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जानिए क्यों ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ए-लीग के ऊपर ISL को दे रहे हैं तवज्जो 

फाइनेंशियल स्ट्रेस ने शीर्ष ए-लीग फुटबॉल स्टार्स को इस सीजन में आईएसएल में खेलने के लिए मजबूर किया है।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

जब सिडनी एफसी के एडम ले फोंड्रे ने अगस्त में ए-लीग के ग्रैंड फ़ाइनल के लिए मैदान में कदम रखा, तो उन्हें शायद ही पता होगा कि वो कुछ महीने बाद अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध लीग में अपनी किस्मत आजमाएंगे।

लेकिन होता वही है, जो भाग्य में लिखा होता है। जब 2020-21 इंडियन सुपर लीग (Indian Super League) अगले सप्ताह गोवा में शुरू होगा, तो ए-लीग के दूसरे सबसे बड़े गोल-स्कोरर एडम ले फोंड्रे (Adam Le Fondre) मुंबई सिटी एफसी (Mumbai City FC) की जर्सी में मैदान पर उतरेंगे।

ये वो लीग है जिसकी 2014 में स्थापना हुई थी, लेकिन हर अगले सीजन में नया हो जाता है। यही कारण है कि आने वाला सीजन सबसे बड़ा होने की उम्मीद है। और इसके पीछे मुख्य कारणों में से एक दुनिया भर से कुछ प्रतिभाओं को शामिल करना है।

ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल लीग के से आने वाले खिलाड़ियों की लंबी सूची है, जिन्होंने इस सीज़न 2020 में आईएसएल के लिए साइन किया है।

एडम ले फोंड्रे निस्संदेह सबसे बड़ा नाम हैं। इनके अलावा सेंट्रल कोस्ट मारिनर्स के पूर्व केल्टिक एफसी स्टार गैरी हूपर (Gary Hooper), सेंटर-बैक जेम्स डोनाकी (James Donachie), एडिलेड यूनाइटेड के क्रिस्टियन ओप्सेथ (Kristian Opseth) और डायलन फॉक्स (Dylan Fox) शामिल हैं।

गैरी हूपर आईएसएल 2020-21 में केरला ब्लास्टर्स एफसी के लिए खेलेंगे। फोटो: केरल ब्लास्टर्स एफसी / फेसबुक

ये कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के कारण लीग डाउन अंडर से निपटने वाले वित्तीय संकट इस बदलाव को लाया है।

ISL की बढ़ रही है स्थिरता

ब्रॉडकास्टर्स में फॉक्स स्पोर्ट्स ने आने वाले सीज़न के लिए अपनी डील को बदल दी है, एक रिपोर्ट में बताया गया है कि जो डील $ 57 मिलियन प्रति वर्ष के लिए हुई थी वो अब सिर्फ $ 32 मिलियन में हुई है। जिसका असर खिलाड़ियों की जेब पर हुई है।

3.95 करोड़ रुपये में एफसी गोवा ज्वाइन करने वाले जेम्स डोनाकी ने ओलिंपिक चैनल से कहा, ''घर लौटने पर, हमें कितना मिलेगी, कब मिलेगा इन सब के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है।”

खिलाड़ी किसी भी स्थिर क्लब के लिए खेलना चाहते हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में भारत के क्लबों ने दिखाई है। जबकि बेंगलुरु एफसी, एफसी गोवा और चेन्नईयिन एफसी जैसी टीमों ने एशियाई बाजार में प्रतिष्ठिट टीम बन गई हैं। मैनचेस्टर सिटी के मालिक सिटी फुटबॉल ग्रुप के आईएसएल में शामिल होने से इन क्लबों के दावे और मजबूत हो गए हैं।

एडम ले फोंड्रे ने कहा, "निश्चित रूप से, ये प्रोफेसनलिज्म में मदद करता है जिसकी मैं एक फुटबॉलर होने के नाते उम्मीद करता हूं।" ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मानते हैं कि सिटी फ़ुटबॉल ग्रुप का मुंबई सिटी एफसी के साथ जुड़ने से उन्हें अपना भविष्य तय करने में मदद मिली है।

“वे चीजों को सही तरीके से कर रहे हैं। और एक फुटबॉलर होने के नाते आप यही चाहते हैं। आपको चीजों को सही तरीके से करने और हमेशा एक खिलाड़ी के रूप में सुधार करने का मौका दिया जाना चाहिए।”

इस संबंध में एक और पहलू है, जिसमें एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) के +1 नियम को चुनने का ISL का निर्णय है।

इस नियम के अनुसार, प्रत्येक क्लब को अपने रोस्टर पर एएफसी सदस्य राष्ट्रों में से एक विदेशी खिलाड़ी होना चाहिए। जिसकी वजह से आईएसएल पश्चिम और पूर्वी एशिया के अधिकांश शीर्ष प्रतिभाओं के साथ, ऑस्ट्रेलिया आईएसबीएन टीमों के लिए एक बाजार के रूप में उभरा है।

बेंगलुरु एफसी के ऑस्ट्रेलियाई मिडफील्डर एरिक पार्तालु (Erik Paartalu) ने कहा, "मुझे अनुमान नहीं है लेकिन ऑस्ट्रेलिया की तुलना में एशियाई खिलाड़ी को चुनना बेहतर नहीं है क्योंकि मुझे लगता है कि भारतीयों का ऑस्ट्रेलिया के साथ बहुत अच्छा रिश्ता है।"

"आप जानते हैं कि आप एक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के साथ क्या करने जा रहे हैं। वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं, वे अच्छी तरह से एकीकृत करते हैं, वे टीम के बड़े खिलाड़ी हैं। ऐतिहासिक रूप से बहुत अच्छे हैं।

ISL का बदलता दृष्टिकोण

कई लोगों का मानना ​​है कि हालिया बदलावों से ये भी सुधारने में मदद मिल रही है कि कैसे आईएसएल को एशियाई बाजार में देखा जाता है।

एरिक पार्तालु ने 2017 में बेंगलुरु एफसी के लिए साइन किया और तब से टीम के एक अभिन्न अंग है। फोटो: बीएफसी मीडिया

हालांकि ये लीग कई सुपरस्टार्स खिलाड़ियों के साथ शुरू हुई थी, जो बाद में चले गए। लेकिन पिछले कुछ सीजन में क्लबों के प्रयासों ने इस लीग को फिर से उसी लेवल पर पहुंचा दिया है।

बेंगलुरू एफसी के सीईओ मंदार तमहाने को उम्मीद है कि आगे चलकर, आईएसएल एशिया में अपने पैर जमाने के लिए छोटे यूरोपीय और दक्षिण अमेरिकी खिलाड़ियों को भी शामिल कर सकता है।

“लीग अच्छी तरह से बना है, आपको खेलने के लिए महाद्वीपीय प्रतिस्पर्धाएं मिली हैं, आपका अच्छी तरह से ध्यान रखा जाता है। मुझे लगता है कि ये सभी चीजें एक फुटबॉलर को आकर्षित करती हैं।”

तमहाने ने कहा, "आगे चलकर मुझे आश्चर्य नहीं होगा, अगर ISL एक लीग बन जाता है जहाँ आपके पास खिलाड़ी आते हैं, अच्छा प्रदर्शन करते हैं और वे बड़े पश्चिम एशियाई और पूर्व एशियाई लीग में टीमों द्वारा साइन कर लिए जाते हैं।"