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ISL गोल्डन बूट विजेता: वाल्सकीस से एलानो और बाकी सभी गोल्डन बूट विजेताओं की कहानी

6 सीज़न से ISL कुछ मज़ेदार प्रदर्शन का साक्षी बना है। आइए जानते हैं आज तक के सभी ISL गोल्डन बूट के विजेताओं की कहानी।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

हर फुटबॉल की तरह ही इंडियन सुपर लीग (Indian Super League) में भी टाइटल रेस बहुत अहम मानी जाती है। इसके बाद किसी भी चीज़ को प्रथम दर्जा मिला है तो वह है ISL गोल्डन बूट।

ISL के हर सीज़न में कोई न कोई टॉप गोल स्कोरर होता है लेकिन उसके साथ मिड फील्डर और बाकी स्ट्राइकर का किरदार भी अहम हो जाता है। इतना ही नहीं फुटबॉल प्रशंसक भी इस लीग से सालों से जुड़े हुए हैं और हर साल अपनी अपनी टीम का समर्थन करते नज़र आते हैं।

सीज़न 2020-21 के गोल्डन बूट के विजेता का नाम तो सीज़न के अंत में ही पता चलेगा लेकिन उससे पहले एक नज़र डालते हैं ISL के पिछले पुराने गोल्डन बूट विजेताओं का।

2019-20 गोल्डन बूट विजेता – नेरिज्स वाल्सकीस

चेन्नईयिन एफसी (Chennaiyin FC) के नेरिज्स वाल्सकीस (Nerijus Valskis) ने सीज़न 2019-20 में गोल्डन बूट पर कब्ज़ा जमाया था और यह भी माना जाता है उस साल गोल्डन बूट की रेस ISL क इतिहास की सबसे कठिन
तीन खिलाड़ी – वाल्सकीस, ATK के रॉय कृष्णा (Roy Krishna) और पूर्व केरला ब्लास्टर्स स्ट्राइकर बर्थोलोमेव ओगबेचे (Bartholomew Ogbeche) ने उस सीज़न में 15 गोल दागे थे।रेस

ऐसे में बाकी प्रतियोगिताओं में खिताब को बांटा जाता है लेकिन ISL के नियम अलग हैं। ISL में अगर एक से ज़्यादा खिलाड़ी एक ही जितने गोल दागें तो सीज़न के अंत में यह देखा जाता है कि गोल मारने के अलावा किस खिलाड़ी ने कितने असिस्ट कए हैं और उस गिनती को शामिल कर विजेता की घोषणा की जाती है। अगर दो या दो से अधिक खिलाड़ियों के बीच गोल और असिस्ट भी सामान्य है तो विजेता उसे बनाया जाता है जिसने फील्ड पर कम मिनट बिताएं हैं।

उस सीज़न की बात करें तो कृष्णा और वाल्सकीस दोनों ने ही सीज़न के अंत तक 15 गोल पर अपने नाम की मुहर लगे थी लेकिन ऐसे में उथियानियाई खिलाड़ी को यह खिताब दिया गया क्योंकि उन्होंने 20 मुकाबले खेले थे, कृष्णा के मुकाबले एक कम। वहीं ओगबेचे ने 18 मुकाबलों में 15 गोल किए थे और एक असिस्ट भी उनके नाम थे इसी वजह से वह गोल्डन बूट की रेस से बाहर हो गए थे।

ग़ौरतलब है कि वाल्सकीस और कृष्णा की यह लड़ाई ISL 2019-20 फाइनल के दिन सुलझ पाई जब कृष्णा के हाथ एक असिस्ट आया और वाल्सकीस की झोली में एक गोल। अब जब नेरिज्स वाल्सकीस जमशेदपुर की ओर से खेलेंगे तो एक बार फिर वह कोच ओवेन कोयल (Owen Coyle) की कोचिंग के तहत अपने जौहर को पंख देते नज़र आएंगे। यह कहना गलत नहीं होगा कि यह जोड़ी एक बार फोर गोल्डन बूट पर कब्ज़ा जमाने में सफल हो सकती है।

