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टोक्यो 2020 है लक्ष्य, भारत व्यस्त क्वालिफ़िकेशन मुक़ाबलों के लिए है तैयार

इस साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने के लिए नए साल में भारतीय एथलीटों की नज़र है व्यस्त क्वालिफ़िकेशन इवेंट्स पर

लेखक सैयद हुसैन ·

खेल जगत और खेल प्रशसंकों के लिए साल 2020 बेहद ही रोचक होने वाला है, जिसमें ज़ाहिर है जुलाई-अगस्त में होने वाला 2020 टोक्यो ओलंपिक का महत्व सबसे ज़्यादा होगा। लिहाज़ा इस सीज़न के पहले हाफ़ में खिलाड़ी ओलंपिक का टिकट हासिल करने के लिए जी जान लगा देंगें।

हम अगले कुछ महीनों में होने वाले ऐसे ही क्वालिफ़िकेशन इवेंट्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसपर भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें होंगी।

कुश्ती

पिछले दशक में ये बात सभी के सामने आई है कि भारत के लिए ओलंपिक में कुश्ती सबसे क़ामयाब खेलों में से एक रहा है। बीजिंग 2008 से लेकर 2016 रियो ओलंपिक तक में इस खेल से मिले पदक, इस दावे को और भी पुख़्ता करते हैं। भारतीय पहलवान साल दर साल लगातार अपने आपको और भी मज़बूत करते जा रहे हैं।

इस बात में कोई आश्चर्य भी नहीं होगा अगर इस बार भारत 2020 टोक्यो ओलंपिक में अब तक का अपना सबसे बड़ा कुश्ती दल (प्रतिभागियों की संख्या के आधार पर) भेजेगा।

बजरंग पुनिया (फ़्रीस्टाइल, 65 किग्रा), दीपक पुनिया (फ़्रीस्टाइल, 86 किग्रा), रवि दहिया (फ़्रीस्टाइल, 57 किग्रा) और विनेश फ़ोगाट (महिला, 57 किग्रा) ने तो वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने के साथ साथ अभी ही ओलंपिक का कोटा हासिल कर लिया है। अब दूसरे पहलवानों पर नज़र होगी क्योंकि कुछ ही महीनों में क्वालिफ़िकेशन इवेंट होने जा रहे हैं।

भारतीय पहलवानों के पास टोक्यो ओलंपिक का टिकट हासिल करने के लिए दो मौक़े होंगे, पहला मार्च में होने वाले एशियन ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में जो चीन में आयोजित होगा। इसके बाद अप्रैल में बुल्गारिया के सोफ़िया में आयोजित होने वाले वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में भी भारतीय पहलवान टोक्यो का टिकट हासिल कर सकते हैं।

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मुक्केबाज़ी

2019 के ख़त्म होते होते बॉक्सिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया (बीएफ़आई) ने आख़िरकार मुक्केबाज़ों के उस दल पर मुहर लगा दी है जो चीन के वुहान में 3 से 14 फ़रवरी तक एशिया और ओशियाने ओलंपिक क्लालिफ़ाइंग टूर्नामेंट में शिरकत करेंगे।

जहां पुरुष मुक्केबाज़ों के कुल 8 वेट कैटेगिरी इवेंट (52 किग्रा, 57 किग्रा, 63 किग्रा, 69 किग्रा, 75 किग्रा, 81 किग्रा, 91 किग्रा और 91+ किग्रा) होंगे जिसमें 41 स्थानों के लिए रिंग में मुक्केबाज़ों के बीच भिड़ंत देखने को मिलेगी। वहीं महिला इवेंट की कुल 5 वेट कैटेगिरी (51 किग्रा, 57 किग्रा, 60 किग्रा, 69 किग्रा और 75 किग्रा) रहेगी, और इसमें 22 स्थानों के लिए एशिया और ओशियाने क्वालिफ़ायर्स में मुक़ाबले देखने को मिलेंगे।

इसके बाद पेरिस में 13 से 24 मई के बीच वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स आयोजित कराए जाएंगे, जहां पुरुष इवेंट में 31 से 35 और महिला इवेंट में 19-21 स्थानों के लिए ज़ोर आज़माइश देखने को मिलेगी।

