी बातों पर कि जैसे तुमने मेरी पानी की बोतल क्यों ली ?”

लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच चीज़ें बदलने लगीं और 2017 में दीपिका और अतानु का निशाना एक दूसरे के दिल पर जा लगा, जो आगे चलकर 2020 में शादी में तब्दील हो गया

दिनेश कार्तिक और दीपिका पालीकल

इस फ़ेहरिस्त में अगले प्रेमी युगल की कहानी कुछ अलग है और बिल्कुल निराली है। ये चेन्नई की जोड़ी है दीपिका पालीकल (Dipika Pallikal) और दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) की। दीपिका होनहार स्कॉयश खिलाड़ियों में से एक हैं और दिनेश कार्तिक भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी।

दीपिका को क्रिकेट बिल्कुल पसंद नहीं था, ये इसलिए क्योंकि जिस तरह से भारत में क्रिकेट खिलाड़ियों को तरजीह दी जाती है।

लेकिन एक जिम में जब दीपिका की मुलाक़ात दिनेश कार्तिक से हुई थी उनका ये विचार बिल्कुल बदल गया, और फिर यहां से दोनों के बीच में मुहब्बत की शुरुआत हो गई थी।

स्वाभाव से काफ़ी भावुक और रोमांचक शख़्सियत दीपिका एक बार तो कार्तिक से मिलने इंग्लैंड पहुंच गई थीं, जब वह टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर थे। इन दोनों ने 2015 में अपनी मुहब्बत की मंज़िल को शादी के मंडप तक पहुंचाया।

बजरंग पुनिया और संगीता फ़ोगाट

भारत के दिग्गज पहलवानों में शुमार बजरंग पुनिया (Bajrang Punia) को उनकी जीवन साथी भी कुश्ती के दंगल में ही मिली।

वैसे तो रेसलिंग के मैट पर पुनिया सामने वाले के ख़िलाफ़ दांव-पेंच और ताक़त लगाते हुए नज़र आते हैं। लेकिन जब उन्होंने फ़ोगाट बहनों में सबसे छोटी संगीता फ़ोगाट (Sangeeta Phogat) को देखा तो उनका दिल मुंहब्बत का दांव लगाने लगा और फिर उन्होंने प्रेम की गिरफ़्त में संगीता को ले लिया।

इस जोड़ी ने कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के दौरान ही एक दूसरे के साथ सात फेरे लिए।

साक्षी मलिक और सत्यव्रत कादियान

एक और प्रेम कहानी जो कुश्ती के दंगल से ही शुरू हुई, और ये है ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) और सत्यव्रत कादियान (Satyawart Kadiyan) की।

साक्षी और सत्यव्रत एक ही स्कूल में पढ़ते थे, लेकिन इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में सत्यव्रत  ने कहा था कि वह इतने शर्मीले थे कि उन्होंने कभी साक्षी से तब बात भी नहीं की थी।

Wedding fever grips Sakshi Malik

The Rio bronze medallist married fellow wrestler Satyawart Kadian in her ho...

“हमने कभी स्कूल में आपस में बात नहीं की थी, लेकिन धीरे-धीरे हम क़रीब आते गए और फिर हमारी ये दोस्ती प्यार में बदल गई।“

रियो 2016 में इतिहास रचने के बाद साक्षी मलिक और सत्यव्रत 2017 में परिणय सूत्र में बंध गए।

मिल्खा सिंह और निर्मल कौर

‘फ़्लाइंग सिख’ के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह (Milkha Singh) का करियर ही उनके प्यार निर्मल कौर (Nirmal Kaur) की वजह से आगे बढ़ा।  

भारतीय ट्रैक एंड फ़ील्ड के दिग्गज मिल्खा सिंह की पहली मुलाक़ात निर्मल कौर से श्रीलंका में हुई थी। जब भारतीय वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल वहां मौजूद थीं, और मिल्खा भी इंडो-सीलोन स्पोर्ट्स मीट के लिए वहां गए हुए थे।

द ट्रिब्यून के साथ बातचीत में मिल्खा ने इस पल को बेहतरीन अंदाज़ में बयां किया था।

“वह साल 1957 था जब मैंने पहली बार इंडो-सीलोन स्पोर्ट्स मीट के दौरान निर्मल को देखा था और पहली नज़र में ही मुझे निर्मल से प्यार हो गया। इसके बाद 1961 में निर्मल पंजाब स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट में सहायक निदेशक के तौर पर जुड़ीं थीं, जहां दोबारा हमारी मुलाक़ात हुई। इसके बाद ये मुलाक़ात, मुहब्बत में तब्दील हुई और अगले ही साल 1962 में हम दोनों ने शादी कर ली।“

इन दोनों की शादी को अब 50 साल होने को आए और इन्हें ऊपर वाले ने चार बच्चों से भी नवाज़ा, तीन पुत्रियां और एक पुत्र। भारत के दिग्गज गोल्फ़ खिलाड़ी जीव मिल्खा सिंह (Jeev Milkha Singh) उनमें से ही एक हैं।

पुलेला गोपीचंद और पीवीवी लक्षमी

भारतीय बैडमिंटन में क्रांति लाने वाले पुलेला गोपींचद (Pullela Gopichand) को भी उनकी शरीक़-ए-हयात बैडमिंटन कोर्ट से ही मिलीं।

पुलेला गोपीचंद ने साल 2002 में पूर्व नैशनल चैंपियन पीवीवी लक्षमी (PVV Lakshmi) के साथ परिणय सूत्र में बंधे और फिर इन दोनों ने ही मिलकर हैदराबाद में गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी की शुरुआत की।

पुलेला गोपीचंद ने जहां 2002 ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतकर भारतीय बैडमिंटन की तस्वीर बदल डाली, तो पीवीवी लक्षमी भारत की ओर से ओलंपिक में प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला शटलर थीं। उन्होंने 1992 बार्सिलोना और 1996 अटलांटा गेम्स में शिरकत की थी।

हिना सिद्धू और रौनक़ पंडित

भारतीय शूटर्स हिना सिद्धू (Heena Sidhu) और रौनक़ पंडित (Ronak Pandit) किसी परिचय का मोहताज नहीं हैं, ये दोनों ही शटलर्स ने कई मौक़ों पर देश का नाम वैश्विक स्तर पर ऊंचा किया है।

ये प्रेमी जोड़ी 2013 में एक दूसरे के दिल पर निशाना लगाते हुए मुहब्बत के बंधन में बंध गए।

हिना सिद्धू ने 2010 और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया था, साथ ही ISSF वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली वह पहली भारतीय शूटर हैं। उन्होंने 2013 में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में इस कारनामे को अंजाम दिया था।

रौनक़ पंडित 2006 कॉमनवेल्थ गेम्स के रजत पदक विजेता रह चुके हैं, आगे चलकर रौनक़ ने अपनी पत्नी के ट्रेनर की भूमिका भी निभाई।