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ISL के दिलचस्प आंकडें, जो हर फुटबॉल फैन के लिए हैं ख़ास

ISL में गोल मारने वाला सबसे युवा खिलाड़ी कौन था? कौन सी सबसे ज़्यादा मुकाबलों तक नाबाद रही? सभी उत्तर जानें।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

साल 2014 से शुरू हुई इंडियन सुपर लीग (Indian Super League – ISL) आज भारतीय फुटबॉल का चेहरा बन गई है।

हर सीज़न के साथ यह लीग फुटबॉल फैंस को कुछ ऐसे क्षण दे जाती है जिसे भूलना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है। ISL में स्टैट्स और रिकॉर्डस देखते ही बनते हैं और यह इस लीग की एक बड़ी आकर्षण भी है।

आइए नज़र डालते हैं कुछ बेहतरीन ISL के आंकड़ों पर जो सभी भारतीय फुटबॉल फैंस के दिल के बेहद करीब हैं।

ISL में सबसे सफल टीम

तीन ISL खिताबों के साथ ATK अभी तक इस लीग की सर्वश्रेष्ठ टीम है। कोलकाता के इस क्लब ने इंडियन सुपर लीग का पहला संस्करण अपने नाम किया था और इसे बाद 2016 और 2019-20 के सीज़न पर भी इस टीम ने अपनी जीत की छाप छोड़ दी थी।

स्पेन के एंटोनियो लोपेज़ हाबास (Antonio Lopez Habas) इस टीम को साथ लेकर आगे बढ़ रहे थे और 2014 और 2019-20  सीज़न में उन्हें जीत नसीब हुई थी। दोनों ही बार उन्होंने  बेहद महत्वपूर्ण किरदार भी अदा किया था। ऐसे में वे इकलौते हेड कोच हैं जिन्होंने एक ही टीम के साथ ISL की ट्रॉफी एक से ज़्यादा बार जीती है। 

दो बार की चैंपियन चेन्नईयिन एफसी (Chennaiyin FC) भी किसी से कमज़ोर नहीं है और इस टीम ने 2015 और 2017-18 का खिताब अपने नाम किया था तो वहीं बेंगलुरु एफसी (Bengaluru FC) ने यह कारनामा 2018-19  सीज़न में किया था।

ISL का पहला गोल स्कोरर 

इथिओपिया के स्ट्राइकर फिक्रू टेफ्रा (Fikru Taferra) का नाम ISL स्टैट्स में हमेशा के लिए अमर हो गया है। यह वो शक्स हैं जिन्होंने ISL के इतिहास में पहला गोल दागा था। मुंबई सिटी एफसी (Mumbai City FC) के खिलाफ ATK टीम से खेलते हुए साल्ट लेक स्टेडियम में इस फुटबॉलर ने 27वें मिनट में इस लीग का पहला गोल जड़ कर अपना नाम हमेशा के लिए उज्जवल कर लिया। वह मुकाबला ATK 3-0 से जीतने में सफल हो गई थी।

वहीं बलवंत सिंह (Balwant Singh) पहले भारतीय फुटबॉलर बनें जिन्होंने ISL में गोल मारा था। एफसी गोवा के खिलाफ चेन्नईयिन एफसी की ओर से खेलते हुए बलवंत सिंह ने 31वें मिनट में गोल मारकर अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। यह मुकाबला 15 अक्टूबर, 2014 को खेला गया था।

मुंबई सिटी एफसी के ब्राज़ीलियन स्ट्राइकर आंद्रे मोरिट्ज़ (Andre Moritz) ने ISL की पहली हैट्रिक मारी थी। यह कारनामा उन्होंने पहले सीज़न में किया था और एफसी पुणे के खिलाफ उनकी टीम ने 5-0 से जीत हासिल की थी।

सबसे ज़्यादा गोल मारने वाला खिलाड़ी  

ISL में पूर्व एफसी गोवा फॉरवर्ड फेरान कोरोमिनास (Ferran Corominas) ने अभी तक सबसे ज्यदा यानी 48 गोल मारे हैं। यह उपलब्धि उन्होंने 57 मुकाबलों में हासिल की और सभी फुटबॉल फैंस को एक नहीं बल्कि खुशियों के कई मौके दिए। इनके बाद नाम आता है बेंगलुरु एफसी के सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) का और उन्होंने 79 मुकाबलों में 41 गोल अपने नाम किए हैं।