एथलेटिक्स

भारत ने एथलेटिक्स में अब तक टोक्यो 2020 के लिए तीन टिकट  हासिल किए हैं, केटी इरफ़ान ने 20 किमी वॉक रेस के लिए क्वालिफ़ाई किया है। अविनाष साब्ले ने पुरुषों की 3000 स्टीपलचेज़ और 4X400 मीटर मिश्रित रिले इवेंट के लिए भारतीय टीम ने अपना स्थान पक्का कर लिया है।

ऐसे में जब नीरज चोपड़ा, हिमा दास और दुती चंद जैसे सितारे नए साल में चोट के बाद वापसी करने के लिए तैयार हैं, तो इनके लिए कुछ और क्वालिफ़िकेशन इवेंट अहम हो सकते हैं। जिनमें डायमंड लीग, फ़ेडरेशन कप, द इंडियन ग्रां प्री और आईएएएफ़ के कई इवेंट्स जो जून के अंत तक आयोजित होते रहेंगे शामिल हैं।

पुरुषों के लिए कुल 24 और महिलाओं के लिए 23 एथलेटिक्स इवेंट होने हैं जो 2020 टोक्यो ओलंपिक क्वालिफ़िकेशन इवेंट होंगे। हालांकि इनमें 50 मीटर वॉक इवेंट शामिल नहीं है। इन सारे इवेंट में अलग-अलग प्रक्रियाओं के तहत एथलीट क्वालिफ़ाई कर सकते हैं, जैसे जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा के सामने 85 मीटर का लक्ष्य होगा। दुती चंद की नज़र 100 मीटर रेस में 11.15 सेकंड्स की टाइमिंग, 200 मीटर रेस में 22.80 सेकंड्स की टाइमिंग पर होगी। वहीं हिमा दास के लिए 400 मीटर रेस में टोक्यो 2020 का टिकट  हासिल करने के लिए 51.35 सेकंड्स में दौड़ पूरी करनी होगी।

3x3 बास्केटबॉल

टोक्यो गेम्स में 3x3 बास्केटबॉल का डेब्यू होने जा रहा है, ये एक ऐसा इवेंट है जिसको लेकर सभी में दिलचस्पी बहुत ज़्यादा है। ये खेल का बहुत तेज़ यानी माइक्रो वर्ज़न है, जिसके लिए क्वालिफ़िकेशन मुक़ाबले मार्च में भारत में ही आयोजित होंगे। जहां 20 टीमों के बीच 3 जगहों के लिए क्वालिफ़िकेशन की जंग देखने को मिलेगी।

तीरंदाज़ी

तीरंदाज़ी में 2020 टोक्यो ओलंपिक में कुल 128 जगह ख़ाली है, जिसमें 64 पुरुष और 64 महिला तीरंदाज़ों को टिकट मिलना है। भारतीय तीरंदाज़ काफ़ी उत्साहित हैं जबकि वर्ल्ड आर्चेरी फ़ेडरेशन ने भारतीय तीरंदाज़ी संघ को निलंबित कर दिया है।

बैंकॉक में हुई एशियन चैंपियनशिप में भारतीय तीरंदाज़ों के कमाल के प्रदर्शन के बावजूद भारतीय तीरंदाज़ न्यूट्रल वर्ल्ड आर्चेरी के अंदर ही प्रतिस्पर्धा करते नज़र आएंगे। एशियन चैंपियनशिप में भारत को एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक हासिल हुए थे।

दीपिका कुमारी को व्यक्तिगत इवेंट के लिए ओलंपिक का कोटा हासिल हो चुका है, जो उन्होंने कॉन्टिनेन्टल ओलंपिक क्वालिफ़ायर के दौरान हासिल किया था जबकि टीम इवेंट में भारत की हार हुई थी। डेन बॉश में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम को भी हार मिली थी जिसमें तरुणदीप राय, अतानु दास और प्रवीण जाधव शामिल थे। भारतीय महिला टीम के पास टोक्यो 2020 ओलंपिक में जगह बनाने का मौक़ा बर्लिन में होने वाले फ़ाइनल टीम और व्यक्तिगत टूर्नामेंट के दौरान होगा जो मई-जून 2020 में आयोजित होगी।

