ओलंपिक में मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक है - अपूर्वी चंदेला

वर्ल्ड कप में तीन गोल्ड मेडल हासिल करने वाली शूटर अपूर्वी चंदेला के लिए दो मेडल बेहद ख़ास हैं।

भारतीय 10 मीटर राइफल शूटर अपूर्वी चंदेला (Apurvi Chandela) ने दो वर्ल्डकप गोल्ड मेडल जीते हैं, जो उनके दिल के काफी करीब है। ये इसलिए नहीं क्योंकि वह उपलब्धियों का जश्न मनाना चाहती हैं बल्कि ये इसलिए भी क्योंकि वह दिखा सकें कि वह कठिन परिस्थिति में वापसी करने में सक्षम हैं।

ओलंपिक चैनल से बातचीत में बताया कि “वर्ल्ड कप के वो दो मेडल अन्य किसी भी मेडल्स से बहुत खास हैं। इनमें से एक मेडल तो उन्होंने पिछले साल दिल्ली वर्ल्ड कप में जीता था।

उस साल फरवरी में उन्होंने डॉक्टर कर्णी सिंह शूटिंग रेंज दिल्ली में महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में रिकॉर्ड 252.9 का शॉट लगाया था। अपूर्वी ने बताया “कि घरेलू दर्शकों का समर्थन शानदार था, वह मेरे लिए नारे लगा रहे थे और ये सब कुछ मेरे लिए खास था क्योंकि मैंने अपने लोगों के बीच वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए मेडल जीता।”

इसके अलावा, इस खिलाड़ी ने म्यूनिख विश्व कप के दौरान हुई अपनी गलतियों को सुधारते हुए अपना अगला लक्ष्य गोल्ड मेडल ही रखा। म्यूनिख वर्ल्ड कप में वह एक समय भारी बढ़त के बावजूद हार गईं थीं। इस हार के बाद भी उन्होंने अपना लक्ष्य भटकने नहीं दिया और दिल्ली में कमाल किया।

इसी उपलब्धि के साथ अपूर्वी चंदेला भारत की दूसरी ऐसी महिला शूटर बनीं, जिन्होंने वर्ल्डकप के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है। इससे पहले ये कारनामा अंजलि भागवत (Anjali Bhagawat) ने किया था। इसके बाद वह जल्दी ही 10 मीटर एयर राइफल इवेंट की नंबर वन खिलाड़ी बनीं।

अपूर्वी चंदेला की सफलता की उड़ान

अपूर्वी यहीं नहीं रुकीं। इस खिलाड़ी ने ISSF दिल्ली वर्ल्ड कप (ISSF New Delhi World Cup) में गोल्ड मेडल तो जीता ही साथ ही उन्होंने साल 2019 में म्यूनिख की पुरानी कड़वी यादों को भी भुलाया।

फाइनल राउंड में आसानी से जगह बनाने के बाद फाइनल में उन्होंने 251 पॉइंट हासिल किए, जिसके कारण वह चीन की लुयानो वांग को पछाड़ने में कामयाब रहीं, जिन्होंने 250.8 अंक हासिल किए थे।

अपूर्वी चंदेला ने बताया कि “साल 2918 में जब मैं म्यूनिख वर्ल्ड के फाइनल में चौथे स्थान पर आई तो मैं खुद आश्चर्यचकित थी। इसके बाद मैंने साल 2019 में मेडल जीता, जो मेरे लिए काफी खास है”।

अपूर्वी चंदेला ने भारत की ओर से ओलंपिक कोटा जीता: फोटो क्रेडिट: ISSF    
अपूर्वी चंदेला ने भारत की ओर से ओलंपिक कोटा जीता: फोटो क्रेडिट: ISSF    अपूर्वी चंदेला ने भारत की ओर से ओलंपिक कोटा जीता: फोटो क्रेडिट: ISSF    

सेल्फ आइसोलेशन में जारी है शूटिंग प्रशिक्षण

अब वह एक और चुनौती का सामना कर रही हैं। कोरोना वायरस के कारण इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी द्वारा टोक्यो ओलंपिक स्थगित करने और देश में 21 दिन के लॉकडाउन के कारण ये खिलाड़ी कम संसाधन में ही ट्रेनिंग कर रहीं हैं। हालांकि यह साल 2018 की कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games ) की गोल्ड मेडलिस्ट और एशियन गेम्स (Asian Games) की कांस्य पदक विजेता को ज्यादा परेशान नहीं कर रहा।

अपू्र्वी चंदेला ने बताया कि “मेरे घर पर ही शूटिंग रेंज है इसलिए मेरी ट्रेनिंग ज्यादा प्रभावित नहीं हो रही है। मैं सुबह करीब 3 घंटे प्रैक्टिस करती हूं और फिर दिन में किताब पढ़ती हूं। वहीं शाम को मैं अपनी फिटनेस के लिए ट्रेनिंग करती हूं”

अपूर्वी चंदेला उन चुनिंदा शूटर्स में शामिल हैं, जिन्होंने ओलंपिक का कोटा हासिल किया है। इस खिलाड़ी ने साल 2019 अप्रैल में अंजुम मौदगील (Anjum Moudgil) के साथ ये सफलता हासिल की।

अपूर्वी चंदेला ने 207 के कुल योग से दक्षिण कोरिया के चांगवोन में ISSF विश्व कप में चौथा स्थान हासिल किया था। अंजुम मौदगिल ने आठ-महिलाओं के फाइनल में कुल 248.4 की अंक हासिल किए।

साल 2019 में अच्छे प्रदर्शन के बाद सभी खिलाड़ी खासकर शूटरों के लिए साल 2020 निराशानजनक रहा क्योंकि उनके ज्यादातर इवेंट रद्द हो गए। अपूर्वी महिलाओं की 10 मीटर राइफल इवेंट की ISSF वर्ल्ड रैंकिंग (ISSF world rankings) में फिलहाल छठे स्थान पर हैं। अब जैसा कि उन्होंने पिछले साल दिल्ली और म्यूनिख में किया था, वैसे ही प्रदर्शन की उम्मीद हम उनसें टोक्यो ओलंपिक में कर सकते हैं।

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