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बड़े एरीना, धीमे टेबल: जापान में कैसे साथियान ने की ओलंपिक की तैयारी

जापान की टी-लीग में भारतीय टेबल टेनिस स्टार साथियान गणानाशेखरन ने हिस्सा लिया और ओलंपिक के साइज़ के एरीना में खेलते हुए ओलंपिक गेम्स की तैयारी की।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

पिछले तीन महीने से साथियान गणानाशेखरन (Sathiyan Gnanasekaran) काफी व्यस्त चल रहे हैं। भारतीय टेबल टेनिस का यह सितारा अक्टूबर में यूरोप के लिए रवाना हुआ था और वहां उन्होंने पोलैंड के डोमेस्टिक इवेंट पोलिश सुपरलीग में भाग सोकोलो एस.ए जारोसलोव (Sokolow S.A Jaroslaw) की ओर से लिया था।

इसके बाद साथियान ने भारत की ओर रुख किया और नवंबर में टोक्यो जाने से पहले ख़ुद को क्वारंटाइन किया। जापान में साथियान टी-लीग (T-League) में खेलते हुए ओकायामा रिवेट्स (Okayama Rivets) का हिस्सा रहे और इस टेबल टेनिस प्रतियिगिता में हिस्सा लेने वाले वह पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।

30 दिसंबर को टेबल टेनिस के दिग्गज ने चेन्नई यानी अपने घर की ओर रुख किया और अपनी माँ के साथ नया साल बिताया और अब तक वह सेल्फ-आइसोलेशन में हैं। लगभग 7 महीने के बाद साथियान ने कोई मुक़ाबला खेला और जापान का यह टूर उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ।

ओलंपिक चैनल से बात करते हुए साथियान ने कहा “इसमें कोई दो राय नहीं है कि सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलना एक उम्दा अनुभव रहा और उच्च स्तर की स्पर्धा प्री-ओलंपिक की तैयारी के लिए सबसे अच्छा उदाहरण है।”

“सबसे ख़ास तो यह रहा कि टोक्यो में मैं ओलंपिक मूड में आ गया था। आप वहां बिलबोर्ड देखते हैं और साथ ही पूरे शहर को पोस्टर लगा कर सजाया हुआ है और आप उसमें खो जाते हैं।”

जापान में ओलंपिक की झलकियाँ

त्यौहार का वातावरण तो था ही लेकिन खेल से जुड़े कुछ और मुद्दों ने भी साथियान को जुलाई में होने वाले ओलंपिक गेम्स के दृश्य में ढाल दिया था। अब इस पैडलर को भारत में अपने कौशल को निखारना है जिसका मतलब यह है कि टेबल पर ज़्यादा गर्मी होगी जिस कारण गेंद ज़्यादा स्पिन होती दिखाई देगी।

वहीं यूरोप में टेबल, गेंद की गति को धीमा कर देते हैं और साथ ही ज़्यादा घुमाव भी नहीं दिखाई देता। यही वजह है कि यूरोप में लम्बी रैली देखने को मिलती है और इसके लिए खिलाड़ियों को अधिक उर्जा लगानी पड़ती है।

बातचीत को आगे बढ़ाते हुए साथियान ने कहा “यह टेनिस के ग्रास और क्ले कोर्ट जैसा है। लेकिन जापानी टेबल इसके बीच के हैं। वे यूरोप जितने धीमे भी नहीं हैं ओत भारत जितने तेज़ भी नहीं हैं।”

“ऐसे में लय अलग हो जाती है। रैली की शुरुआत धीमी होती है लेकिन जैसे जैसे रैली आगे बढ़ती है वैसे वैसे तेज़ी दिखाई देती है। तो मेरा अनुभव बहुत महत्वपूर्ण रहा। अब मैं अपनी सर्व में बदलाव ला सकता हूं और साथ ही मुकाबलों के पास रह सकता हूं।”

साथियान गणानाशेखरन ने जापान में खेलने के तरीके पर अहम जानकारी ज़ाहिर की। 

साथियान गणानाशेखरन ने आगे कहा “मैं क़तर में खेलूंगा और उम्मीद करता हूं कि अप्रैल में होने वाले एशियन ओलंपिक क्वालिफिकेशन तक मैं अच्छी लय में दिखूंगा। हमारे पास अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा से पहले केवल 3 महीने हैं और उसके बाद ओलंपिक गेम्स है। तो देखते हैं कि चीज़ें कैसे आगे बढती हैं।”साथियान के जापान के अनुभव में एरीना का भी फर्क दिखाई दिया। इस विषय पर बात करते हुए भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी ने कहा “बड़े स्टेडियम में स्पर्धा किए हुए मुझे बहुत समय बीत गया था। और स्टेडियम का माप भी गेंद की गति को बदलता है।”

“जिस एरीना में मुकाबला हुआ था वह लगभग ओलंपिक हॉल के बराबर था। हाँ, जब ओलंपिक होगा तब मौसम में बदलाव होगा लेकिन यह काफी कारगर साबित हुआ।”

फिलहाल साथियान गणानाशेखरन व्यस्त शेड्यूल के बाद आराम कर रहे हैं ताकि वह आगे के लिए खुद को बेहतर तैयार कर सकें।

2021 की रणनीति

पिछले साल टोक्यो ओलंपिक की ओर बढ़ते हुए साथियान ने बहुत सी प्रतियोगिताओं में भाग लिया था ताकि वह अपनी रैंकिंग को बेहतर रख सकें।

तो क्या बा वह वैसा ही प्लान कर रहे हैं? उन्होंने हंसते हुए जवाब देते हुए कहा “ऐसे समय में कुछ भी प्लान करना मुश्किल है क्योंकि बहुत कुछ काम नहीं करता।”

“हाँ, लेकिन आईडिया कुछ वैसी ही है। पिछले साल के मुताबिक़ मैं ज़्यादा मुकाबले खेलूंगा ताकि में स्पर्धिक दशा में आ पाऊं और खुद को थकने से भी दूर रख पाऊं।”

प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मतलब है कि भारतीय टेबल टेनिस दिग्गज को यूरोप में भी मुकाबले खेलने पड़ सकते हैं।

“जनवरी के अंत में मैं पोलैंड जा कर कुछ मुकाबले खेल सकता हूं ताकि अगर हम प्लेऑफ तक जाने में सफल हुए तो मैं आगे खेलने के लिए योग्य रहूंगा। हालांकि मैंने अभी तक इसपे कोई निर्णय नहीं लिया है। मुझे उससे पहले पोलैंड के क्वारंटाइन नियमों के बारे में पता लगाना होगा।”

वर्ल्ड रैंक नंबर 37 पर काबिज़ साथियान क़तर में होने वाली मिडल ईस्ट हब प्रतियोगिता के दौरान भी अपनी रैंकिंग को अच्छी ही रखना चाहेंगे।