बैडमिंटन

टोक्यो 2020 के लिए बैडमिंटन खिलाड़ियों का क्वालिफ़िकेशन पीरियड 29 अप्रैल 2019 से ही शुरू हो चुका है और ये 26 अप्रैल 2020 तक चलेगा। भारत को वर्ल्ड बैडमिंटन फ़ेडरेशन (बीडब्लूएफ़) की रैंकिंग लिस्ट का इंतज़ार करना होगा जहां से वह शटलरों को चुन सकते हैं और इसकी घोषणा 30 अप्रैल 2020 को होगी।

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बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (बीएआई) टॉप-16 में से अपने दो सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग शटलरों को पुरुष एकल और महिला एकल को ओलंपिक के लिए भेजेंगे, जबकि युगल इवेंट के लिए उन दो खिलाड़ियों को टोक्यो 2020 का टिकट मिलेगा जो टॉप-8 में शामिल होंगे। और ये पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल जोड़ियों के लिए होगा।

लिहाज़ा भारतीय शटलरों की नज़र शुरुआती साल में होने वाली कुछ अहम सीरीज़ पर होगी ताकि वे अपनी रैंकिंग को बेहतर कर सकें। भारतीय शटलरों के लिए मलेशिया मास्टर्स, इंडोनेशिया मास्टर्स, थाईलैंड मास्टर्स, ऑल इंग्लैंड ओपन, इंडिया ओपन, मलेशिया ओपन और सिंगापुर ओपन महत्वपूर्ण हैं।

टेनिस

2020 टोक्यो इवेंट्स के दौरान कुल 172 टेनिस खिलाड़ी अलग-अलग पांच इवेंट में नज़र आएंगें, जिसमें पुरुष और महिला के एकल और युगल के साथ साथ मिश्रित युगल इवेंट शामिल हैं।

बैडमिंटन की ही तरह टेनिस में भी एकल मुक़ाबलों के लिए खिलाड़ियों का चयन 8 जून 2020 को आने वाली टेनिस रैंकिंग पर निर्भर होगा। एक खिलाड़ी को डेविस कप और फ़ेड कप के हिसाब से ही सारी ज़रूरतों को ध्यान में रखना होगा। इसमें प्रति एनओसी चार खिलाड़ी होंगे।

एक्वाटिक्स

पारंपिक तौर पर देखा जाए तो एक्वाटिक्स कभी भी ओलंपिक में भारत के लिए अच्छा नहीं रहा है, क्योंकि अब तक भारतीय एथलीटों को यूनिवरसैलिटी कोटा के आधार पर ही ओलंपिक का टिकट मिलता रहा है।

हालांकि श्रीहरि नटराज, एटवेट पेज, वीरधवल खड़े और साजन प्रकाश ओलंपिक क्वालिफ़िकेशन टाइम (ओक्यूटी) के क़रीब पहुंचते हुए आशा की किरण ज़रूर जगा रहे हैं। इसके बावजूद अलग अलग फ़ीना इवेंट्स के दौरान भारतीय एथलीटों के लिए टिकट पाना मुश्किल है।

अगर ऐसा होता है तो एक बार फिर स्विमिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफ़आई) को उम्मीद रहेगी कि भारतीय एथलीट को यूनिवरसैलिटी कोटा मिल जाए।

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टेबल टेनिस

टेबल टेनिस एक और ऐसा खेल है जहां से भारतीय फ़ैंस के पास उम्मीद की किरण नज़र आ रही है। भारतीय पैडलरों का हालिया फ़ॉर्म शानदार रहा है फिर चाहे वे साथियां गणाणासेकरन हों या अचंता शरत कमल या फिर मनिका बत्रा

भारतीय पुरुष टीम को उम्मीद होगी कि जिस तरह उनके लिए साल 2019 रहा है, जहां उन्होंने 8वीं रैंकिंग हासिल करी, कुछ ऐसा ही प्रदर्शन नए साल में भी जारी रहे। 22 जनवरी से 26 जनवरी के बीच वर्ल्ड क्वालिफ़िकेशन इवेंट आयोजित होगा जो पुर्तगाल के गोंदोमर में खेला जाएगा।

जबकि भारतीय खिलाड़ियों के पास व्यक्तिगत इवेंट में क्वालिफ़ाई करने का मौक़ा बैंकॉक में अप्रैल 6 से 12 के बीच एशियन क्वालिफ़िकेशन इवेंट और दोहा में 28 से 31 मई के बीच होने वाले वर्ल्ड सिगंल्स क्वालिफ़िकेशन इवेंट के दौरान रहेगा।