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वो भारतीय निशानेबाज़ जिन्होंने टोक्यो 2020 के लिए हासिल किया ओलंपिक कोटा

अगले साल होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में भारत की ओर रिकॉर्ड 15 निशानेबाज़ प्रतिभागिता करेंगे।

लेखक रितेश जायसवाल ·

दोहा के कतर में हाल ही में संपन्न हुई 14वीं एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में भारतीय निशानेबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 और ओलंपिक कोटा स्थान हासिल कर लिए हैं। टोक्यो 2020 में अब भारत की ओर से रिकॉर्ड 15 निशानेबाज़ प्रतिभागिता करेंगे। यह संख्या 2016 रियो ओलंपिक की तुलना से तीन अधिक होगी। यही नहीं, इसके अलावा टोक्यो ओलंपिक से पहले रैंकिंग के आधार पर भी कई अन्य भारतीय निशानेबाज़ ओलंपिक का टिकट हासिल कर सकते हैं। ऐसे में भारतीय निशानेबाज़ों की टोक्यो 2020 में जाने की फेहरिस्त अभी और लंबी हो सकती है।

भारतीय शूटिंग में बीते कुछ वर्षों में एक आश्चर्यजनक वृद्धि देखी गई है। जिसमें से देश के कई युवा निशानेबाज़ों ने सर्वोच्च स्तर का प्रदर्शन करते हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में ख़िताब जीते हैं। यहां एक नज़र डालते हुए जानते हैं कि वो कौन से भारतीय निशानेबाज़ हैं जिन्होंने ओलंपिक कोटा हासिल किया।

अंजुम मौदगिल

अंजुम मौदगिल पहली भारतीय एथलीट थीं, जिन्होंने दक्षिण कोरिया के चांगवोन में 2018 वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने सिल्वर मेडल के साथ टोक्यो 2020 के लिए कोटा स्थान प्राप्त किया था। यह ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए पहली क्वालिफिकेशन प्रतियोगिता थी।

महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल में 248.4 के स्कोर के साथ मौदगिल स्थानीय स्टार हाना इम से पीछे रह गईं, लेकिन वह दांव पर लगे चार ओलंपिक कोटा स्थानों में से एक को हासिल करने में सफल रहीं। आपको बता दें, यह पहला मौक़ा होगा जब वह ओलंपिक खेलों में शिरकत करेंगी।

अपूर्वी चंदेला

महिलाओं की एयर राइफल में मौजूदा शीर्ष क्रम की निशानेबाज़ अपूर्वी चंदेला ने भी इसी प्रतियोगिता में ओलंपिक के लिए अपनी जगह पक्की की। वह महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल में 207 अंक हासिल कर चौथे स्थान पर रहीं और कोटा स्थान हासिल किया।

दक्षिण कोरिया में चंदेला की जीत का मतलब बेहद दिलचस्प था। यह पहला मौका था जब एक ही वर्ग में भारत के दो निशानेबाज़ उसी प्रतियोगिता में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने में कामयाब रहे। 26 वर्षीय इस एथलीट ने 2016 के रियो खेलों में भाग लिया, जहां वह 34वें स्थान पर रहीं। अब टोक्यो 2020 में वह अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश करेंगी।

सौरभ चौधरी

2018 एशियाई खेलों में 17 वर्षीय इस निशानेबाज़ ने 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीतकर सभी को हैरान कर दिया था। तब से सौरभ चौधरी का शानदार प्रदर्शन जारी है। इस साल की शुरुआत में नई दिल्ली में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में अपनी सरज़मीं पर गोल्ड के साथ ओलंपिक कोटा जीता था। यह युवा खिलाड़ी वर्ल्ड कप में पहले ही पांच गोल्ड मेडल जीत चुका है। हाल ही में कतर में संपन्न हुई एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता।

राही सरनोबत (दाएं) ने म्यूनिख में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में भारत के लिए जीता ओलंपिक कोटा

राही सरनोबत

अनुभवी निशानेबाज़ 2012 में 25 मीटर एयर पिस्टल में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनीं। हालांकि वह चोट के कारण रियो 2016 के ओलंपिक खेलों का हिस्सा नहीं बन सकीं। अब चार साल बाद ISSF म्यूनिख वर्ल्ड कप में ओलंपिक कोटा हासिल कर वह टोक्यो में भाग लेने की उम्मीद कर रही हैं। 2012 लंदन खेलों में सरनोबत 19वें स्थान पर रहीं थीं। लेकिन अब जबकि वह एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी हैं तो सभी को टोक्यो में उनसे अपने रिकॉर्ड को और भी बेहतर करने की उम्मीद रहेगी।

अभिषेक वर्मा

खुद को शौक़िया निशानेबाज़ करार देने वाले इस 30 वर्षीय निशानेबाज़ ने इस सीज़न में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का दिल जीत लिया। बीते 12 महीनों में वर्मा ने दो आईएसएसएफ वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल और एक एशियाई चैंपियनशिप ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। वहीं, आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल के साथ पुरुषों की एयर पिस्टल में भारत का दूसरा ओलंपिक कोटा भी हासिल किया।

इसके बाद भी वर्मा की जीत का सिलसिला जारी रहा और उन्होंने कुछ महीने बाद रियो वर्ल्ड कप में एक और गोल्ड जीतने में सफलता हासिल की। फिर वर्मा ने मनु भाकर के साथ एशियाई चैंपियनशिप में मिश्रित टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और खुद को टोक्यो 2020 का प्रमुख दावेदार साबित किया।

