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कैसे सुशील कुमार से लेकर साइना नेहवाल कर सकते हैं टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई

आने वाले महीने भारतीय खिलाड़ियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं, क्योंकि उन्हें कई ओलंपिक क्वालिफायर्स इवेंट में हिस्सा लेना है।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

कोविड-19 महामारी के कारण कई महीने खेल के मैदान से दूर रहने के बाद भारतीय एथलीट आने वाले महीनों में होने वाली विभिन्न टोक्यो ओलंपिक क्वालिफाइंग इवेंट में हिस्सा लेंगे।

जहां एक तरफ बजरंग पुनिया (Bajrang Punia), नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra), एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom), विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) और हॉकी टीमों सहित कुछ सुपरस्टार एथलीटों ने टोक्यो खेलों में अपनी जगह पक्की कर ली है तो कई खिलाड़ी इसके काफी पास हैं।

ओलंपिक चैनल उन खिलाड़ियों की चर्चा कर रहा है, जो टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा ले सकते हैं।

भारतीय महिला तीरदांज के पास आखिरी मौका

भारतीय पुरुषों की रिकर्व टीम और दीपिका कुमारी (महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा में) ने एक साल पहले ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया था, तो वहीं महिला रिकर्व टीम पेरिस में होने वाले फाइनल क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर टोक्यो का टिकट हासिल करना चाहेगी।

दीपिका कुमारी ने पिछले साल एशियाई क्वालीफाइंग इवेंट में महिलाओं की व्यक्तिगत श्रेणी में कोटा हासिल किया था।

तीरदांज 18-21 जून को आयोजित होने वाला पेरिस इवेंट के टीम इवेंट में तीन कोटा हासिल कर सकते हैं। बॉम्बायला देवी (Bombayla Devi), मधु वेदवान (Madhu Vedwan) और दीपिका कुमारी (Deepika Kumar) सहित कई तीरदांज टोक्यो ओलंपिक का टिकट हासिल करना चाहेंगे।

ट्रैक और फील्ड एथलीट्स का व्यस्त कार्यक्रम

अब तक, टोक्यो ओलंपिक के लिए भारत की ट्रैक और फील्ड दल में नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra), शिवपाल सिंह ( Shivpal Singh) (दोनों भाला फेंक), अविनाश साबले (Avinash Sable) (3000 मीटर स्टीपलचेज़), केटी इरफ़ान (KT Irfan), भावना जाट (Bhawna Jat) (दोनों दौड़ में) और 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम शामिल हैं।

लेकिन अब जब आने वाले महीनों में कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स होने वाले हैं तो भारतीय एथलीट्स टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर वहां अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे।

घरेलू सत्र की शुरुआत 12 फरवरी से भारतीय ग्रैंड प्रिक्स (Indian Grand Prix) के साथ होगी। भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) यह सुनिश्चित करेगा साल के सभी शीर्ष मैच क्वालिफिकेशन विंडो से पहले आयोजित किए जाएं।

4 ग्रैंड प्रिक्स इवेंट के अलावा फेडरेशन कप (Federation Cup) 10-13 मार्च को आयोजित किया जाएगा जबकि इंटर-स्टेट चैंपियनशिप (Inter-State Championships) 25 जून से शुरू होगी। ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के आखिरी तारीख 29 जून है।

वहीं एशियन एथलीट्स चैंपियनशिप (Asian Athletics Championships) का आयोजन 20 मई से 23 तक होगा, लेकिन यह देखा जाना बाकी है कि क्हांग्जो, चीन के साथ योजनाबद्ध तरीके से ही आयोजन करेगा।

बैडमिंटन खिलाड़ियों पर भी होगी नजर

ओलंपिक के बाकी खेलों से अलग बैडमिंटन में क्वालिफिकेश में रैंकिंग के माध्यम से क्वालिफायर्स का चयन होता है। कुल मिलाकर 38 बैडमिंटन खिलाड़ियों को एकल में और 16 जोड़ियों को डबल्स इवेंट में हिस्सा लेने की इजाजत मिलती है।

सिंगल्स में बीडबल्यूएफ वर्ल्ड रैंकिंग के टॉप 16 खिलाड़ी (हर देश से दो खिलाड़ी) हिस्सा लेते हैं और बाकी खिलाड़ियों को रैंकिंग के आधार पर मौका दिया जाता है लेकिन हर देश से केवल एक ही खिलाड़ी शामिल हो सकता है।

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को भी टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना है

डबल्स की बात करें तो टॉप 8 जोड़ियां ओलंपिक में हिस्सा लेती हैं, हालांकि इसमें भी हर देश से केवल ज्यादा से ज्यादा 2 ही जोड़ी शामिल हिस्सा ले सकती है। बाकी की प्रक्रिया एकल जैसी ही होती है।

