‘कुछ भी संभव है’ अगर भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक 2020 के क्वार्टर तक पहुंचती है !

भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन का मानना है कि यदि भारत ओलंपिक 2020 के क्वार्टर-फाइनल तक पहुंचती है तो कुछ भी संभव है।

भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने टोक्यो 2020 ओलंपिक को लेकर ओलंपिक चैनल से बातचीत की। उन्होंने अपनी टीम की फिटनेस और तैयारियों को लेकर कई अहम पहलू साझा किए।

भारतीय महिला हॉकी टीम ( Indian Hockey Women’s Team) ने 2019 में बेहतरीन प्रदर्शन किया। टीम ने शीर्ष टीमों के खिलाफ कई मुकाबले खेले और शानदार प्रदर्शन किया। जहां भारतीय खिलाड़ियों ने ग्रेट ब्रिटेन, स्पेन और दक्षिण कोरिया जैसी टीम के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया। इसके साथ ही भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार प्रदर्शन करते हुए ओलंपिक 2020 में जगह बनाने में सफल हुई।

कोच शोर्ड मारिन (Sjoerd Marijne) भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ कड़ी मेहनत कर रहें हैं और टीम को आगे बढ़ाने में लगातार मदद कर रहें हैं। बता दें कि शोर्ड मारिन 2016 रियो खत्म होने के बाद दिसंबर 2016 में भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच बने थे।

मारिन ने ओलंपिक चैनल से बात करते हुए कहा, "हमारा लक्ष्य ओलंपिक 2020 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना है। वहां से कुछ भी हो सकता है। हालांकि नीदरलैंड इस समय सबसे अच्छी टीम है, लेकिन वास्तव में बहुत सारी टीमें हैं, जो एक दूसरे के खिलाफ जीत सकती हैं।"

शोर्ड मरिन आश्वस्त हैं कि वह इस टीम से ओलंपिक में क्या चाहते हैं। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया
शोर्ड मरिन आश्वस्त हैं कि वह इस टीम से ओलंपिक में क्या चाहते हैं। तस्वीर साभार: हॉकी इंडियाशोर्ड मरिन आश्वस्त हैं कि वह इस टीम से ओलंपिक में क्या चाहते हैं। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया

भारत का ओलंपिक 2020 में पहुंचने का सफ़र काफी रोमांचक रहा है। दरअसल, अमेरिका के खिलाफ भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। जहां, इस मुकाबले में भारत ने एक के बाद एक लगातार चार गोल दागे और अमेरिकी टीम पर पूरी तरह से अपनी पकड़ बना चुकी थी। इस तरह खेलते हुए भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने सेकेंड हाफ में एक महत्वपूर्ण गोल किया। जहां भारतीय खिलाड़ियों ने अमेरिकी टीम को एक बड़े अंतर से मात दी। वहीं, इस बारे में कोच शोर्ड मारिन ने उस समय कहा था, "भारतीय खिलाड़ियों ने इस मैच में शानदार प्रदर्शन किया और एक बड़े अंतर से मुकाबला अपने नाम किया। मुझे वास्तव में टीम की ये खासियत काफी प्रभावित करती है।"   

टीम ओलंपिक 2020 पर ध्यान केंद्रित कर रही है

भारतीय महिला हॉकी टीम को अमेरिका के खिलाफ अगले मुकाबले में हार से सामना करना पड़ा। इस मुकाबले के बाद टीम के खिलाड़ियों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया। वहीं, अब भारतीय महिला हॉकी टीम को यह सुनिश्चित करना होगा कि टीम के सभी खिलाड़ी किसी भी चुनौती के लिए तैयार रहने की जरूरत है।  

आपको बता दें कि भारतीय महिला हॉकी टीम इस समय बेंगलुरु में भारतीय खेल प्राधिकरण परिसर में मारिन के नेतृत्व में ट्रेनिंग कर रही है। मारिन ने कहा, "यहां सभी खिलाड़ी ओलंपिक 2020 को लेकर अपना ध्यान केंद्रित कर रहें हैं।"  

कोच शोर्ड मारिन ने ट्रेनिंग कैंप के बारे में ज़िक्र करते हुए कहा, "खिलाड़ी चार सप्ताह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कैंप में में अभ्यास कर रहें हैं, जहां खिलाड़ी अपनी फिटनेस और पर ज्यादा ध्यान दे रहें हैं। पिछले तीन वर्षो से हम एक लंबा सफर तय किए हैं। यह एक बेहतर मौका है, जहां खिलाड़ी प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त मेहनत कर सकते हैं, जो आगे होने वाले मैचों के लिए उनके लिए लाभदायक होगी।"                                                      

हालांकि भारतीय महिला हॉकी टीम ने ओलंपिक साल की शुरुआत बेहतरीन नहीं रही, जहां टीम ने दो मुकाबलों में जीत हासिल की तो अन्य दो मुकाबलों में न्यूज़ीलैंड और ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।                           

न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में मेगन हुल्‍ल को दो गोल पेनल्टी कॉर्नर से हासिल हुए, जिससे लोगों को यह लगा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की यह एक बड़ी कमजोरी हो सकती है। वहीं, इस बारे में गुरजीत कौर (Gurjit Kaur) का मानना है कि साइड में केवल एकमात्र ड्रैग-फ्लिकर है।

कोच शोर्ड मारिन ने इस बारे में कहा, "बेशक, हम गुरजीत को उसके कौशल में निखार लाने में मदद कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि वह ऐसा करने वाली एकमात्र खिलाड़ी है, हम अन्य खिलाड़ियों को भी उस भूमिका के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आप समझ सकते हैं कि मैं आपके साथ यह साझा नहीं कर सकता कि वे कौन हैं।"

इस डचमैन जोड़ी ने सभी को पीछे छोड़ा

शोर्ड मारिन की करियर पर नजर डाले तो वह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। वहीं, भारत ने हॉकी महिला टीम के लिए एक डच मास्टरमाइंड यनेकी शोपमेन (Janneke Schopman) को भी नियुक्त किया है। दरअसल, शोपमेन  नीदरलैंड की नेशनल टीम के लिए एक रक्षक के रूप में खेलती थी। वह बीजिंग 2008 की स्वर्ण पदक विजेता और एथेंस 2004 की रजत पदक विजेता रह चुकी हैं। वहीं, एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि शोर्ड मारिन और यनेकी शोपमेन एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं।

शोपमेन और मरिन की जोड़ी भारतीय महिला हॉकी के लिए शानदार है। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया
शोपमेन और मरिन की जोड़ी भारतीय महिला हॉकी के लिए शानदार है। तस्वीर साभार: हॉकी इंडियाशोपमेन और मरिन की जोड़ी भारतीय महिला हॉकी के लिए शानदार है। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया

शोर्ड मारिन ने विश्लेषण कोच को लेकर कहा, "ओलंपिक 2020 से ठीक छह महीने पहले किसी विश्लेषणात्मक कोच के रूप में जानने के लिए प्रर्याप्त समय नहीं है। इसलिए यानेके शोपमैन इस पद के लिए ठीक हैं।" उन्होंने आगे कहा, "शोपमेन एक अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर उनके अनुभव से खिलाड़ियों को काफी मदद मिलेगी। वह बहुत सारे सवाल पूछती हैं और वह जानती हैं कि ओलंपिक उनके लिए एक बहुत बड़ा मौका है।" 

जहां भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए साल 2019 बेहतरीन था तो वहीं, भारतीयों को उम्मीद है कि टीम इस बार ओलंपिक 2020 में शानदार प्रदर्शन करेगी और भारत का नाम रोशन करेगी।

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