छेत्री ISL में सबसे ज़्यादा गोल मारने वाले भारतीय फुटबॉल भी हैं। इनके बाद नाम आता है जेजे लालपेखलुआ (Jeje Lalpekhlua) का जो कि ISL 2020-21 ईस्ट बंगाल (East Bengal). के लिए खेलते दिखेंगे।

सबसे तेज़ गोल स्कोरर 

फुटबॉल एक ऐसा खेल है जिसमें स्फूर्ति की सराहना की जाती है और इसी स्फूर्ति का नमूना पेश करते हुए ISL के इतिहास में जमेशदपुर एफसी के विंगर जेरी माविहिंगथांगा (Jerry Mawihmingthanga) ने सबसे तेज़ गोल मारा है। यह रिकॉर्ड उन्होंने महज़ 23 सेकंड में बनाया था। जेरी माविहिंगथांगा ने यह जलवा केरला ब्लास्टर्स के खिलाफ दर्शाया था।

इतना ही नहीं उन्होंने केरला के पूर्व खिलाड़ी क्रिस डेग्नल (Chris Dagnall) के 29 सेकंड का रिकॉर्ड तोड़ा था। ग़ौरतलब है कि क्रिस डेग्नल ने यह उपलब्धि ISL 2015 में नार्थईस्ट यूनाइटेड एफ (NorthEast United FC) के खिलाफ हासिल की थी।

युवा गोल स्कोरर  

ATK विंगर कोमल थाटल (Komal Thatal) के नाम ISL में गोल मारने वाले सबसे युवा खिलाड़ी का रिकॉर्ड है।

उस समय 18 वर्ष, 1 महीना और 13 दिन के कोमल थाटल ISL में गोल दागने वाले सबसे युवा फुटबॉलर बन गए थे। पहले यह स्टैट जेरी लालरिंजुआला (Jerry Lalrinzuala) के नाम था।

सबसे बड़े अंतर से जीत

खेल में हार जीत तो चलती रहती है लेकिन कई बार एक टीम इस प्रकार मुकाबला जीतती है जो कि फैंस द्वारा कभी नहीं भुलाया जाता। ISL इतिहास में एफसी गोवा ने सबसे बड़े अंतर से मुकाबला जीतने का कारनामा किया है। मुंबई सिटी एफसी के खिलाफ 7-0 की बड़ी जीत एफसी गोवा के खेल को दर्शाती है और उन्हें प्रोत्साहन देती है। यह मुकाबला 17 नवंबर 2015 को खेला गया था।

डुडु ओमागबेमी (Dudu Omagbemi) और थोंगकोसीम हाओकिप (Thongkhosiem Haokip) ने हैट्रिक जड़ कर अपने होने का प्रमाण पेश किया था और ब्राज़ील के रीनाल्डो (Reinaldo) ने गौर्स के लिए बाकी के गोल मारे थे।

ISL में सबसे ज़्यादा गोल वाला मुकाबला

आज तक इंडियन सुपर लीग में दो ऐसे मुकाबले आए हैं जिनमें कुल 9 गोल स्कोर किए हैं।

पहला मुकाबला सीज़न 2016 में एफसी गोवा बनाम चेन्नईयिन एफसी रहा था और इसे गोवा ने 5-4 से जीत कर अपने खेमे को खुशियों से लैस कर दिया था।

दूसरे मुकाबले में भी चेन्नईयिन एफसी मैदान में उतरी थी और इस बार उनका सामना केरला ब्लास्टर्स के हुआ। इस बार चेन्नई ने 6-3 से बाज़ी मारी और इतिहास में अपना नाम दर्ज कर दिया।

लगातार नाबाद

ISL 2018-19 में बेंगलुरु एफसी ने लगातार 11 मुकाबलों में एक भी मुकाबला नहीं हारा था। आज तक इस लीग में ऐसा करने वाली यह एकमात्र टीम है।

इस सीज़न में बेंगलुरु एफसी ने लगातार 6 मुकाबले जीते थे और आज तक ISL इतिहास में यह किसी भी टीम के लिए सबसे ज़्यादा लगातार जीत है।

सबसे लंबी हार का गाथा

पहले सीज़न में हैदराबाद एफसी (Hyderabad FC) ने 14 मुकाबलों में एक भी जीत नहीं दर्ज की थी। यह रिकॉर्ड 2019-20 में बना था और आज तक यह रिकॉर्ड अछूता है। 

सबसे ज़्यादा हार की बात की जाए तो उसका सेहरा दिल्ली डाइनेमोज़ (Delhi Dynamos) के सर सजा था। लायंस ने सीज़न 2017-18 में लगातार 6 हार का सामना किया था।