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साथियान गणानाशेखरन के हीरो: रोजर फेडरर की समानता वाले टिमो बोल

अपने शुरुआती वर्षों के दौरान टेबल टेनिस के दिग्गज टिमो बोल के साथ एक बातचीत ने साथियान को उनके कैरियर में आवश्यक आत्मविश्वास को बढ़ाया।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

बाएं हाथ के एथलीट्स को देखना हमेशा से ही सुखद रहता है। दाएं हाथ के प्रोफेशनल की दुनिया में भरमार है लेकिन बाएं हाथ के खिलाड़ियों की कमी उन्हें दर्शकों के बीच और खास बनाती है

भारत के टेबल टेनिस खिलाड़ी साथियान गणानाशेखरन की जिंदगी में बदलाव तब आया, जब उन्होंने महान खिलाड़ी टिमो बोल (Timo Boll) को खेलते हुए देखा।

साथियान गणानाशेखरन ने ओलंपिक चैनल को बताया कि “जब मैं बड़ा हो रहा था तो टिमो बोल निश्चित तौर पर मेरे हीरो थे। मेरे हिसाब से जो टेबल टेनिस को देखता है, वह बोल से जरूर प्यार करता होगा, वह इस खेल के महान खिलाड़ी है।”

टिमो बोल के खिलाफ खेलना

तीन बार के ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व नंबर 1, टिमो बोल की गिनती उस समय महान खिलाड़ियों में होनी लगी, जब उन्होंने 2002 के टेबल टेनिस विश्व कप में विश्व चैंपियन

वांग लीकिन (Wang Liqin) और ओलंपिक चैंपियन कांग लिन्गुई (Kong Linghui) को हराया था।

इसके साथ ही बोल अपने लंबे करियर में हमेशा ही टॉप पर रहे। दो अलग अलग दशकों में वह वर्ल्ड रैंकिंग में पहले स्थान पर रहे। साथियान खुशकिस्मत है कि उन्हें अपने हीरो के खिलाफ साल 2019 मेंस वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिला।

साथियान ने बताया कि “मैंने पहली बार उन्हें 2006 में कतर ओपन में टीवी पर खेलते देखा था और इसके बाद भी मैंने उनके कई मैच देखें और बाद में उनके खिलाफ खेलना मेरे लिए एक बड़ा फैन मोमेंट था।"

उस मैच में भारतीय स्टार को पहले गेम में तो जीत मिली लेकिन इसके बाद उन्हें लगातार हार झेलनी पड़ी, अंत में वह 11-7, 8-11, 5-11, 9-11, 8-11 से हार गए 

साथियान ने बताया कि “साल 2016 के अंत में हम दोनों एक ही हॉल में प्रैक्टिस कर रहे थे। उस समय मैं बस इंटरनेशनल लेवल पर खेलने ही लगा था और मेरी रैंक 120 के करीब थी लेकिन बोल ने मेरे खेल को नोटिस किया और मेरे से बात भी की।” 

"वह मेरी स्पीड और रिफ्लेक्शन से प्रभावित थे और उन्होंने मुझे बताया कि मेरे आगे एक अच्छा भविष्य है। मैंने उन्हें अपना उद्देश्य बताया कि मुझे शीर्ष -100 में प्रवेश करना है। लेकिन उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि मेरे पास बहुत कुछ करने की प्रतिभा है और मुझे कड़ी मेहनत करने और फिट रहने के लिए कहा। इसके बाद हमने एक प्रैक्टिस सेशन में भी हिस्सा लिया।"

उस बातचीत ने साथियान गणानाशेखरन पर एक  छाप छोड़ी और उनका आत्मविश्वास बढ़ाया।

भारतीय टेबल टेनिस स्टार ने आगे कहा कि “उस पल मुझे पता चला कि वह कितने अच्छे हैं। वह युवा खिलाड़ियों को ये बिल्कुल नहीं दर्शाते कि वह महान खिलाड़ी है। उस समय कोई बड़ा खिलाड़ी नहीं था लेकिन जिस तरह से उन्होंने मुझसे बात कि वह शानदार था। मेरे हिसाब से उन्होंने एक उदाहरण सेट किया कि सफल होने के बाद भी आपको कैसे बर्ताव करना है।” 

बोल और फेडरर दोनों में ही ये समानता है। साथियान गणानाशेखरन टेनिस स्टार रोजर फेडरर (Roger Federer) के भी बहुत बड़े फैन है।

टेनिस के इस दिग्गज को खेल का एक महान खिलाड़ी माना जाता है और उनके फोर हैंड और एक हाथ वाले बैकहैंड की तो दुनिया दीवानी है।

साथियान गणानाशेखरन ने बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कहा कि “जिस तरह से रोजर फेडरर खेलते हैं, उनके स्मूथ स्ट्रोक्स और बॉल पर कंट्रोल वो सब शानदार है। यह सहज दिखता है लेकिन स्पष्ट रूप से आपके शरीर को उस लय में ले जाने के लिए बहुत प्रयास करते हैं।"

भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी के अनुसार टिमो बोल में भी ऐसी ही समानता है। बोल अपने फॉरहैंड और बैंकहैंड से स्पिन जनरेट करने में माहिर थे। बोल की जो टेकनीक थी, वह बेहद शानदार थी, वह जिस तरह से अपने कलाई का इस्तेमाल कर शॉट खेलते थे, वह देखने में बहुत सुंदप लगता था, निश्चित तौर पर वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार है। 

साथियान ने कहा कि “मैं बोल और फेडरर जैसे खिलाड़ियों से बहुत प्रेरणा लेता हूं, ये वह खिलाड़ी है, जब वह खेलता है तो सब आसान लगता है। असल में मैंने बोल से फुटवर्क के महत्व के बारे में सीखा है।” 

उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि वह खेलते समय छोटे कदम उठाते हैं लेकिन उनका फुटवर्क अद्भुत है। लोगों को लगता है कि टेबल टेनिस केवल हाथ का खेल है लेकिन पैर भी उतना ही महत्व रखता है।"

बोल अपने फॉरहैंड और बैंकहैंड से स्पिन जनरेट करने में माहिर है।

भारतीय खिलाड़ी ने बताया कि “मुझे याद नहीं आता कि मैंने कभी बोल को मैच के दौरान दबाव में देखा है, वह दबाव की स्थिति में भी शांत रहते हैं। वह जिस तरह से कोर्ट पर खुद को प्रस्तुत करते है, वह बेहद शानदार है।” 

अब इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए साथियान टोक्यो ओलंपिक के लिेए अपनी तैयार और मजबूत करना चाहते हैं।

वर्ल्ड रैंकिंग में 37वें स्थान पर काबिज साथियान के लिए पहला लक्ष्य नेशनल चैंपियनशिप को जीतना होगा, ये वह एक खिताब है जो उन्होंने कभी नहीं जीता है।

इसके साथ ही उनकी नजर 28 फरवरी से शुरू हो रही मिडिल ईस्ट के दोहा में होने वाले इवेंट पर भी होगी। इसके अलावा वह 18 मार्च से शुरू हो रहे ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के लिए भी तैयार होना चाहेंगे।