दिव्यांश सिंह पंवार

दिव्यांश सिंह पंवार उम्र में भले ही महज 17 साल के हैं, लेकिन इस साल के शुरू में ही बीजिंग आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने सभी को हैरान कर दिया था। इस निशानेबाज़ ने मौदगिल के साथ एयर राइफल मिश्रित टीम में दो आईएसएसएफ वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल भी जीते थे।

मनु भाकर

सरनोबत की तरह ही 17 वर्षीय मनु भाकर ने भी म्यूनिख में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के जरिए ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए अपना कोटा स्थान पक्का किया। यहां वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में चौथे स्थान पर रहीं। भाकर का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। हाल ही में संपन्न एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने एक गोल्ड मेडल जीता और यह बता दिया कि ओलंपिक वर्ष के लिए उनकी तैयारी कैसी चल रही है।

यशस्विनी देसवाल

जहां भाकर 10 मीटर एयर पिस्टल में अपना कोटा स्थान पक्का करने वालीं पहली महिला निशानेबाज रहीं तो वहीं उनके बाद 22 वर्षीय यशस्विनी देसवाल ने जल्द ही रियो में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतकर यह जगह पक्की की।

युवा खिलाड़ी ने एशियाई चैंपियनशिप में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और फाइनल में जगह बनाई। इसके बाद देसवाल ने चौधरी के साथ जोड़ी बनाकर दोहा में मिश्रित टीम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता।

संजीव राजपूत

रियो में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में भारत का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा, जहां भारतीय टुकड़ी ने रिकॉर्ड 22 मेडल जीतते हुए 2020 में होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों के लिए कुछ कोटा स्थान भी हासिल किए। रियो के प्रमुख लाभार्थियों में पुरुषों के 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन शूटर संजीव राजपूत ने फाइनल में 462 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।

2008 के बीजिंग और 2012 के लंदन ओलंपिक खेलों में भी इस अनुभवी निशानेबाज़ ने हिस्सा लिया था, लेकिन वह क्वालिफिकेशन राउंड से आगे बढ़ने में कामयाब नहीं हो सके। अब अपने करियर का तीसरा ओलंपिक कोटा हासिल करने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों के गोल्ड मेडल विजेता अपने ओलंपिक प्रदर्शन को बेहतर करने की उम्मीद करेंगे।

दीपक कुमार

अनुभवी निशानेबाज़ ने एशियाई चैंपियनशिप में भारत के शानदार प्रदर्शन की शुरुआत की और प्रतियोगिता के पहले ही दिन ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल कर लिया था। दीपक कुमार ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल श्रेणी के फाइनल में 227.8 का स्कोर बनाया और चीन के लियू युकुन और यू हैनान के पीछे पोडियम पर तीसरे स्थान पर रहे।

32 वर्षीय ने 2018 एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीता था और अगर उन्हें चुना गया तो अब वह अगले साल टोक्यो में ओलंपिक खेलों में अपना डेब्यू करेंगे।

चिंकी यादव

मध्य प्रदेश की युवा निशानेबाज ने हाल ही में संपन्न हुई एशियाई चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के साथ देश के लिए ओलंपिक कोटा हासिल किया है।

दोहा में यादव की जीत के साथ ही अब उनके अनुशासन के लिए टोक्यो 2020 में भारत की अधिकतम भागीदारी होगी और उम्मीद रहेगी कि चार साल पहले के प्रदर्शन में सुधार दिखने को मिले। रियो में हीना सिद्धू इस इवेंट में 20वें स्थान पर रही थीं।

तेजस्विनी सावंत ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में जीता गोल्ड मेडल

तेजस्विनी सावंत

एशियन चैंपियनशिप में चौथे स्थान पर रहते हुए तेजस्विनी सावंत के कोटा हासिल करने के बाद भारत अब टोक्यो 2020 में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोज़ीशन एयर राइफल में भी भागीदारी करेगा। सावंत तीन बार के राष्ट्रमंडल खेलों के गोल्ड मेडल विजेता हैं, लेकिन अगर उन्हें चुना गया तो वह 2020 में अपना पहला ओलंपिक डेब्यू करेंगे।

एश्वर्य सिंह तोमर

भारत के एक अन्य 18 वर्षीय युवा निशानेबाज़ ऐश्वर्य सिंह तोमर ने एशियाई चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रहने के साथ कोटा स्थान हासिल करने वाले देश के 13वें निशानेबाज बन गए।

दोहा में तोमर के कांस्य का यह मतलब है कि अब पुरुषों की 50 मीटर 3 पोजिशन राइफल श्रेणी में भारत की अधिकतम भागीदारी होगी, जिसमें संजीव राजपूत ने रियो विश्व कप में पहले कोटा जीता था।

अंगद बाजवा

भारत के स्कीट निशानेबाज़ों का प्रदर्शन पूरे सीजन में निराशाजनक रहा, लेकिन दोहा में हुई एशियाई चैंपियनशिप में अंगद ने कमाल कर दिया और पुरुषों की स्कीट श्रेणी में गोल्ड मेडल हासिल करने में सफल रहे।

अब एशियन शॉटगन चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता से उम्मीद की जाएगी कि वह 2020 में अपना शानदार ओलंपिक डेब्यू करें।

मिराज अहमद खान

दोहा में एशियाई चैम्पियनशिप में भारत के स्कीट निशानेबाजों के लिए मिराज अहमद खान भी खुशी की वजह बने। अनुभवी खान 2020 टोक्यो खेलों के लिए पुरुष स्कीट कोटा हासिल करने वाले दूसरे निशानेबाज़ बने। 44 वर्षीय इस निशानेबाज़ ने 2016 के रियो खेलों में भाग लिया, जहां वह नौवें स्थान पर रहे।