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लिएंडर पेस, सानिया मिर्जा और महेश भूपति रह चुके हैं ऑस्ट्रेलियन ओपन के चैंपियन 

भारतीय टेनिस दिग्गज लिएंडर पेस, महेश भूपति और सानिया मिर्जा ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में कई डबल्स खिताब जीते हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

नए सीजन में साल का पहला ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) होता है, जिसकी काफी लोकप्रियता है, जहां कई दिग्गज इस खिताब को जीतने के लिए एक दूसरे का सामना करते हैं। ये टेनिस में सबसे सम्मानित टूर्नामेंट में से एक है।

1968 में शुरू हुआ ये ग्रैंड स्लैम शुरू में ग्रास कोर्ट पर खेला जाता था। 1989 से ऑस्ट्रेलियन ओपन को हार्ड-कोर्ट की सतह पर खेला जाने लगा।

साल 1972 से मेलबर्न में खेले जाने वाले इस ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए अक्सर खिलाड़ी पहले से ही तैयारी करने लगते हैं। भारतीय टेनिस सितारों ने पिछले कुछ वर्षों में ग्रैंड-स्लैम के सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है।

आइए एक नज़र डालते हैं सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर:

लिएंडर पेस

भारतीय टेनिस खिलाड़ी और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लिएंडर पेस (Leander Paes) के नाम सबसे ज्यादा चार ऑस्ट्रेलियन ओपन डबल्स खिताब हैं- पेस ने एक पुरुष डबल्स का खिताब जीता है और तीन मिक्स डबल्स का खिताब। ऐसा करने वाले वो ग्रैंड स्लैम में सबसे सफल भारतीय बने।

लिएंडर पेस ने पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब 2003 में जीता था, जब उन्होंने दिग्गज मार्टिना नवरातिलोवा (Martina Navratilova) के साथ मिलकर जोड़ी बनाई थी, जिन्हें मिक्स्ड डबल्स के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।

पेस-नवरातिलोवा ने एलेनी डेनिलिडो (Eleni Daniilidou) और टोड वुडब्रिज (Todd Woodbridge) को 6-4, 7-5 से हराकर खिताब जीता।

लिएंडर पेस ने दिग्गज खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा के साथ मिलकर पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब 2003 में जीता था

सात साल बाद 2010 ऑस्ट्रेलियन ओपन में लिएंडर पेस ने उस समय दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी कारा ब्लैक (Cara Black) के साथ जोड़ी बनाई और फइनल में एकातेरिना मकारोवा और जारोस्लाव लेविंस्की को 7-5, 6-3 से हराकर मिक्स डबल्स का खिताब अपने नाम किया।

ऑस्ट्रेलियन ओपन में लिएंडर पेस का एकमात्र पुरुष डबल्स खिताब 2012 में आया था, जब उन्होंने राडेक स्टेपानेक (Radek Stepanek) के साथ जोड़ी बनाई और उन्होंने फाइनल में प्रसिद्ध अमेरिकी जुड़वाँ भाईयों बॉब ब्रायन (Bob Bryan) और माइक ब्रायन (Mike Bryan) को 7-6, 6-2 से हराया।

इस भारतीय टेनिस दिग्गज ने अपना पिछला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब मार्टिना हिंगिस के साथ जीता था। मिक्स्ड डबल्स के फाइनल में पेस-हिंगिस ने क्रिस्टीना म्लादेनोविच और डैनियल नेस्टर को 6-4, 6-3 से हराया

महेश भूपति

लिएंडर पेस के साथ प्रसिद्ध 'इंडियन एक्सप्रेस' की जोड़ी का हिस्सा रहे महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) ने अपने सबसे प्रसिद्ध साथी के साथ कभी पुरुष डबल्स का खिताब नहीं जीता।

महेश भूपति के नाम दो ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब हैं, जो दोनों मिक्स्ड डबल्स में आए हैं।

2006 में महेश भूपति ने पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था, जहां उन्होंने मार्टिना हिंगिस के साथ जोड़ी बनाई थी और उन्होंने फाइनल में एलेना लिखोवत्सेवा और डैनियल नेस्टर की जोड़ी को 6-3, 6-3 से हराया था।

महेश भूपति ने 2006 में पहली बार मार्टिना हिंगिस के साथ जोड़ी बनाकर ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था