ISL 2019-20 में नेरिज्स वाल्सकीस के आंकड़े

गोल: 15

असिस्ट: 6

मुकाबले: 20

2018-19 ISL गोल्डन बूट विजेता – फेरान कोरोमिनास

फेरान कोरोमिनास ISL सीज़न 2018-19 के गोल्डन बूट विजेता थे। तस्वीर साभार: ट्विटर/एफसी गोवा 

ISL में अभी तक सबसे ज़्यादा गोल (48) फेरान कोरोमिनास (Ferran Corominas) से ही आए हैं और उन्होंने यह कीर्तिमान 57 मुकाबलों में स्थापित किया है। इसमें अचंभा नहीं है कि फेरान कोरोमिनास गोल्डन बूट के खिताब को अपने नाम कर सकते हैं, बल्कि उन्होंने ऐसा एक नहीं दो बार किया है। 2018-19 सीज़न में वह उनका दूसरा खिताब था।

ISL इतिहास में कोरोमिनास इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार दो बार गोल्डन बूट खिताब को अपने नाम किया है। इतना ही नहीं 2019-20 में भी वह इस खिताब के बहुत नज़दीक आए थे और उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए 17 मुकाबलों में 14 गोल दागे थे।

ISL 2018-19 में फेरान कोरोमिनास के आंकडें

गोल: 16

असिस्ट: 7

मुकाबले: 20

2017-18 ISL गोल्डन बूट विजेता - फेरान कोरोमिनास

क्लब डोक्सा कैटोकोपिया (DOXA Katokopia) का तजुर्बा लेकर एफसी गोवा से जुड़े कोरोमिनास ने अपने पहले ही सीज़न से अपने कौशल का प्रमाण पेश करना शुरू कर दिया थ
20 मुकाबलों में इस खिलाड़ी ने 18 गोल मारे थे और 5 में असिस्ट भी किया था। वह उस सीज़न ISL के टॉप स्कोरर थे और उन्होंने मीकु (20 मुकाबलों में 15 गोल) और सुनील छेत्री (Sunil Chetri) (21 मुकाबलों में 12 गोल) को पीछे छोड़ा था।

फेरान कोरोमिनास ने अपने पहले ही मुकाबले में चेन्नईयिन एफसी के खिलाफ गोल दागा था और आज तक इस लीग के इतिहास में वह एक सीज़न में सबसे ज़्यादा गोल (18) मारने वाले फुटबॉलर हैं।

2017-18 ISL में फेरान कोरोमिनास के आंकडें

गोल: 18

असिस्ट: 5

मुकाबले: 20

ISL 2016 गोल्डन बूट विजेता – मार्सेलो

मार्सेलो लीते परेरा को मार्सेलो (Marcelinho) के नाम से भी जाना जाता है और इन्होंने अपना जादू 2016 में दिखाया था और सभी फुटबॉल प्रेमियों के दिलों में एक ख़ास जगह बना ली थी। हालांकि दिल्ली डायनामोज को सेमी-फाइनल में बाहर का रास्ता देखना पड़ा था लेकिन फिर भी शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए मार्सेलो ने 15 मुकाबलों में 10 गोल अपने नाम किए थे। ATK के लेन ह्यूम (Lain Hume) 14 मुकाबलों में 7 गोल के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।

उरुग्वे के डिएगो फोरलान (Diego Forlan) समेत 7 खिलाड़ियों ने इस सीज़न में 5 बार गोल को अपना निशाना बनाया था।

2017-18 ISL में मार्सेलो के आंकडें

गोल: 10

असिस्ट: 5

मुकाबले: 15

ISL 2015 गोल्डन बूट विजेता – स्टीवन मेंडोज़ा

स्टीवन मेंडोज़ा ने सीज़न 2015 में 13 गोल दाग कर गोल्डन बूट को अपने नाम किया था। तस्वीर साभार: ISL/ट्विटर

