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ओलंपिक साल में अपनी फॉर्म को बेहतर रखना चाहता हूं: साथियान गणानाशेखरन

भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी ने ओलंपिक 2020 से पहले अपने साथी अचंता शरथ कमल के साथ अपनी पार्टनरशिप और साउथ कोरिया में प्रशिक्षण के बारे में बात की।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

साथियान गणानाशेखरन (sathiyan gnanasekaran) चेन्नई में अपने घर पर आराम कर रहे थे। वह हाल ही में हंगरियन ओपन के पुरुष युगल में अपने साथी अचंता शरथ कमल (Achanta Sharath Kamal) के साथ रजत पदक जीतकर लौटे हैं।

इन दोनों की जोड़ी को क्वालिफाइंग राउंड और क्वार्टर फाइनल मैच में कड़ी टक्कर मिली थी। इसके अलावा सेमीफाइनल में हांगकांग की किट हो क्वान (Kit Ho Kwan) और टिंग वोंग चुन (Ting Wong Chun) की जोड़ी से रोमांचक मैच हुआ था, जहां अंत में 5 गेम्स बाद उन्हें जीत मिली।

सेमीफाइनल में उन्हें मुश्किल से जीत मिली और इसका असर फाइनल में भी देखने को मिला। फाइनल में अचंता शरथ कमल और साथियान गणानाशेखरन की जोड़ी भारत की तरफ से पहला गोल्ड मेडल जीतने से चूक गई। खिताबी मुकाबलें में इस जोड़ी को जर्मनी की बेनेडिकट डूडा (Benedikt Duda) और पैट्रिक फ्रेंजीस्का (Patrick Franziska) की जोड़ी से हार का सामना करना पड़ा।

साथियान गणाशेखरन ने ओलंपिक चैनल से खास बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें वर्ल्ड टूर मेडल जीतकर अच्छा लग रहा है। यह बात इसलिए भी खास है, क्योंकि इससे पहले साल 2017 में स्पेन में हम जीते थे। अगर फाइनल में हम 5वें गेम तक जा पाते तो हो सकता है कि हम फाइनल में भी जीत जाते।

फाइनल मुकाबलें के दौरान 2 या 3 गेम में भारतीय जोड़ी केवल 2 अंक के अंतर से हारी, आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये मुकाबला कितने रोमांचक मोड़ तक गया होगा। साथियान गणानाशेखरन के अनुसार विरोधी उस मैच में हमसे थोड़ा अच्छा खेलें।

साथियान गणाशेखरन ने कहा कि “फ्रेंजीस्का दुनिया के टॉप 20 खिलाड़ियों में शुमार है और वह क्यों है, यह उन्होंने दिखाया। इसके अलावा डूडा भी अच्छी फॉर्म में था और वह एकल में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा थाे”। इस भारतीय खिलाड़ी ने कहा, “हम उस दिन थोड़ा आक्रामक होकर खेल सकते थे, लेकिन इसके बावजूद हमने कड़ी टक्कर दी।”

अचंत शरत कमल के साथ जोड़ी क्यों हुई सफल

लंबे समय तक भारतीय टेबल टेनिस अंचता शरत कमल के इर्द गिर्द घूमती थी, लेकिन पिछले साल स्थिति बेहतर हुई, जब साथियान गणानाशेखरन ने आईटीटीएफ की टॉप 25 रैंकिंग में प्रवेश किया। जब ऐसे खिलाड़ियों की जोड़ी बनती है तो प्रदर्शन अच्छा होता ही है।

साथियान गणानाशेखरन से जब पूछा गया कि शरत के साथ उनकी जोड़ी सफल क्यों है तो उन्होंने बताया कि “ मैं और शरत एक दूसरे का समर्थन करते हैं। शरत ताकतवर शॉट खेलते हैं और मेरी खेलने की गति तेज है। इससे दोनों को फायदा होता है”