अब तक वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु (PV Sindhu) और बी साई प्रणीत (B Sai Praneeth) का ओलंपिक में हिस्सा लेना निश्चित है, वहीं साइना नेहवाल (Saina Nehwal), श्रीकांत किदांबी (Srikanth Kidambi) और एचएस प्रणॉय (HS Prannoy) मार्च में होने वाले स्विस ओपन में अच्छा प्रदर्शन कर टोक्यो का टिकट हासिल करना चाहेंगे

बैडमिंटन खिलाड़ियों के ओलंपिक क्वालिफिकेशन का आखिरी इवेंट इंडिया ओपन सुपर 500 है, जो 11 मार्च से 16 मार्च तक खेला जाएगा।

बॉक्सर्स के पास आखिरी उम्मीद

बॉक्सिंग में भारत के बड़े नामों ने पिछले साल एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स में टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया था लेकिन गौरव सोलंकी (Gaurav Solanki) (57 किग्रा), सचिन कुमार (Sachin Kumar) (81 किग्रा), नमन तंवर (Naman Tanwar) (91 किग्रा) और साक्षी चौधरी (57 किग्रा) के पास जून में होने वाले वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर्स में अच्छा प्रदर्शन कर टोक्यो जाने का मौका मिलेगा।

दीपा कर्माकर के लिए छोटा मगर शानदार मौका

कोरोना महामारी के कारण मिले इस ब्रेक का फायदा कहीं ना कहीं चोटिल दीपा कर्माकर (Dipa Karmakar) को मिला है लेकिन अब भी भारत की टॉप की जिमनास्ट के लिए इस साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक की राह आसान नहीं है।

अब दीपा को ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना है तो उनके पास केवल एफआईजी आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक विश्व कप (FIG Artistic Gymnastics World Cup series) का ही सहारा है, अब भारतीय स्टार  दोहा में 10 मार्च से 13 मार्च तक होने वाले इस इवेंट में शानदार प्रदर्शन करना होगा।

साल 2020 में चोटों से परेशान रहीं दीपा कर्माकर

अब इस क्वालिफिकेशन रेस में दीपा को 9वें स्थान पर रखा गया है और केवल एक ही जिमनास्ट को टोक्यो जाने का मौका मिलेगा।

भवानी देवी के लिए चुनौतीपूर्ण समय

अगर उम्मीद के अनुसार सब ठीक रहा तो भवानी देवी भारत की पहली तलवारबाज़ होंगी जो कि ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेंगी।

लेकिन तमिलनाडु की इस एथलीट को ऐसा करना है तो उन्हें 15 से 30 अप्रैल तक साउथ कोरया के सिओल में होने वाले एशियन ओलंपित क्वालिफाइंग इवेंट में अच्छा प्रदर्शन कर होगा। या वह 5 अप्रैल, 2021 तक व्यक्तिगत कृपाण में इस महाद्वीप में शीर्ष दो भी वह रही तो ओलंपिक का टिकट कटवा लेंगी।

रोइंग टीम से भी होगी उम्मीद

ओलंपिक ईयर में पूरी उम्मीद की जा रही है कि भारतीय रोअर भी टोक्यो ओलंपिक का हिस्सा बनेंगे। हालांकि एशियाई और ओशिनिया ओलंपिक योग्यता रेगाटा अप्रैल में आयोजित किया जाना है, लेकिन अभी भी इसी आधिकारिक घोषणा होना बाकी है, वहीं अंतिम ओलंपिक क्वालिफिकेशन रेगाटा 16-18 मई को स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न में होगी।

सेलिंग में भी हो सकता है कमाल

फेसिंग की तरह सेलिंग में भी हो सकता है कि भारत ओलंपिक में पहली बार हिस्सा लें। अगले महीने यूएई में होने वाली 2021 एशियन सेलिंग चैंपियनशिप (Asian Sailing Championships) में अगर नेत्र कुमारन (Nethra Kumanan) और हर्षिता तोमर (Harshita Tomar) टॉप 2 में फिनिश करती हैं तो वह टोक्यो का टिकट हासिल करने में सफल हो जाएंगी।

नेत्र कुमारन सुर्खियों में तब आईं थे, जब उन्होंने वर्ल्ड कप सीरीज मेडल में कांस्य पदक अपने नाम किया था, ऐसा कारनामा करने वाली वह भारत की पहली महिला बनीं थी। वहीं हर्षिता मेहता 2018 एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता है।

संख्या में बढ़ोतरी करना चाहेंगे शूटर्स

अब तक 15 शूटर्स ओलंपिक का कोटा हासिल कर चुके हैं और अंतर्राष्ट्रीय खेल शूटिंग महासंघ (ISSF) द्वारा मार्च में ISSF विश्व कप के बाद विश्व रैंकिंग के आधार पर इसमें और इजाफा हो सकता है।

