बेहद दिलचस्प है भारत में 3x3 बास्केटबॉल का अब तक का सफर

3BL के आयुक्त को लगता है कि पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर खेलने का अनुभव 3x3 बास्केटबॉल लीग में भारतीयों को ओलंपिक क्वालिफायर में बढ़त दिला सकता है।

भारत में बास्केटबॉल के लिए 2020 एक ऐतिहासिक वर्ष साबित होगा, क्योंकि मार्च में देश पहली बार 3x3 बास्केटबॉल ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट की मेज़बानी करने की तैयारी कर रहा है। 20 पुरुष और 20 महिलाओं की टीमें 3x3 बास्केटबॉल टूर्नामेंट में तीन ओलंपिक कोटा हासिल करने के लिए मुकाबला करेंगी। आपको बता दें, यह खेल टोक्यो 2020 में अपना ओलंपिक डेब्यू करने जा रहा है।

3x3 बास्केटबॉल के 2010 में युवा ओलंपिक खेलों में डेब्यू करने के बाद से इस खेल को काफी सराहा गया है। एशिया में इस खेल के उदय के पीछे जापानी पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रोहित बख्शी का अहम योगदान रहा है। यह आंत्रेप्रेन्योर 3BL और भारत के 3x3 पेशेवर बास्केटबॉल लीग के आयुक्त हैं। अब वह आगामी ओलंपिक क्वालिफाइंग टूर्नामेंट से काफी उम्मीदें रखते हैं।

क्रांतिकारी कदम

बख्शी का जन्म जापान में हुआ और वहीं वह पल-बढे। बीते तीन दशकों से बास्केटबॉल के प्रति उनकी दीवानगी काफी रही है। वह साल 2005 में 3x3 बास्केटबॉल की ओर आकर्षित हुए और साल 2017 तक वह पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर खेले। पहली बार भारत में शिफ्ट होने के एक साल बाद साल 2010 में उन्होंने एक बास्केटबॉल लीग शुरू की।

बख्शी ने ओलंपिक चैनल के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा, "जब मैं साल 2009 में भारत आया, तो मुझे महसूस हुआ कि भारत में पेशेवर बास्केटबॉल लीग नहीं है और उसके कारण बहुत सारी प्रतिभाएं बेकार चली जाती हैं। जब एक पेशेवर लीग होती है, तो खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए एक उद्देश्य होता है। आप इसे अपनी जीविका का साधन बना सकते हैं। भारत में बास्केटबॉल को एक शौक के रूप में अधिक खेला गया और एक बार शौक खत्म होने के बाद खिलाड़ी इसमें रुचि खोने लगते हैं।"

2015 में बख्शी ने अपने सपने के लिए ज़मीन स्तर पर काम करना शुरू किया और 2018 में उनकी मेहनत ने रंग लाई। आज उसी का नतीजा है कि भारत में 3BL की पहली पेशेवर बास्केटबॉल लीग शामिल हुई।

लीग के पहले सीज़न में भारत के छह शहरों में यात्रा करने वाली 12 टीमें शामिल थीं। दिल्ली हुपर्स टीम का इस लीग में सबसे शानदार प्रदर्शन रहा। वह 3BL के उद्घाटन सत्र की चैंपियन बनी। दूसरे सीज़न में 12 पुरुषों की टीम को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही लीग का विस्तार करते हुए इसमें छह महिलाओं की टीमों को भी जोड़ा गया है, जो पहली बार 3BL महिला चैंपियनशिप के लिए खेलेंगी।

बक्शी को अब तक प्रशंसकों द्वारा मिले समर्थन से बहुत खुशी हुई है। बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के साथ ही विभिन्न राज्य निकायों का मानना है कि 3BL भारत में बास्केटबॉल के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा।

ओलंपिक आकांक्षाएं

भारतीय बास्केटबॉल खिलाड़ियों को खेलने के लिए एक लीग देना बख्शी का प्राथमिक लक्ष्य था। 35 वर्षीय बख्शी अब भारत को 3x3 बास्केटबॉल में ओलंपिक पदक हासिल करने में मदद करने की इच्छा रखते हैं। इस बाबत बख्शी ने कहा, "यह मेरा सपना था कि भारत को बास्केटबॉल में ओलंपिक तक पहुंचा सकूं और अब हम ओलंपिक क्वालिफायर की मेज़बानी करके इस प्रयास के एक कदम और करीब पहुंच चुके हैं।"

उनका यह भी मानना है कि मार्च में क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के माध्यम से पुरुषों और महिलाओं दोनों की 3x3 बास्केटबॉल टीम टोक्यो 2020 में अपनी जगह पक्की कर सकती हैं। “3x3 बास्केटबॉल अभी दुनिया के अधिकांश हिस्सों में बहुत लोकप्रिय नहीं है। कई खिलाड़ी रणनीतियों के लिए तैयार नहीं हैं और न ही कई खिलाड़ी इस प्रारूप में बहुत उत्कृष्ट हैं। इसलिए भारतीय टीमों के पास बढ़त बनाने का अच्छा मौका है। ज़ाहिर है कि हम पिछले दो वर्षों से इस खेल की एक लीग चला रहे हैं। इसलिए मेरा मानना है कि अच्छे खिलाड़ियों के साथ भारत निश्चित रूप से टोक्यो 2020 में 3x3 टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर सकता है।"

बास्केटबॉल की लोकप्रियता देश में काफी बढ़ रही है और 3x3 ओलंपिक क्वालिफायर ही इसे और आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा। अगर भारतीय पुरुष और महिला टीम मार्च में ओलंपिक कोटा हासिल करने में कामयाब रहती है, तो यह भारत में इस खेल के लिए एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।

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