इस टेबल टेनिस स्टार ने कहा, “यह ताकत और गति का तालमेल है, जिससे विरोधियों को परेशानी होती है और हमने फाइनल तक का सफर तय किया। साथियान ने कहा कि मेडल जीतना खास है, वह इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता, क्योंकि मैंने और शरत ने काफी लंबे समय बाद कोई पदक जीता है”

साथियान ने हंगरियन युगल में तो फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन एकल में प्री क्वार्टर फाइनल में ही बाहर हो गए। इस मैच में उन्हें 16 साल के तोमोकु हरिमोटो (Tomokazu Harimoto) के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा।

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हकीकत में भारतीय टेबल टेनिस के इस खिलाड़ी ने पिछले साल इंडोनेशिया में हुए एशियाई टीम चैंपियनशिप (Asian Team Championships) में जापानी प्रतिद्वंद्वी को सीधे गेम में हराया था।

तोमोकु हरिमोटो को हराने के बाद इस खिलाड़ी ने कहा, “वह उस मैच में हार के बाद काफी निराश थे। जब आप बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते हैं तो आपको यही सोचना होता है कि विरोधी अपने स्तर पर नहीं खेल रहा और आप अपना शत प्रतिशत दे रहे हैं”।

साथियान ने कहा, “इंडोनेशिया में भी यही हुआ। वह दबाव से नहीं निकल पाया, जो मैं उसके ऊपर डाल रहा था। वहीं हंगरी में वह अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर खेल रहा था। वह सभी विरोधियों को 4-0 से हरा रहा था और अंत में उसने टूर्नामेंट भी अपने नाम किया। उस दौरान मेरे पास कोई मौका नहीं था”।

साउथ कोरिया में प्रैक्टिस से कैसे साथियान को मिली मदद

पिछले बार जब साथियान ने ओलंपिक चैनल से बात की थी तो उन्होंने खुलासा किया था कि वह साउथ कोरिया में ट्रेनिंग करने वाले है। ऐसा वह अपने खेल में सुधार के लिए है और इस अनुभव के कारण उन्हें काफी मदद भी मिली।

इस भारतीय स्टार ने कहा कि “जब आप कोरियन राष्ट्रीय सेंटर में प्रैक्टिस करते हो तो आपको काफी कुछ सीखने को मिलता है। रैलियों के दौरान गति और सटीकता का मेरा खेल एशियाई शैली के अनुरूप है।"

ओलंपिक 2020 की तैयारी कैसे कर रहे हैं?

साथियान गणानाशेखरन की मौजूदा रैंकिंग 30वीं है। यह भारत की तरफ से ओलंपिक में सीधे प्रवेश के लिए काफी है। इसके साथ ही इस खिलाड़ी के पास छूट है कि वह फैसला कर सके कि वह कौन से इवेंट में खेलेंगे।

साथियान गणानाशेखरन ने कहा कि “मैं अपनी रैंकिंग को कायम रखने के लिए क्वालिफायर्स में हिस्सा लूंगा, खासकर जब तक ओलंपिक लिस्ट का फैसला नहीं हो जाता। मैं कतर ओपन (Qatar Open) में खेलूंगा लेकिन ओमान में हिस्सा नहीं लूंगा”।

इस खिलाड़ी का मुख्य लक्ष्य टॉप 10 में जगह बनाना है, लेकिन यह एक लंबी प्रक्रिया है। इस साल वह खुद को फिट रखते हुए 2020 ओलंपिक में भारत की तरफ से अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं।

साथियान ने कहा कि “साल 2019 में मेरा लक्ष्य यह था कि मैं अच्छी रैंकिंग हासिल करूं इसलिए मैंने काफी टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और इसे हासिल किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आप ऐसा हर साल नहीं कर सकते। ये ओलंपिक साल है और मैं उसके लिए मैं कोई जोखिम नहीं लेना चाहता”