हिमा दास ने भारतीय क्रिकेटरों के साथ कंधे से कंधा मिलकर बटोरीं सुर्खियां

यूरोप में 5 गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय स्प्रिंटर हिमा दास की नज़रें अब टोक्यो 2020 पर।

साल 2019 में भारतीय स्प्रिंटर हिमा दास (Hima Das) ने विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) जैसे नामी क्रिकेटरों के साथ सुर्खियां बटोरी थी। जहां 2019 में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम वर्ड कप में व्यस्त थी तो वहीं दूसरी ओर हिमा दास ने कुल 19 दिनों में भारत के लिए 5 गोल्ड मेडल हासिल कर लिए थे।

इंजरी के बाद एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप (Asian Athletics Championships) में वापसी कर रही हिमा खुद को और दुनिया को अपना कौशल साबित करना चाहती थी और उन्होंने ऐसा एक बार नहीं दो बार नहीं बल्कि 5 बार किया।

पोलैंड के पोज़नान में पहला गोल्ड

साल की पहली स्पर्धा में हिमा ने रेस के साथ दिल भी जीते। पोज़नान एथलेटिक्स ग्रां प्री (Poznan Athletics Grand Prix) के दौरान हिमा ने 23.65 सेकंड की बेहतरीन टाइमिंग से गोल्ड मेडल हासिल किया। वहीं साउथ अफ्रीका की तमज़ीन थॉमस (Tamzin Thomas) ने सिल्वर मेडल पर अपना हक जमाया। गौरतलब है कि यह रेस 200 मीटर की थी। इतना ही नही भारतीय स्प्रिंटर वीके विस्माया (VK Vismaya) ने भी 23.75 की टाइमिंग से ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था।

कुटनो एथलेटिक्स में आया दूसरा गोल्ड

कुछ दिन बाद ही हिमा दास ने कुटनो एथलेटिक्स (Kutno Athletics) में भी 200 मीटर में गोल्ड मेडल पर अपने नाम की मुहर लगा दी। भारतीय एथलीट ने 23.97 सेकंड की टाइमिंग से वीके विस्माया को हराकर यह उपलब्धि हासिल की थी। यह कहना गलत नहीं होगा की की भारतीय रेसर हिमा दास अपने सपनों की ओर ज़ोर से दौड़ रही हैं।

जहां भारतीय क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप से जुलाई 9 को बाहर हो गई थी वही 4 दिन बाद हिमा दास ने भारतीय स्पोर्ट्स फैंस को खुशियां मनाने का एक मौक़ा दिया।

कल्दनो मेमोरियल में आई जीत की यादें

अब बारी थी कल्दनो मेमोरियल (Kladno Memorial) की और हिमा दास ने फिर एक बार भारतीय खेमे में जीत डाल दी। इस असम की स्प्रिंटर ने 200 मीटर में स्पर्धा करते हुए 23.43 सेकंड की बेहतरीन टाइमिंग से गोल्ड की हैट्रिक जड़ दी और एक फिर जाकर पोडियम के ऊपरी स्थान पर जा खड़ीं हुईं।

इन्होने अपनी प्रतिद्वंदी हाफसातु कामारा (Hafsatu Kamara) को मात दी। गौरतलब है कि हाफसातु कामारा ने 24.25 की टाइमिंग से सिल्वर मेडल जीता था। इसी रेस में तीसरे नंबर पर ब्राज़ील की तामीरिस डी लिज़ (Tamiris de Liz), रहीं और उन्होंने ब्रॉन्ज़ मेडल पर अपने नाम की मुहर लगा दी।

ताबोर एथलेटिक्स, चेक रिपब्लिक में लगा चार का वार

20 वर्षीय ने 15 दिनों में ही एक और यानी चौथा गोल्ड मेडल हासिल कर लिया। इस भारतीय धावक ने बता दिया कि अगर हौंसलों में जान हो तो मंजिल मिल ही जाती है। हिमा का कारवां ताबोर एथलेटिक्स (Tabor Athletics) तक पहुंच गया था और अब भी एक जीत बाकी थी। इस मुकाबले में हिमा ने 23.25 सेकंड से रक और गोल्ड मेडल हासिल किया और वीके विस्माया के हाथ एक सिल्वर मेडल आया। 2013 यूरोपियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली क्लारा सिदलोवा (Klara Seidlova) ने ब्रॉन्ज़ मेडल पर कब्ज़ा जमाया।

मेज़िनारोडनी एटलेटिक मितिंक, चेक रिपब्लिक में 5वां गोल्ड

अपने गोल्ड मेडल की रेस में भारतीय धावक हिमा दास ने 400 मीटर रेस को भी अव्वल नंबर पर खत्म किया। प्राग में हुई मेज़िनारोडनी एटलेटिक मितिंक (Mezinarodni Atleticky Mitink) पहली तीन पोज़ीशन भारतीय खिलाडियों के नाम रही। हिमा दास गोल्ड (52.09),वीके विस्माया (52.48 seconds) और सरिता गायकवाड़ (Sarita Gayakwad) (53.28 seconds)। भारतीय देश के लिए वाकई में यह पल हसीन और गर्व के थे।

अपनी मंजिल की ओर बढ़ती हिमा दास को भरत के प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी (Narendra Modi) से लेकर क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने बधाई देकर उनका हौसला बढ़ाया।

