फ़ीचर | बैडमिंटन

पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत को टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने के लिए क्या करना होगा ?

सभी पांच इवेंट्स के लिए सिर्फ़ 8 शटलरों को टोक्यो भेज सकता है भारत

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

भारतीय बैडमिंटन सितारे पीवी सिंधु, साइना नेहवाल और किदांबी श्रीकांत सहित अन्य खिलाड़ियों के लिए 2020 की शुरूआत अच्छी नहीं रही है, लेकिन अभी बहुत सारे बड़े टूर्नामेंट होने वाले हैं जिसमें इन खिलाड़ियों को टोक्यो खेलों में अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए उनके पास मौका है।

दो महीने बाद, मतलब 30 अप्रैल को जारी होने वाली बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग की सूची निर्धारित करेगी कि भारत 2020 ओलंपिक के लिए कितने शटलर्स को टोक्यो भेजेगा, आने वाले टूर्नामेंट भारत के बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए अपनी रैंकिंग में सुधार करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

टोक्यो 2020 ओलंपिक में बैडमिंटन के लिए कुल 172 स्लॉट क्वालिफिकेशन के लिए उपलब्ध हैं, जिसमें पांच स्पर्धाओं में पुरुषों के सिंगल्स, पुरुष डबल्स, महिला सिंगल्स, महिला डबल्स और मिक्स डबल्स स्पर्धाएं शामिल हैं।

कैसे ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेंगे भारतीय खिलाड़ी

सिंगल्स में पुरुष और महिला वर्ग के 38 प्रतियोगी होंगे और सभी देश प्रत्येक इवेंट में अधिकतम दो खिलाड़ियों को भेज सकेंगे, बशर्ते दोनों खिलाड़ी बीडब्ल्यूएफ ओलंपिक क्वालीफिकेशन रैंकिंग सूची में दुनिया के शीर्ष 16 में हों।

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यदि कोई देश सीधे क्वालिफेकेशन (शीर्ष 16 रैंकिंग) दौर से अपने खिलाड़ी क्वालिफाई नहीं करवा पाता, तो उसे बचे हुए 22 स्थानों में जगह बनाने के लिए दूसरा मौका मिल सकता है, जब तक कि 38 खिलाड़ियों का रोस्टर पूरा नहीं हो जाता।

डबल्स के लिए भी ऐसा ही नियम है, जहां सीधे क्वालिफिकेशन के लिए बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग के शीर्ष आठ की सूची में उस जोड़ी को होना चाहिए, जबकि सिंगल्स के 38 खिलाड़िओं के बजाए इसमें 32 ही खिलाड़ी होंगे।

ओलंपिक के लिए बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग अंक प्रदान करने वाले टूर्नामेंट

बीडब्ल्यूएफ ओलंपिक क्वालिफिकेशन के दौरान होने वाले सभी छोटे बड़े टूर्नामेट्स में ओलंपिक के लिए रैंकिंग अंक मिलेंगे। जिनमें थॉमस एंड उबर कप, सुदीरमन कप, वर्ल्ड चैंपियनशिप, ग्रेड 2 बीडब्ल्यूएफ टूर टूर्नामेंट - लेवल 1 से 6, ग्रेड 3 बीडब्ल्यूएफ कॉन्टिनेंटल टूर टूर्नामेंट, कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप (व्यक्तिगत और टीम), कॉन्टिनेंटल मल्टीस्पोर्ट्स गेम्स और कई अन्य शामिल हैं।

कितने पानी में हैं सिंधू और साइना

जहां तक ​​भारतीय शटलरों के 2020 ओलंपिक में जाने की बात है, तो भारत की नंबर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु शीर्ष पर बनी हुई हैं।

2016 ओलंपिक की रजत पदक विजेता, बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग में छठे स्थान (28 जनवरी, 2020 तक) पर काबिज 24 वर्षीय सिंधू 2020 ओलंपिक में सीधे क्वालिफाई करने के लिए योग्य हैं, अगर वो 30 अप्रैल 2020 तक इसी रैंकिंग पर बनी रहीं तो।