ISL 2015 को स्टीवन मेंडोज़ा (Stiven Mendoza) शो के नाम से याद किया जाता है। यह इस खिलाड़ी का दूसरा सीज़न था लेकिन चोट ने हमेशा इन्हें बांधे रखा। हालांकि साल 2014 में भी इस फुटबॉलर ने अपने कौशल की झलकियाँ दिखा दी थी।

अपने दूसरे सीज़न में स्टीवन मेंडोज़ा ने अपने प्रतिद्वंदियों के डिफेंस को तोड़ना शुरू किया और गोल्डन बूट अपने नाम किया। कुल 16 मुकाबलों में इस खिलाड़ी ने 13 बार गोल मारा और अपनी टीम को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। इस दौरान ATK के लेन ह्यूम भी बूट के लिए दावेदारी पेश कर रहे थे।

सीज़न का सबसे यादगार गोल इस खिलाड़ी न एफसी गोवा के खिलाफ मारा था। ग़ौरतलब है कि फाइनल में मेंडोज़ा की टीम 2-1 से पीछे चल रही थी और ठीक समय अपर इस खिलाड़ी ने गोवा के गोलकीपर लक्ष्मीकान्त कट्टीमनी (Laxmikant Kattimani) को अपना ही गोल मारने पर मजबूर किया।

कोल्मिया के इस खिलाड़ी के कदम यही नहीं रुके। आखिरी के क्षणों में स्कोर कर चेन्नईयिन एफसी को अपना पहले खिताब जितवाया था। ISL के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि विजेता टीम के खिलाड़ी ने ही गोल्डन बूट पर अपना कब्ज़ा जमाया था।

2015 ISL में स्टीवन मेंडोज़ा के आंकडें

गोल: 13

असिस्ट: 3

मुकाबले: 16

ISL 2014 गोल्डन बूट विजेता एलानो ब्लूमर

ISL का पहला गोल्डन बूट एलानो ब्लूमर ने जीता था। तस्वीर साभार: चेन्नईयिन/ट्विटर

ISL इतिहास का सबसे पहले गोल्डन बूट चेन्नईयिन एफसी के खिलाड़ी एलानो ब्लूमर (Elano Blumer) ने अपने नाम किया था। पूर्व मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाड़ी चेन्नईयिन एफसी के लिए एक मार्की प्लेयर की हैसियत से खेले थे।

फ्री किक और लॉन्ग शॉट के माहिर एलानो ने 2014 में 8 गोल दागे थे जो कि किसी भी खिलाड़ी से 3 गोल ज़्यादा थे। इनके इसी खेल की वजह से इनकी टीम सेमी-फाइनल तक का सफ़र तय करने में सफल रही थी।

2014 में ISL में एलानो ब्लूमर के आंकडें

गोल: 8

असिस्ट: 1

मुकाबले: 11

अब जब ISL 2020-21 लगभग आ चुका है तो इए में भारतीय फुटबॉल का जोश देखते ही बन रहा है। सभी खिलाड़ी इस सीज़न के लिए उत्साहित हैं ओत ट्रॉफी के साथ गोल्डन बूट को अपने खेमे में डालने की जद्दोजहद चल रही है।

ISL का पहला गोल्डन बूट एलानो ब्लूमर ने जीता था। तस्वीर साभार: चेन्नईयिन/ट्विटर

एससी ईस्ट बंगाल के आ जाने से उनके प्रशंसक भी इस लीग से जुड़ गए हैं और जैक्स मगोमा (Jacques Maghoma) जैसे खिलाड़ियों से उम्मीदें बंध चुकी हैं। वहीं ATK मोहन बागान रॉय कृष्णा पर निर्भर हो कर आगे बढ़ रहे हैं और जीत को अपनी झोली में डालने की रणनीति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मुंबई सिटी एफसी की बात करें तो वह ओगबेचे (Ogbeche) और एडम ले फोंद्रे (Adam Le Fondre) के खेल से खुशियां बटोरनी चाहेंगे। इसी तरह हर टीम के कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी फॉर्म उन्हें आगे तक आसानी से ली जा सकती है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि किस खिलाड़ी के हाथ आता है ISL 2020-21 का गोल्डन बूट।