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ISL 2020-21: कैसे नॉर्थईस्ट यूनाइडेट ने रोका मुंबई सिटी का विजयरथ

पूरी ही टीम खालिद जमील पर विश्वास रखती है और उसी का नतीजा है कि इस नॉर्थईस्ट यूनाइटेड ने मुंबई सिटी जैसी टीम को मात दी।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

शनिवार को जब इंडियन सुपर लीग (Indian Super League) में मुंबई सिटी एफसी (Mumbai City FC) जब मैदान में उतरी तो उनकी नज़र इतिहास रचने पर थी।

स्पैनिश कोच सर्जियो लोबेरा (Sergio Lobera) की ये टीम अब तक 12 मैचों में अनबिटेन रही थी और नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी (NorthEast United FC) के खिलाफ एक और इस तरह का प्रदर्शन कर वह लीग में लगातार सबसे ज्यादा मैचों में हार ना झेलनी वाली टीम बन जाती।

लेकिन नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के खिलाफ इस टीम ने ना केवल शुरुआती 10 मिनट में ही दो गोल खा लिए बल्कि 2020-21 सीजन की अपनी दूसरी हार भी झेली।

जहां एक तरफ फैंस ने मुंबई की हार देखी तो दूसरी तरफ उन्होंने नॉर्थईस्ट का जबरदस्त प्रदर्शन भी देखा। मुंबई ने इसी विरोधी के सामने सीजन की शुरुआत 1-0 से जीत के साथ की थी लेकिन इस बार नॉर्थईस्ट के मसूंबे कुछ अलग ही थे।

मैच के बाद मीडिया से बातचीत में नॉर्थईस्ट के कोच खालिद जमील ने कहा कि “ये सब खिलाड़ियों की वजह से मुमकिन हुआ है, सभी खिलाड़ी काफी मेहनत कर रहे हैं। मैं उन्हें सिर्फ नॉर्मल गेम खेलने की सलाह देता हूं।”

इसके अलावा उन्होंने कहा कि “हमने जल्दी ही दो गोल कर दिए थे और उसके बाद भी हमने स्थिति को अच्छे तरह से संभाला। पहला हाफ हमने 2-0 के साथ खत्म किया। मुंबई के पास भी शानदार खिलाड़ी हैं और उन्होंने कोशिश भी की लेकिन इस बार हम जो करना चाह रहे थे, उसमें सफल रहे।”

अपने 11 मैचों में केवल 2 ही जीत हासिल करने वाली नॉर्थईस्ट यूनाइटेड की टीम की ये कायापलट खालिद जमील की वजह से हुई है, जिन्होंने इसी महीने की शुरुआत में जेरार्ड नूस (Gerard Nus’s) के जाने के बाद कार्यभार संभाला था।

अब इस सीजन में ज्यादातर समय संघर्ष करने वाली नॉर्थईस्ट की टीम ने आखिरकार अपनी लय हासिल कर ली है।

नॉर्थएस्ट यूनाइटेड का कायाकल्प

खालिद जमील के मैन-मैनेजमेंट कौशल और एक पक्ष को मजबूत करने की उनकी क्षमता अच्छी तरह से खिलाड़ी अपना रहे है और जिस तरह से टीम ने खालिद के नेतृत्व में अपने आखिरी तीन मैच खेले है, उनमें वह काफी अटैकिंग दिखे हैं।

बेल्जियम के बेंजामिन लाम्बोत (Benjamin Lambot) ने जहां एक तरफ अपने खिलाड़ियों को डिफेंसिव मोड में रखा तो वहीं खालिद जमील ने अब तक जितने मैचों में भी प्रबंधन किया है, उनमें वह विरोधी टीम पर अटैक करने से हिचकिचाए नहीं।

नॉर्थएस्ट को फेडरिको गैलेगो (Federico Gallego) और लुइस मचाडो (Luis Machado) दोनों के क्रिएटिव आइडिया का फायदा मिला, कुछ ऐसा जो केवल दो बार नूस के प्रबंधन में हुआ।

ट्रांसफर खिलाड़ी डेसहॉर्न ब्राउन (Deshorn Brown) टीम में उस गति और टेनसिटी को लाए, जिसकी इन्हे सख्त जरुरत थी और उन्होंने यही रूख मुंबई के खिलाफ अपनाया और पहले गोल में ही अपना दम दिखाया।

फोटो: बेंगलुरु एफसी से नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी में जाने के बाद से डेशोर्न ब्राउन ने अपने दो मैचों में तीन गोल किए हैं। तस्वीर साभार: ISL मीडिया

मुंबई टीम के हेड कोच “यह हमारे लिए मुश्किल था। हमारे लिए खेलों को अच्छी तरह से शुरू करना महत्वपूर्ण है, यह स्वीकार करते हुए कि उनकी टीम को शुरुआती मिनटों में प्रतिक्रिया करने में देर हो गई थी जिसके परिणामस्वरूप दो गोल हो गए।"

इसके बाद उन्होंने कहा “हमने अपनी एकाग्रता खो दी और तीन मिनट में दो गोल खा लिए। हमारा एक्शन अच्छा नहीं था। लाइनों के बीच बहुत जगह थी।”

इसके आगे उन्होंने कहा कि “सच कहूं तो वह भारत के सबसे अच्छे मिडफिल्डर्स में से एक है, मुझे उन्हें ये बताने की जरूरत नहीं होती कि उन्हें क्या करना है। मैं जब खेलता भी था तो उस समय भी मैंने ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा। मेरे हिसाब से वह बेस्ट खिलाड़ियों में से एक है।”

एक ऐसी टीम के साथ जो अपने कोच पर विश्वास करती है और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार है, इस सीज़न में इस नॉर्थएस्ट यूनाइटेड को रोकने के लिए कुछ खास होगा।