क्वालिफिकेश सिस्टम के अनुसार, क्वालिफाइंग पीरियड के दौरान अर्जित विश्व रैंकिंग अंक 31 मार्च, 2020 की रैंकिंग सूची में जोड़े जाएंगे और सबसे अधिक रैंक वाले शूटर, जिन्होंने अब तक योग्य नहीं है, उन्हें कोटा दे दिया जाएगा।

जबकि भारत में अधिकांश श्रेणियों में कोटा हासिल कर लिया है, अनीश भानवाला (Anish Bhanwala) को इससे लाभ मिल सकता है बशर्ते वह 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में अच्छा प्रदर्शन करे।

‘A’ ग्रेड की चाहत में स्विमर्स

ज्यादा से ज्यादा 6 भारतीय तैराक ओलंपिक खेलों के समय (ओएसटी) या टोक्यो खेलों के लिए ‘B ’क्वालीफाइंग समय में शामिल हुए हैं। लेकिन अगर उन्हें निश्चित तौर पर ओलंपिक में हिस्सा लेना है तो ओलंपिक क्वालिफाइंग समय में ए ग्रेड हासिल करनी होगी।

अब जबकि भारत में कोई भी स्विमिंग इवेंट नहीं होना है तो श्रीहरि नटराज (Srihari Nataraj), रियो ओलंपियन साजन प्रकाश (Sajan Prakash), विर्धवल खाडे (Virdhawal Khade) और कुशाग्र रावत (Kushagra Rawat) जैसे तैराक अन्य तैराकों के साथ पूर्व एशिया में होने वाली प्रतियोगिता को ओलंपिक ग्रेड बनाने के लिए देखेंगे।

यदि वे ’ए’ कट को क्लॉक करने में सफल नहीं रहते हैं, तो भारतीय तैराकों को यूनिवर्सिटी कोटा के तहत आमंत्रित किए जाने की उम्मीद होगी।

साथियान और शरत कमल पर सभी की नजरें

भारतीय टेबल टेनिस स्टार साथियान गणानाशेखरन (Sathiyan Gnanasekaran), अचंता शरथ कमल (Achanta Sharath Kamal) और मणिका बत्रा (Manika Batra) इस साल के अंत में बैंकॉक में एशियाई ओलंपिक क्वालीफिकेशन मीट की ओर देखेंगे, जो टोक्यो 2020 में एकल स्पर्धा में जगह बनाने के लिए होगा।

इस एशियन इवेंट से 6 ओलंपिक कोटा हासिल किए जा सकते हैं। अगर भारतीय खिलाड़ी यहां असफल रहते हैं तो तो उन्हें ओलंपिक खेलों में जगह बनाने के लिए विश्व रैंकिंग के आधार पर मिलने वाले कोटे पर निर्भर रहना होगा।

टेनिस में भी अच्छे प्रदर्शन का भरोसा

बैडमिंटन की तरह ही टेनिस में भी ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लेने का फैसला एटीपी और डबल्यूटीए रैंकिंग के आधार पर होता है। टोक्यो 2020 में भारत की भागीदारी 7 जून को जारी रैंकिंग के बाद निर्धारित की जाएगी।

ओलंपिक के लिए तैयार मीराबाई चानू

वेटलिफ्टिंग एक और इवेंट जिसमें वर्ल्ड रैंकिंग के आधार पर फैसला होता है लेकिन एक देश के वेटलिफ्टर की सर्वाधिक संख्या वजन के अनुसार विभाजित होती है। इसकी मुख्य वजह एंटी-डोपिंग का उल्लंघनों का होना भी है।

टोक्यो ओलंपिक में भारत की तरफ से दो मेंस और वुमेंस वेटलिफ्टर हिस्सा ले सकते हैं लेकिन मौजूदा स्थिति के अनुसार महिला 49किलोग्राम कैटेगिरी में मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) और पुरुष 67किलोग्राम कैटेगिरी में जेरेमी लाल्रीनुंगा (Jeremy Lalrinnunga) से ही ओलंपिक की उम्मीदें हैं।

सुशील कुमार और साक्षी मलिक के लिए महत्वपूर्ण समय

जिन भी भारतीय रेसलर ने अब तक ओलंपिक का कोटा हासिल नहीं किया है, उनके लिए आने वाले महीने काफी महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

अब जबकि 9 अप्रैल से 11 अप्रैल तक एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स और 29 अप्रैल से वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर्स होने जा रहे हैं तो सभी कि नजरें सुशील कुमार (Sushil Kumar), साक्षी मलिक (Sakshi Malik), सोनम मलिक (Sonam Malik) और पूजा ढांडा (Pooja Dhanda) पर टिकी हुई है।