फ़ादर्स डे स्पेशल: लिएंडर पेस के पिता वीस पेस की नज़रों से जानिए उनका बेटा क्यों है ओलंपिक चैंपियन

1996 अटलांटा ओलंपिक में लिएंडर पेस ने कांस्य पदक जीतते हुए इतिहास रच डाला था, जबकि उनके पिता वीस पेस हॉकी ओलंपिक चैंपियन रहे हैं, वह बताते हैं कि ये परिवार की देन है

पेस परिवार को बख़ूबी मालूम है कि ओलंपिक में एक जोड़ा पदक कैसे जीता जा सकता है। परिवार में पहला ओलंपिक पदक वीस पेस (Vece Paes) लेकर आए, जब वह 1972 म्यूनिख ओलंपिक गेम्स में उस भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे जिसने कांस्य पदक जीता था।

24 साल बाद उनके पुत्र लिएंडर पेस (Leander Paes) ने 1996 अटलांटा ओलंपिक गेम्स में टेनिस में कांस्य पदक जीतते हुए इतिहास रच दिया था। पेस अब तक इकलौते टेनिस खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक में पदक जीता हो, इतना ही नहीं 1952 ओलंपिक में केडी जाधव (KD Jadhav) के द्वारा जीते गए कांस्य पदक के बाद पेस ने ही भारत को दूसरा व्यक्तिगत ओलंपिक पदक दिलाया था।

इस भारतीय टेनिस स्टार के नाम अब तक 18 ग्रैंड स्लैम डबल्स ख़िताब है, और वह अब तक 7 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिध्तव कर चुके हैं, जो एक रिकॉर्ड है। लिएंडर के पिता उस राज़ पर से पर्दा हटा रहे हैं कि आख़िर पेस परिवार क्यों है ओलंपिक चैंपियन।

ओलंपिक चैनल के साथ पिछले महीने हुए इंस्टाग्राम चैट में वीस पेस ने कहा था, ‘’पहली चीज़ तो है माहौल जिसमें लिएंडर बड़ा हुआ है, जहां हमेशा खेल भावना को बढ़ावा दिया जाता है और इन सबके अलावा लिएंडर प्रतिभा के धनी हैं।‘’

‘’वह टेनिस कोर्ट पर एक तेज़ तर्रार खिलाड़ी तो हैं ही साथ ही उनमें जुझारूपन भी है। लिएंडर हफ़्ते में 6 दिन रोज़ाना 3 घंटे अभ्यास करते हैं, आपको ये करना ज़रूरी है अगर आप भी चैंपियन बनना चाहते हैं।‘’

इस परिवार की एक बड़ी ख़ासियत है ‘कभी हार न मानने वाला जज़्बा’ जिसे लिएंडर पेस भी मानते हैं। हंसते हुए भारतीय टेनिस दिग्गज ने कहा, ‘’ये सब ख़ून में ही है, मैं आपको बता दूं ये आपके जीन में ही होता है।‘’

लिएंडर पेस ख़ुद भी एक पिता हैं, और उन्हें भरोसा है कि इस सिलसिले को उनकी बेटी अयाना भी आगे बढ़ाएगी।

‘’जैसे सेब के पेड़ से गिरकर सेब ज़्यादा दूर नहीं जा सकता, उसी तरह आप मेरी बेटी से भी यही उम्मीद कर सकते हैं। वह बिल्कुल मेरे पिता जी की ही तरह है।‘’

लिएंडर पेस ने ये भी कहा कि अयाना भी ओलंपिक में खेलना चाहती हैं, और उसे उम्मीद है कि उसका सफ़र भी वैसा ही रहेगा जैसे उसके पिता का रहा है।

परिवार की अहमियत

लिएंडर पेस हमेशा कहते हैं कि कैसे वह अपने पिता के मेडल को पॉलिश करते रहते हैं, और यही उन्हें हमेशा प्रेरित करता रहता था कि एक दिन वह भी पदक जीतें। मज़ाकिया लहजे में लिएंडर ने ये भी कहा कि, उनके पिता ने कहा था कि अगर ओलंपिक पदक नहीं जीते तो मेरे साथ खाने की मेज़ पर नहीं बैठ सकते।

पेस ने अपने परिवार की अहमियत बताते हुए कहा कि हमेशा उनका परिवार एक पीलर की तरह उनके साथ रहा है और यही किसी भी एथलीट के लिए सबसे बड़ी चीज़ होती है।

‘’मैं अपने माता-पिता और बहन का आभारी हूं और उन्हें सलाम करता हूं क्योंकि ये उन्हीं की देन है कि आज मैं इस मुक़ाम पर हूं। उन्होंने ही मुझे समझाया और ओलंपियन होने की ज़िम्मेदारी का अहसास दिलाया, ये भी आभास कराया कि मेरे ऊपर लाख़ों-करोड़ों देशवासियों की उम्मीदों का बोझ है। ‘’

‘’मैं अपने पिता से बहुत प्यार करता हूं और उनका और मां दोनों का ही तहे दिल से शुक्रगुज़ार हूं कि वे मेरे अभिभावक बने।‘’

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