इतना ही नहीं भारतीय फ़िल्मी सितारे भी तारीफ करने में पीछे नहीं हटे। इसमें अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan), अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) जैसे बहुत से सितारों ने ‘गोल्डन गर्ल’ हिमा को बधाई दी।

यूरोप की ज़मीन पर आया चौथा गोल्ड

समय बदलता जा रहा था लेकिन कुछ स्थिर था तो वह हिमा दास का संकल्प और जीत की आदत। चेक में हुई एथलेटिक मिंक रीटर 2019 (Athleticky Mitink Reiter 2019) में हिमा ने 300 मीटर में एक और गोल्ड मेडल पर अपने नाम की मुहर लगा दी और साथ ही अपने करियर में चार चांद लगा दिए।

जो है असल है

अपने करियर के फ़ास्ट ट्रेक पर दौड़ती हिमा दास ने दुनिया भर में बहुत सा नाम कमा लिया था। 5 मेडल जीतने के बाद एएनआई ने उन्हें सम्मानित करते हुए एक वीडियो डाला जिसके बाद इस स्प्रिंटर ने कहा “ऐसी तारीफ सुन कर बहुत अच्छा लगता है। मैं उम्मीद करती हूं कि ऐसे ही सभी लोग मुझे आशीष देते रहेंगे।”

“हालांकि जिन इवेंट में मैंने 5 गोल्ड मेडल जीते हैं वह आने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए एक वार्म अप था। कृपया मुझे सपोर्ट करते रहें ताकि में बड़े मंच पर अच्छा प्रदर्शन कर सकूं।”

हिमा दास ने देख परख कर अपनी सफलता की ओर कदम बढ़ाए हैं। आपको बता दें कि पोलैंड में हुई चैंपियनशिप में दो इवेंट एफ ग्रेड के थे और चेक रिपब्लिक में हुई चैंपियनशिप ई ग्रेड की टी और इसी वजह से वह इंटरनेशनल एसोसीएशान ऑफ़ एथलेटिक्स फेडरेशन (International Association of Athletics Federations IAAF) के अंतर्गत आती हैं।

हिमा दास की सर्वश्रेष्ठ की तुलना 5 मेडल जीतने वाली रेसों से

हिमा दास ने 5 गोल्ड मेडल जीत कर दुनिया भर में अपने नाम का डंका तो बजा दिया लेकिन वह अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को मात न दे सकीं। IAAF वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप 2018 (IAAF World U-20 Championships 2018) की गोल्ड मेडल विजेता ने 5 मेडल जीत के समय पर 200 मीटर रेस में 23.25 की सबसे अच्छी टाइमिंग हासिल की थी। हालांकि 200 मीटर रेस में हिमा दास ने 23.10 की टाइमिंग हासिल की हुई है।

नोवे मेस्टो में 400 मीटर के दौरान हिमा ने 52.09 सेकंड की टाइमिंग द्वारा गोल्ड हासिल किया था लेकिन यह भी उन्हें निजी सर्वश्रेष्ठ से बेहतर नहीं था। हिमा ने नाम नेशनल रिकॉर्ड भी है जिसे उन्होंने सिल्वर मेडल जीतते हुए 2018 एशियन गेम्स में बनाया था और इसकी टाइमिंग 50.79 की थी।

इस स्प्रिंटर का सेकंड बेस्ट 51.32 सेकंड है और यह 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स (2018 Commonwealth Games) के दौरान आया था और इस प्रतियोगिता में वह छठे स्थान पर रहें थी।

सब सकरात्मक

चोट और इंजरी एक एथलीट की ज़िन्दगी का एहम हिस्सा है और हर एथलीट को इससे जूझना ही पड़ता है। यह मानना भी सही है कि इंजरी के बाद सफलता किसी भी रूप में आए वह ख़ास ही होती है।

इस युवा धावक ने यह भी सिखाया की सफलता और तारीफ मिलने पर कभी भी अपने मकसद को हटना नहीं चाहिए और उसके लिए और ज़्यादा मेहनत करनी चाहिए। इस सफलता के आड़ हिमा दास ने 400 मीटर से अपना फोकस 200 मीटर पर डाल दिया है और अब यह टोक्यो 2020 में इसी वर्ग में क्वालिफाई करने कलिए देख रही है।

हिमा दास का ओलंपिक का सपना

वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के समय में लगी चोट ने हिमा को टोक्यो ओलंपिक गेम्स के ट्रेक से भटका ज़रूर दिया था लेकिन उनके हौंसलों में जान उतनी ही थी।

अब जब ओलंपिक गेम्स को अगले साल तक के लिए स्थगित कर दिया गुआ है तो IAAF ने भी प्रतियोगिताओं को आगे कर दिया है जिस वजह से हिमा दास के पास टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने बढ़ गए हैं।भारतीय स्प्रिंटर ने कहा “मेरे हिसाब से जीवन हमेशा से वापसी करने का नाम है अपने मकसद पर टिके रहने का काम है। एक एथलीट होने के नाते आपके मकसद के लिए आपका फोकस मज़बूत होना चाहिए और आपको कड़ी मेहनत करनी चाहिए। हमेशा से गोल ओलंपिक मेडल जीतनी का ही है।

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