भूपति ने दूसरा ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब तीन साल बाद हमवतन सानिया मिर्जा (Sania Mirza) के साथ जोड़ी बनाकर जीती, जहां उन्होंने मिक्स्ड डबल्स के फाइनल में नथाली देची और एंडी राम को 6-3, 6-1 से हराया।

हालांकि महेश भूपति ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के पुरुषों के डबल्स फाइनल में तीन बार जगह बनाई है। भूपति 1999 में लिएंडर पेस के साथ, 2009 में मार्क नोल्स के साथ और 2011 में एक बार फिर पेस के साथ फाइनल में पहुंचे थे लेकिन हर बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

सानिया मिर्जा

भारतीय महिला टेनिस की स्टार खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा ने दो ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब अपने नाम किया है। उन्होंने एक महिला डबल्स का खिताब जीता है और एक मिक्स्ड डबल्स का खिताब अपने नाम किया है।

भारतीय महिला टेनिस स्टार ने एकमात्र ऑस्ट्रेलियन ओपन मिक्स्ड डबल्स का खिताब 2009 में महेश भूपति के साथ जीता था।

उसके बाद सानिया मिर्जा को अपना दूसरा ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने के लिए सात साल इंतजार करना पड़ा, जहां उन्होंने महिला डबल्स का खिताब जीता। 2016 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में ये खिताब जीतने के लिए उन्होंने मार्टिना हिंगिस के साथ जोड़ी बनाई थी।

मिर्जा-हिंगिस की जोड़ी ने फाइनल में एंड्रिया ह्लावाकोवा और लूसी हिर्डेका को 7-6, 6-3 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

2016 ऑस्ट्रेलियन ओपन में सानिया मिर्ज़ा ने मार्टिना हिंगिस के साथ जोड़ी बनाकर महिला डबल्स का खिताब अपने नाम किया था। 

सानिया मिर्ज़ा तीन अन्य अवसरों पर ऑस्ट्रेलियन ओपन मिक्स्ड डबल्स के फाइनल में भी पहुँची हैं। सानिया 2008 में महेश भूपति के साथ, 2014 में होरिया टेकाउ के साथ और 2017 में इवान डोडिग के साथ फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही थीं, लेकिन उन्हें इन तीनों मौकों पर हार का सामना करना पड़ा।

सिंगल्स में भारतीय खिलाड़ियों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

जहां भारतीय टेनिस के डबल्स खिलाड़ियों का ऑस्ट्रेलियन ओपन में शानदार रिकॉर्ड रहा है, तो वहीं सिंगल्स खिलाड़ियों ने ज्यादा प्रभावित नहीं किया है।

ऑस्ट्रेलियन ओपन के सिंगल्स में सानिया मिर्जा तीसरे दौर में जगह बनाने वाली एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2005 और 2008 में तीसरे दौर में जगह बनाई थी।

पुरुष सिंगल्स में किसी भारतीय टेनिस खिलाड़ी का सबसे सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन दूसरे दौर में प्रवेश करना रहा है।

दिग्गज खिलाड़ी विजय अमृतराज (Vijay Amritraj) ने 1984 ऑस्ट्रेलियन ओपन में दूसरे दौर में जगह बनाई थी, जबकि लिएंडर पेस ने 1997 और 2000 में दूसरे दौर में प्रवेश किया था।

2013 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में संन्यास ले चुके सोमदेव देववर्मन (Somdev Devvarman) ने भी दूसरे दौर में जगह बनाई थी।

हालांकि 8 फरवरी से शुरू हो रहे 2021 ऑस्ट्रेलियन ओपन में ये आंकड़े बदल सकते हैं और भारत का सिंगल्स में बेस्ट प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।  

सुमित नागल (Sumit Nagal) ने पुरुषों के सिंगल्स में एक वाइल्ड कार्ड एंट्री प्राप्त की है, जिससे वो पुरुषों या महिलाओं के सिंगल्स में प्रतिस्पर्धा करने वाले एकमात्र भारतीय बन गए हैं। अंकिता रैना (Ankita Raina) महिला एकल के लिए रिजर्व लिस्ट में हैं और वो अपना पहला ग्रैंड स्लैम खेल सकती हैं।

नागल पिछले साल यूएस ओपन में अपने प्रदर्शन से प्रेरित होकर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, जहां उन्होंने अपने पहले ग्रैंड स्लैम के पहले दौर का मैच जीता था, दूसरे दौर में वो डोमिनिक थीम से हार गए थे।