भारतीय महिला हॉकी टीम किसी भी चुनौती के लिए तैयार: रानी रामपाल

मानसिक और शारीरिक ट्रेनिंग पर विशेष जोर देने के साथ कप्तान रानी रामपाल का मानना है कि भारतीय टीम किसी भी प्रतिद्वंदी को कड़ी चुनौती दे सकती है।

भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए साल 2019 का सीज़न काफी अच्छा रहा है। जिसमें टीम का लगातार दूसरी बार ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। इस बार भी रानी रामपाल की अगुवाई वाली टीम ने शीर्ष गुणवत्ता वाली टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। 

2018 एफआईएच महिला विश्व कप में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन ग्रेट ब्रिटेन और ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता स्पेन से हुए मुकाबलों में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीज़न का अपना सर्वश्रेष्ठ अंत करने की कोशिश की। लेकिन भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में शाम के समय उन्होंने जिस तरह से ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया वह बहुत खास रहा। भारतीय टीम के लिए यह वर्ष निश्चित तौर पर बेहद खास और सफलतापूर्ण रहा।

रानी रामपाल और ट्रेनिंग

आइए जानते हैं कि आखिर इस साल टीम के लिए ऐसा क्या बदला जिसकी वजह से उसने इतनी सफलता हासिल की? ओलंपिक चैनल के साथ एक विशेष बातचीत में भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान ने कहा, "मुझे लगता है कि हमारी शारीरिक तौर पर हुई कड़ी ट्रेनिंग प्राथमिक कारण है।"

“हमने अपनी शारीरिक और मानसिक फिटनेस के लिए खुद को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए काफी काम किया है। वेन (लोम्बार्ड, वैज्ञानिक सलाहकार) ने टीम पर बहुत काम किया है जिससे कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को टक्कर दे सकें। मुझे लगता है कि इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम यूरोपीय और अन्य बड़ी टीमों के सामने कमज़ोर नज़र आती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब हम जानते हैं कि अगर हम अपने गेम प्लान के तहत आगे बढ़ते रहें तो हम दुनिया की किसी भी टीम को कड़ी टक्कर दे सकते हैं और हरा सकते हैं।

टीम के मानसिक तौर पर मज़बूत होने की वजह से ही हम नवंबर की शुरूआत में यूएसए के खिलाफ हुए एफआईएच ओलंपिक क्वालिफायर के अपने दूसरे मैच में बेहतर प्रदर्शन कर पाए। अमेरिकियों ने तो पहले हाफ में ही अपने चार गोल के साथ काफी दबाव बना दिया, जिसके चलते भारतीय टीम ओलंपिक सपने से दूर जाती हुई नज़र आने लगी। लेकिन शांत दिमाग के साथ दूसरे हाफ के लिए टीम की अगुआई करते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने न केवल अपनी पूरी ताकत के साथ बचाव किया, बल्कि टाई जीतने और अगले साल होने वाले ओलंपिक के लिए अपनी जगह को को पक्का करने में भी सफल रही। रानी रामपाल कहती हैं, "मुझे लगता है कि टीम ने कभी जीतने का विश्वास करना बंद नहीं किया।"

"हम जानते थे कि हम खुद पर भरोसा करते हुए बेहतर कर सकते हैं, यह सिर्फ महज़ समय की बात थी। हां, इस बात से मैं पूरी तरह सहमत हूं कि हम शुरुआती दो क्वार्टर में बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके, लेकिन दूसरे हाफ में जब आप आमतौर पर टीमों को थका हुआ और थोड़ा आराम से खेलते हुए देखते हैं, तब भी हम लगातार अपना बेहतर करने की कोशिश में लगे हुए थे। मुझे लगता है कि टीम को भरोसा होना चाहिए, चाहे भले ही हम 0-4 से पीछे हों। विश्वास के दम पर हम मैच जीत सकते हैं।”

हालांकि शारीरिक और मानसिक ट्रेनिंग पर ज़ोर देना ही इस तरह के प्रदर्शनों के पीछे का मुख्य कारण रहा है। पिछले एक दशक में भारत में महिलाओं के खेल के प्रति रवैये में आए बदलाव से इंकार नहीं किया जा सकता है। भारतीय टीम की कप्तान कहती हैं, "महिला हॉकी के प्रति भारत में एक बड़े परिवर्तन को साफतौर पर देखा जा सकता है"।

महिला हॉकी के प्रति बदला नज़रिया

“जब मैंने शुरुआत की थी तो राष्ट्रीय टीम के पास ऐसी सुविधाएं और सहायक कर्मचारी कभी नहीं थे। हॉकी इंडिया और SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने इस बात को ध्यान में रखा है कि खिलाड़ियों की अच्छी देखभाल हो। चाहे उनकी चोट से संबंधित कोई भी समस्या हो या पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद फिर से वापसी, ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके बारे में हमें चिंता करने की आवश्यकता है।

एक और शानदार सीज़न के अंत के बाद अब रानी रामपाल ओलंपिक खेलों की अपनी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। वह कहती हैं, “टीम खेल के इस महाकुंभ के शुरू होने को लेकर अब और इंतज़ार नहीं कर सकती। हम बहुत उत्साहित हैं।”

“जैसे हर खिलाड़ी के लिए ओलंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना होता है, ठीक वैसे ही हमारी टीम के साथ भी वैसा ही है। हमारे पास सिर्फ सात महीने हैं, ज्यादा समय नहीं है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि हम उन सभी शिविरों में शामिल हो सकें, जहां हमें मैच खेलना है। जिससे कि जब हम जुलाई में टोक्यो पहुंचे, तो अपने खेल में सर्वश्रेष्ठ स्तर पर रहें।”

भारतीय टीम का नॉक-आउट के लिए क्वालीफाई करना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य होगा। अगर भारतीय महिला टीम एक या दो मुकाबलों में अपने प्रदर्शन से सभी को आश्चर्यचकित करने में सफल रही तो आगे का सफर काफी रोमांचक हो जाएगा। वैसे भी टीम पहले ही कुछ शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी जीत की भूख को साबित कर चुकी है।

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