जानिए कौन-सी चीज चिराग शेट्टी को बैडमिंटन की दुनिया में दूसरों से बनाती है अलग

केविन सुकामुल्जो और मार्कस जिडिऑन ने अब तक नौ बार चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी का सामना किया है और हर बार जीत हासिल की है।

जहां किसी भी खेल में दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनना बड़ी चुनौती होती है, वहीं शीर्ष पर बने रहना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता।

ये बैडमिंटन जैसे खेल में और भी मुश्किल हो जाता है, जहां उच्च रैंक वाले शटलर एक-दूसरे का सामना अक्सर नॉकआउट में करते हैं, जिसमें एक दूसरे की ताकत और कमजोरियों का पता चलता है।

हालांकि, भारत के शीर्ष क्रम के युगल खिलाड़ी चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) को बाकी सभी से अलग बनाती है, वह सरल और सबसे महत्वपूर्ण चीज अप्रत्याशितता है।

भारत के विश्व नंबर 10 पुरुष युगल स्टार इस विशेषता का श्रेय इंडोनेशियन के शटलर केविन संजया सुकामुल्जो (Kevin Sanjaya Sukamuljo) और मार्कस फर्नाल्डी जिडिऑन (Marcus Fernaldi Gideon) की दुनिया की नंबर एक पुरुष युगल जोड़ी देते हैं।

चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने अब तक नौ बार इंडोनेशियाई जोड़ी का सामना किया है और एक बार भी जीत हासिल नहीं कर पाई है।

उनको "सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी" बताया था, जिसका उन्होंने और उनके साथी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने सामना किया है, चिराग शेट्टी ने सोचने की उनकी क्षमता के बारे में बताया जो उन्हें विशेष बनाता है।

चिराग शेट्टी ने ओलंपिक चैनल को बताया,  "केविन और मार्कस की जोड़ी में केविन वास्तव में हमें सबसे अधिक प्रभावित करते हैं। वो बहुत रचनात्मक है।”

उन्होंने कहा, '' वो हमें बिल्कुल भी आक्रमण नहीं करने देते क्योंकि वो नेट पर बहुत तेज हैं और हमें कभी नहीं पता चलता कि वो आगे क्या करेंगे। ये किसी भी मैच का प्रमुख अंतर है।

22 वर्षीय शटलर ने आगे कहा, “वो हमेशा कुछ नया करते हैं जब भी वो स्कोर में पिछड़ रहे होते हैं। वो कुछ नया करके मुकाबला जीत लेते हैं।”

अनुभव के साथ आगे बढ़ रहे हैं चिराग

हालांकि, चिराग शेट्टी का मानना ​​है कि वो और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी धीरे-धीरे उनके बारे में जान रहे हैं। चिराग ने 2016 में पहली बार जोड़ी बनाई थी और मुंबई शटलर का मानना ​​है कि उन्हें अब इंडोनेशियाई जोड़ी का सामना करने का अनुभव है।

इनेक अनुभव का अंदाजा इसी ले लगाया जा सकता है जब शेट्टी-रंकीरेड्डी की जोड़ी ने जापान के हिरोयुकी एंडो (Hiroyuki Endo) और यूटा वतनाबे (Yuta Watanabe) की उच्च रैंक वाली जोड़ी के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया।

“एंडो और वतनबे ने पिछले साल पांच बार इंडोनेशियाई जोड़ी को हराया है और हमने एंडो-वतनाबे को 2019 में फ्रेंच ओपन और चाइना ओपन में दो बार हराया।”

उन्होंने कहा, "मुझे लगता हैं कि हम आकलन कर रहे हैं कि हम क्या कर रहे हैं और कैसे अपने लक्ष्य के करीब हो रहे हैं।"

इंडोनेशियाई जोड़ी के अलावा जापान की ताकेशी कामुरा (Takeshi Kamura) और कीगो सोनोडा (Keigo Sonoda) एक और जोड़ी है जो भारतीय जोड़ी के खिलाफ कभी हारी नहीं है।

लेकिन, चिराग शेट्टी का मानना ​​है कि उन्होंने कोड को क्रैक कर लिया है और ये सिर्फ समय की बात है।

चिराग शेट्टी ने कहा, "हमने कभी भी ताकेशी कामुरा और कीगो सोनोडा को नहीं हराया है, लेकिन हम उनकी रणनीति को समझने के बेहद करीब आ गए हैं और हमें विश्वास है कि हम उन्हें हराने में सफल हो सकते हैं।"

उन्होंने कहा, "हमने जापानी जोड़ी के खिलाफ सभी पांच मुक़ाबलों में अच्छे से मुकाबला किया है और मैच या तो तीन गेम तक चला है या दो गेम के करीब रहा है।"

कमाल की है ये जोड़ी

जब मलेशियन डबल्स कोच तन किम हर ने 2016 में चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की जोड़ी बनाने का विचार किया था, तब सभी लोग सहमत नहीं थे।

दोनों खिलाड़ी अपनी लंबाई और ताकत के मामले में एक समान थे। रैलियों को खत्म करने की उनकी प्रवृत्ति ने उन्हें बहुत ही समान प्रकार के खिलाड़ी बना दिए।

हालांकि चिराग शेट्टी को अपनी खेल शैली में बदलाव करना पड़ा और वो मैच फिनिशर बनकर उभरे। लेकिन भारतीय जोड़ी अब गति, शक्ति और लक्ष्य के साथ खड़ी है जो पुराने बैडमिंटन पॉवरहाउस के खिलाफ चुनौती पेश करने के लिए तैयार है।

पिछले साल, भारतीय जोड़ी ने दुनिया की नंबर पांच जापानी जोड़ी को हराया, हिरोयुकी एंडो और यूटा वतनाबे की जापानी जोड़ी को दोनों मौकों पर हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने विश्व नंबर तीन चीनी ली जुन हुई और लियू यू चेन की जोड़ी को तीन में से दो मुक़ाबलों में हराया।

चिराग शेट्टी ने कहा, "हम चीन के ली जून हुई (Li Jun Hui ) और लियू यू चेन (Liu Yu Chen) (क्रमशः 6'5" और 6'4) या जापान के एंडो और युता वतनाबे जैसे लंबे खिलाड़ियों के खिलाफ अच्छा खेल रहे हैं। जो छह फीट से अधिक लंबे खिलाड़ी हैं।”

"वो (एंडो 5'6" और वतनबे 5'4 ") बहुत बचना पसंद करते हैं। वो शटल उठाते रहते हैं और हम पर हमला करने की प्रतीक्षा करते हैं, जो हम अपने विरोधियों से करवाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, "चीनी (हुई और चेन) हम पर हमला करना पसंद करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हम उनसे थोड़ा तेज हैं।"

बी सुमीत रेड्डी (B Sumeeth Reddy) और मनु अत्री (Manu Attri) की जोड़ी 2016 ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई करना वाली पहली भारतीय पुरुष युगल जोड़ी बनी, उसके बाद फायरपॉवर चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की जोड़ी से देश को उम्मीद है।

पुरुषों की युगल ओलंपिक क्वालिफिकेशन तालिका में नौवें स्थान पर काबिज इस जोड़ी ने भी टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर युगल वर्ग में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बने हुई है।

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