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जीव मिल्खा सिंह से शुभंकर शर्मा तक: जानिए मास्टर्स में कैसा रहा भारतीय गोल्फरों का प्रदर्शन

मास्टर्स में अब तक सिर्फ चार भारतीय गोल्फरों ने प्रदर्शन किया है, जो कि दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित इवेंट में से एक है।

लेखक रितेश जायसवाल ·

दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित गोल्फ इवेंट, द मास्टर्स गुरुवार को अगस्ता के जॉर्जिया के प्रसिद्ध अगस्ता नेशनल गोल्फ क्लब (Augusta National Golf Club) में शुरू होगा। सितंबर में यूएस ओपन के बाद यह 2020-21 सीज़न का दूसरा बड़ा इवेंट होगा। आपको बता दें, यूएस ओपन में ब्रायसन डीचैम्बू (Bryson DeChambeau) ने अपना पहला मेजर ख़िताब जीता और अब इस अमेरिकी को मास्टर्स ख़िताब के दावेदार के तौर पर कुछ पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक माना जा रहा है।

मौजूदा चैंपियटाइगर वुड्स (Tiger Woods) ने पिछले साल भावनात्मक रूप से अपना पांचवां मास्टर्स ख़िताब जीता था। यह बीते 14 में उनका पहला ख़िताब रहा था। दिलचस्प बात यह है कि वुड्स भी अगस्ता नेशनल के मैदान में हिस्सा लेंगे, जहां उन्होंने 1997 में 270 का रिकॉर्ड बनाया था, जिसकी बराबरी 2015 मेजॉर्डन स्पीथ (Jordan Spieth) ने की थी।

हालांकि, इस बार ग्रीन जैकेट (मास्टर्स चैंपियन से सम्मानित) की दावेदारी के लिए कोई भी भारतीय गोल्फ़र शामिल नहीं होगा। ऐसे में यहां हम उन चार भारतीय गोल्फ़रों पर कर नज़र डाल रहे हैं, जिन्होंने बीते वर्षों में अगस्ता नेशनल में हिस्सा लिया है:

जीव मिल्खा सिंह

मास्टर्स में खेलने वाले पहले अनुभवी भारतीय गोल्फ़ खिलाड़ी जीव मिल्खा सिंह तीन बार गोल्फ़ के इस प्रमुख इवेंट में हिस्सा ले चुके हैं। एक भारतीय गोल्फ़र के तौर पर उन्होंने सबसे अधिक बार इस इवेंट में प्रदर्शन किया है।

जीव मिल्खा सिंह ने पहली बार 2007 में मास्टर्स के लिए क्वालिफाई किया, जहां उन्होंने वीकेंड कट हासिल किया और एक सम्मानित प्रदर्शन के साथ 37वें स्थान पर रहे। ग़ौरतलब है कि उस दौरान जैक जॉनसन ने अपना पहला मेजर जीता था।

इसके बाद इस भारतीय गोल्फ़र को 2008 में आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने मास्टर्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया और 25वें स्थान पर रहे।

जीव मिल्खा सिंह ने 2009 में लगातार तीसरी बार मास्टर्स में हिस्सा लेने के लिए दुनिया के शीर्ष 50 खिलाड़ियों में से एक के रूप में इस मेजर के लिए क्वालिफाई किया था।

हालांकि, वह कट हासिल करने में असफल रहे और इसी मास्टर्स में उन्होंने अपनी अंतिम उपस्थिति दर्ज की।

जीव मिल्खा सिंह ने पांच बार के चैंपियन टाइगर वुड्स के साथ 2009 मास्टर्स खेला।

अनिर्बान लाहिड़ी

रियो 2016 ओलंपियन अनिर्बान लाहिड़ी (Anirban Lahiri) दूसरे ऐसे गोल्फ़र हैं जिन्होंने कई बार मास्टर्स में प्रदर्शन किया है।

लाहिड़ी ने 2015 में अपना पहला मास्टर्स खेला, जहां उन्होंने कट हासिल किया और वह जीव मिल्खा सिंह के बाद ऐसा करने वाले केवल दूसरे भारतीय गोल्फर बन गए।

उसके बाद 27 वर्षीय लाहिड़ी ने ऑल-पार अंतिम राउंड को चार-ओवर 292 के स्कोर के साथ समाप्त किया और इसके साथ वे 49वें स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन के साथ वह अपने पहले मास्टर्स में शीर्ष-50 में शामिल हुए। इसमें जॉर्डन स्पीथ ने सिर्फ 21 साल की उम्र में वायर-टू-वायर जीत के साथ अपने पहले मेजर जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी भी की थी।

भारतीय गोल्फ़र ने 2016 में लगातार अपना दूसरा मास्टर्स खेला, जहां उन्होंने फिर से कट हासिल किया। हालांकि, इस बार अनिर्बान लाहिड़ी महज़ 11 ओवर का कुल स्कोर ही हासिल कर सके। लेकिन इस स्कोर के साथ 42 वें स्थान पर रहते हुए उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।

अनिर्बान लाहिड़ी मास्टर्स में कट हासिल करने वाले मात्र दूसरे भारतीय गोल्फ़र हैं।

अर्जुन अटवाल

अर्जुन अटवाल (Arjun Atwal) 2011 में मास्टर्स में खेलने वाले दूसरे भारतीय गोल्फर बने, जो कि संयोग से अभी तक की उनकी एकमात्र उपस्थिति रही है।

हालांकि, अर्जुन अटवाल के लिए यह यादगार प्रदर्शन नहीं रहा था। उन्होंने दो बोगी और चार डबल बोगी के साथ आठ-ओवर 80 के स्कोर के साथ अपने शुरुआती दौर को समाप्त किया था।

अर्जुन अटवाल दूसरे दौर में अपने इस खराब प्रदर्शन से उबर नहीं सके और 2011 मास्टर्स में कट हासिल करने से चूक गए। जहां कार्ल शार्टज़ेल ने दो स्ट्रोक की बढ़त के साथ अपना पहला मेजर जीता था।

अर्जुन अटवाल मास्टर्स में खेलने वाले दूसरे भारतीय गोल्फ़र हैं।

शुभंकर शर्मा

मास्टर्स में खेलने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय गोल्फर शुभंकर शर्मा ने 21 साल की उम्र में 2018 में अपनी पहली और एकमात्र उपस्थिति दर्ज की।

शुभंकर शर्मा (Shubhankar Sharma) ने 2018 में एक सफल अभियान का आनंद लिया। उन्होंने जोहान्सबर्ग ओपन और मेबैंक मलेशियाई चैंपियनशिप जीतकर यूरोपियन टूर पर विश्व रैंकिंग में शीर्ष-70 में प्रवेश किया।

भारतीय गोल्फ़र के शानदार सीज़न की बदौलत 2018 में मास्टर्स के वरिष्ठ निर्देशक बज़ी जॉनसन ने विशेष तौर पर आमंत्रित किया।

हालांकि, शुभंकर शर्मा 2018 मास्टर्स में कट हासिल करने में असमर्थ रहे, जहां पैट्रिक रीड ने अपना पहला मेजर ख़िताब जीता।