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आशीष कुमार को भरोसा है कि वह 2020 ओलंपिक में जगह बना लेंगे

ओलंपिक क्वालिफ़ायर के दूसरे दौर में आशीष कुमार के सामने चौथी वरीयता प्राप्त किर्गिस्तान के ओमरबेक बेकज़िगित की चुनौती होगी

लेखक सैयद हुसैन ·

75 किग्रा भारवर्ग में भारत के मिडिलवेट मुक्केबाज़ आशीष कुमार (Ashish Kumar) को पूरी उम्मीद है कि जॉर्डन के अम्मान में चल रहे ओलंपिक बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर में ही वह टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ाई कर जाएंगे।

मंगलवार को हुए क्वालिफ़िकेशन इवेंट में अपना मुक़ाबला जीतकर 24 वर्षीय इस भारतीय मुक्केबाज़ ने अगले दौर में प्रवेश कर लिया है, उन्होंने चीनी ताइपे के चिया-वेई कान (Chia-Wei Kan) को 5-0 (unanimous निर्णय) से शिकस्त दी।

इस लक्ष्य को पाना ही होता है किसी भी खिलाड़ी का सपना

2019 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप और इंडिया ओपन में रजत पदक जीत चुके आशीष कुमार ने थाईलैंड ओपन में अपना आत्मविश्वास और बढ़ाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया था।

लिहाज़ा दिसंबर में हुए नेशनल ट्रायल्स में जब उनके सामने नेशनल चैंपियन और साउथ एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट अंकित खताना की चुनौती थी, तो ये तय माना जा रहा था कि जीत आशीष की ही होगी। आशीष कुमार ने अपनी हालिया क़ामयाबियों का श्रेय उनके उस सपने को दिया है, जिसमें उन्होंने ओलंपियन बनना ठान रखा है।

ओलंपिक चैनल के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में आशीष कुमार ने कहा, ‘’ओलंपियन बनना मेरे लिए सबकुछ है, ये किसी भी खिलाड़ी का सबसे बड़ा लक्ष्य होता है और मेरा भी यही सपना है। मुझे पूरा भरोसा है कि मैं अपने इस सपने को शत प्रतिशत सच करूंगा।‘’

ऐसे आया आत्मविश्वास वापस

आशीष कुमार का आक्रामक अंदाज़ सभी को बेहद भाता है, लंबे क़द का ये मुक्केबाज़ अपने विरोधी पर तुरंत ही धावा बोलने की क़ूवत रखता है। आशीष को अपने लंबे क़द का फ़ायदा मिलता है।

लेकिन इतना आत्मविश्वास हासिल करना आसान नहीं होता, आशीष को भी कई मुक़ाबले स्प्लिट निर्णय के आधार पर गंवाने पड़े हैं। और यहां तक ​​कि गलत रणनीतिक सलाह का भी उन्हें शिकार होना पड़ा था, जिसकी वजह से वह अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देरी से आए।

‘’एक मुक्केबाज़ के तौर पर मैंने कई चुनौतियों का सामना किया है, सच कहूं तो मुक्केबाजी की तरफ़ आने में मुझे कुछ समय लगा। मैं इस बात को लेकर अनिश्चित रहता था कि क्या मुझे आक्रमण, रक्षा या लंबी दूरी तक खेलना है, या क्या मुझे अपनी ऊंचाई, या अपनी ताकत या अपनी सहनशक्ति का फायदा उठाना चाहिए।‘’

आशीष ने आगे कहा, "लेकिन अब, मुझे लगता है कि मेरा खेल एक अच्छे स्तर पर है, और मुझे पता है कि कब आक्रमण, रक्षा या लंबी दूरी पर खेलना है। यह सब ठीक चल रहा है और अब मैं टोक्यो 2020 में भारत के लिए पदक जीतना चाहता हूं।‘’

75 किग्रा भारवर्ग में कुछ बेहतरीन नाम भी शामिल हैं, जिसमें फ़िलिपिंस के मार्शल एयुमिर (Marcial Eumir) के साथ मुक़ाबले का इंतज़ार आशीष को बेसब्री से है। मार्शल इस प्रतियोगिता में शीर्ष वरीयता मुक्केबाज़ हैं, और साथ ही साथ उनके सामने कज़ाकिस्तान के आबिलख़ान अमानकुल (Abilkhan Amankul) की चुनौती भी हो सकती है।

वासिल लोमाचेन्को और फ़्लॉयड मेवेदर को अपना आदर्श मानने वाले हिमाचल पर्देश के इस मुक्केबाज़ ने कहा, ‘’उन मुक्केबाज़ों के साथ प्रतिस्पर्धा करना ही मेरे लिए बड़ी बात है, अच्छा लगता है जब मैं अच्छी फ़ाइट करता हूं और मुझे विश्वास है कि मैं उन्हें भी हराने में सक्षम हूं।‘’

कब और कहां देख सकते हैं बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर ?

आप एशिया/ओशियिना बॉक्सिंग क्वालिफ़िकेशन का सीधा प्रसारण एक्सक्लूसिव तौर पर ओलंपिक चैनल पर देख सकते हैं, साथ ही हमारे फ़ेसबुक पेज पर भी इसका आनंद उठा सकते हैं। सुबह के सत्र की शुरुआत भारतीय समयनुसार दोपहर 2.30 बजे से होती है, जबकि शाम का सत्र भारतीय समयनुसार 8.30 बजे से प्रस्तावित है।