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अनिर्बान लाहिड़ी जापान में मिले तजुर्बे को टोक्यो 2020 में ढाल बनाना चाहते हैं

एक छोटी सी चोट ने भारतीय गोल्फर अनिर्बान लाहिड़ी को रियो 2016 में अपना सर्वश्रेष्ठ देने से रोक दिया था और अब उनका लक्ष्य टोक्यो 2020 में जगह बनाना है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

जब से रियो ओलंपिक के ज़रिए ओलंपिक गेम्स में गोल्फ की वापसी हुई है तब से विश्व के गोल्फरों का एक ही लक्ष्य रहा है और वह है इस प्रतियोगिता में पदक जीतना और अपने देश को सम्मानित करना।

भारतीय गोल्फर अनिर्बान लाहिड़ी (Anirban Lahiri) उन तीन गोल्फरों में से एक हैं जिन्हें इस मंच पर अपने देश को गौरवान्वित करना का अवसर मिल सकता है। अनिर्बान लाहिड़ी के साथ एसएसपी चौरसिया (SSP Chawrasia) और अदिति अशोक (Aditi Ashok) भी अपने जौहर का जलवा दिखाते हुए नज़र आएँगी।

112 सालों के बाद ओलंपिक पुरुष गोल्ड जीतने का मौका जस्टिन रोज़ (Justin Rose) को मिला और तो और भारतीय गोल्फर अनिर्बान लाहिड़ी भी इस रेस का हिस्सा थे। ग़ौरतलब है कि लाहिड़ी ने अपने कारवां का अंत जस्टिन रोज़ के मुकाबले 10 ओवर के स्कोर के साथ किया।

रियो 2016 में लाहिड़ी अपने कंधे की चोट से भी जूझ रहे थे और ऐसे में उन्हें लग रहा है कि उनके हाथ से एक सुनहरा अवसर निकल गया।

ओलंपिक चैनल से बात करते हुए लाहिड़ी ने कहा “रियो 2016 में मेरा प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। जब से मैं वहां से निकला हूं तब से ही मैं टोक्यो जाने के लिए उत्सुक रहा हूं। मुझे लगता है कि ओलंपिक में अभी मेरा कार्य अधूरा रह गया है।”

“मुझे राष्ट्रीय गान सुनने के लिए एक अतिरिक्त मौका और शॉट चाहिए। यह मेरा सपना है और इसलिए ही टोक्यो ओलंपिक गेम्स में ही मैं अपना सब कुछ झोंक देना चाहता हूं।”

ओलंपिक में क्वालिफाई के नियमों की मानें तो विश्व के सर्वश्रेष्ठ 15 गोल्फर इसमें हिस्सा लेंगे और इनके अलावा हर देश के सिर्फ 2 ही गोल्फर ओनी जगह बना पाएंगे।

फिलहाल लाहिड़ी का भारत में रैंक 8 है और अभी उन्हें टॉप 2 में आने की ज़रूरत है अगर वह टोक्यो 2020 में अपनी जगह बनाना चाहते हैं।

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय गोल्फर अनिर्बान लाहिड़ी का सपना अपने देश को सम्मानित करना है।

अगर वह लगातार दूसरी बार ओलंपिक गेम्स में अपनी जगह बनाने में सफल हो गए तो हो सकता है की जापानी धरती उनके लिए कुछ ख़ास सपने संजो के रखे।

अनिर्बान लाहिड़ी ने बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कहा “मैंने वहां 2005 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप (World Junior Championships) में हिस्सा लिया है और साथ ही एशियन गोल्फ टूर जैसी कई प्रतियोगिताएं भी खेली हैं। इसी वजह से मैं अंदाजा लगा सकता हूं वहां की परिस्थितियाँ कैसी होंगी।

“जापान एक ऐसा देश है जहां ज़मीनी हिस्सा कम है और पहाड़ी इलाका ज़्यादा। रास्ते छोटे हैं और ठंडी हवा चलने का मतलब है कि ग्रीन की गति तेज़ है। गोल्फ के हिसाब से यह बहुत अच्छी परिथिति है।”

परिथितियों के अलावा एक और चीज़ है जो जापान में गोल्फ को रोमांचक बनाती है और वह वहां है वहां के लोगों का इस खेल के प्रति प्यार।”

जापान में वैसे तो गोल्फ को शुरू से ही बहुत सम्मान मिला है लेकिन हिदेकी मात्सुयामा (Hideki Matsuyama) और शुगो इमाहिरा (Shugo Imahira) जैसे खिलाड़ियों की वजह से इस प्यार में चार चांद लग गए हैं। ग़ौरतलब है कि यह दोनों गोल्फर पिछले हफ्ते हुए ‘द मास्टर्स’ (The Masters) का हिसा भी रहे थे और वे विश्व के सर्वश्रेष्ठ 10 गोल्फरों में आते हैं।

“वहां के प्रशंसक काबिले तारीफ़ हैं। विश्व की बात की जाए तो वहां के फैंस को ज्ञान है और वह बहुत समझदार भी हैं।”

अनिर्बान लाहिड़ी ने आगे कहा “मुझे ऐसा वातावरण बहुत पसंद है और जापान में होने वाले ओलंपिक गेम्स से गोल्ड को और भी बढ़ावा मिल सकता है और क्योंकि जापानी जनता इस खेल को बहुत प्यार करती है।”

भारत में PGA टूर LIVE कहां देखें

भारतीय गोल्फ प्रशंसक PGA टूर को Eurosport और Eurosport HD TV चैनल पर live देख सकते हैं।