अब तक 14 स्पर्धाओं में खेलते हुए पीवी सिंधु ने एक टूर्नामेंट में 4839 अंकों की औसत से 67,754 अंक प्राप्त किए हैं और जापान की पांचवीं वरीयता प्राप्त अकाने यामागुची से भी उन्हें मदद मिली है, जिन्हें मेजबान एनओसी स्वचालित योग्यता कोटा मिलेगा।

पीवी सिंधु को छोड़कर इस आयोजन में भारत के लिए दूसरी और एकमात्र उम्मीद साइना नेहवाल हैं। वर्तमान में बीडब्ल्यूएफ ओलंपिक क्वालीफिकेशन रैंकिंग सूची में 22वें स्थान पर मौजूद, 2012 ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता नेहवाल ने 13 इवेंट्स में 39, 437 अंक हासिल किए हैं।

साइना नेहवाल का औसत 3.003 अंक हैं और उन्हें सीधा क्वालिफिकेशन हासिल करने के लिए आगामी टूर्नामेंट्स में महत्वपूर्ण अंक हासिल करने होंगे।

30 अप्रैल 2020 से पहले ऑल इंग्लैंड ओपन, मलेशिया ओपन और सिंगापुर ओपन जैसे बड़े टूर्नामेंट होने वाले हैं, जिनमें क्रमशः 12000 अंक, 11000 अंक और 9200 अंक हैं, साइना नेहवाल के पास अभी भी पर्याप्त मौके हैं।

साई प्रणीत पुरुषों की रेस में सबसे आगे

बी साई प्रणीत सीधा क्वालिफिकेशन के लिए भारतीय पुरुष शटलरों की दौड़ में सबसे आगे हैं। बीडब्ल्यूएफ ओलंपिक योग्यता तालिका में 11 वें स्थान पर मौजूद, 27 वर्षीय के पास एक ओलंपिक कोटा है। उनका औसतन 3228 अंक हैं और कई बड़े टूर्नामेंट्स आने वाले हैं जिसमें वो और अंक हासिल कर सकेंगे, जिससे उनका टिकट लगभग पक्का माना जा रहा है।

बीडब्ल्यूएफ ओलंपिक क्वालीफिकेशन रैंकिंग सूची में 2016 के ओलंपियन किदांबी श्रीकांत काफी नीचे हैं। इस सूची में 26वें स्थान पर मौजूद किदांबी श्रीकांत 12 इवेंट्स में 36, 820 का औसत अंक है।

दुनिया के 21वें रैंक के खिलाड़ी सौरभ वर्मा (38,610) और दुनिया के 22वें नंबर के खिलाड़ी परुपल्ली कश्यप (38, 240) अंक तालिका में काफी पीछे हैं, जो भारतीय पुरुष शटलरों को बताता है कि उन्हें सीधे क्वालिफिकेशन के लिए प्रतिस्पर्धा तेज़ करनी होगी।

डबल्स खिलाड़ियों के लिए मुश्किल चुनौती

भारत का डबल्स सीन इतना आशावाद नहीं है जितना सिंगल्स का है। जहां पुरुष डबल्स में चिराग शेट्टी और सातविकसैराज रैंकीरेड्डी की जोड़ी बीडब्ल्यूएफ ओलंपिक क्वालीफिकेशन रैंकिंग तालिका में सातवें स्थान पर है, वे भारत के एकमात्र युगल साथी हो सकते हैं जो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर रहे हैं।

जबकि अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी की महिलाओं की युगल जोड़ी रैंकिंग में 30 वें स्थान पर है, अश्विनी पोनप्पा और सतविकसाईराज रैंकीरेड्डी की मिक्स डबल्स जोड़ी रैंकिंग में 31 वें स्थान पर है, जिससे उनके क्वालिफिकेशन की उम्मीद बहुत कम मानी जा रही है।