सीरी ए सीज़न 2019-20 यूवेंटस हाईलाईट: रोनाल्डो, देबाला ने लिखी जीत की कहानी

एक बार चुनौतियों को पार कर यूवेंटस ने जीत का ध्वज लहराया और एक बार फिर रोनाल्डो ने सबित किया कि वह क्यों है सर्वश्रेष्ठ। 

उन्होंने इसे ‘इटली की सबसे मुश्किल चैंपियनशिप’ कहा था लेकिन यूवेंटस के मौरिजियो सारी (Maurizio Sarri) को इस बात का ज़्यादा फर्क नहीं पड़ा और वह अपनी टीम को 9वें सीरी ए टाइटल की ओर ले गए।

सॉपडोरिया के खिलाफ 2-0 से आसान जीत दर्ज करने के बाद यूवेंटस ने अपने खिताब को एक बार फिर डिफेंड किया और अपने नाम के आगे लगे शब्द चैंपियन को भी सिद्ध किया। इंटर मिलान और अटलांटा से कड़ी चुनौती को पार पाने के बाद इस टीम को सफलता हासिल हुई है और इन स्पर्धाओं को देख वाकई कहा जा सकता है कि चैंपियन तो कोई एक बना लेकिन हमेशा की तरह फुटबॉल की जीत हुई है।

इस संस्करण में सब कुछ था, हाई स्कोरिंग, कोच द्वारा तकनीकी स्ट्रोक, इंजरी, ड्रामा और बहुत सारा ड्रामा। यूवेंटस के पास क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo), पाउलो देबाला (Paulo Dybala) जैसी खिलाड़ी तो थे ही और साथ ही युवा मथाईस डी लिग्ट (Matthijs de Ligt) ने टाइटल जीतने में खासी मदद की और अपने भविष्य का भी प्रमाण पेश किया है।

रविवार को यूवेंटस ने अपना 9वां सीरी ए खिताब हासिल किया।  
रविवार को यूवेंटस ने अपना 9वां सीरी ए खिताब हासिल किया।  रविवार को यूवेंटस ने अपना 9वां सीरी ए खिताब हासिल किया।  

आइए यूवेंटस की कई बेहतरीन परफॉर्मेंस पर एक नज़र डालते है।

ला लिगा 2019-20 सीज़न में यूवेंटस का शानदार प्रदर्शन

डर्बी डी इटालिया में डबल: मिला 1-2 यूवेंटस

किसी भी सलफता का रास्ता आसान नहीं होता और आपके सामने समय-समय पर चुनौतियाँ अपना जाल बुनती रहती हैं। यूवेंटस के सामने भी इंटर मिलान थी लेकिन अपनी तकनीक पर भरोसे के साथ चल रहे क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने न केवल उस मुकाबले को जीता बल्कि सीरी ए टेबल में सबसे ऊपरी हिस्से पर पकड़ बना ली।

अक्टूबर में मिलान ने अपने 6 फिक्सचर और अब वे डर्बी डी इटालिया (Derby d’Italia) की ओर बढ़ रहे थे। यह खेल है बॉस, पथ-पथ पर चुनौतोयां होती हैं और उन चुनौतियों से लड़ने का एक खिलाड़ी में जुनून होता है। कोच एंटोनियो कोंटे (Antonio Conte) की टीम ने यूवेंटस के आगे 2-1 घुटने टेक दिए और यह बना फोकस और संकल्प का एक उदाहरण।

मौरिजियो सारी की ओर से पाउलो देबालाने गोल दाग कर अपने प्रशंसकों को बता दिया कि वह क्यों इस टीम का एक ख़ास हिस्सा हैं। मिलान भी कहां शांत रहने वाली थी और मौका देखते ही लौटारो मार्टिनेज़ (Lautaro Martinez) ने अपनी झोली ऐमन एक पेनल्टी डाली। गौरतलब है कि मैथजिस डी लाइट (Matthijs de Ligt) की ओर से त्रुटी होने पर इलान को यह राहत नसीब हुई। अपनी नव्जों को काबू में कर अपने अनुभव को झोंकते हुए लौटारो मार्टिनेज़ ने गोल दाग कर अपनी टीम की ज़बरदस्त वापसी करा दी और अब एक बार फिर यह मुकाबले न्यूट्रल हो गया था।

अब खेल में 10 मिनट बचे थे, सभी खिलाड़ी कहीं न कहीं गोल ढूंढ रहे थे और अर्जन्टीना के गोंजालो हिग्वियन (Gonzalo Higuain) ने एक मौका बन ही लिया और शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए एक गोल अपने नाम किया और यूवेंटस को एक जीत दिलाई।

रिवर्स फिक्सचर में ऐसा कोई ड्रामा नहीं हुआ और आरोन रैमसे (Aaron Ramsey) और पाउलो देबालाके एक-एक गोल ने यूवेंटस की नैया आसानी से पार लगा दी और अपने आगे की चुनौतियों की ओर वह देखने लगे।

रोमा 1-2 यूवेंटस

यूवेंटस के मैनेजर की मानें तो यह साइड खतरनाक है और अपने दिन पर किसी भी टीम को धराशाई कर सकती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं रोमा की और यही थी यूवेंटस की अगली चुनौती।पाउलो फोन्सेका (Paulo Fonseca) की टीम रोमा की बात की जाए तो उनका डिफ़ेंस बहुत ही मज़बूत था और किसी भी टीम को उनके गोल तक पहुंचना है तो वह राह आसान न थी।

एक टीम बड़ी टीम तब ही बनती है जब उससे प्रदर्शन की उम्मीद की जाने लगती है और यूवेंटस ने सालों साल अपने प्रशंकों की उम्मीदों को अपने सर आँखों पर रखा अहै अब मानों उन्हें ऐसे मुकाबलों को खेलने की आदत सी हो गई है। इस मुकाबले में भी शुरुआत में ही 2 गोल दाग कर यूवेंटस ने बता दिया कि कौन सी ज़्यादा बेहतर है। क्रिसमस ब्रेक पर जाने से पहले यूवेंटस ने एक अच्छी जीत हासिल की और अपने त्यौहार को जश्न के रूप में मनाया।

पाउलो देबालाकी फ्री किक के बाद क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी कहां पीछे रहने वाले थे और उन्होंने हमेशा की तरह अपनी जगह खुद बनाई और अपने स्कोर को 2-0 कर दिया।

यह घर नहीं गढ़ है: युवेंटस 2-2 अटलांटा

किसी भी चैंपियनशिप को जीतने का एक मंत्र होता है कि आप अपने घर को गढ़ बना लें और वो एक ऐसा किला होना चाहिए जो किसी भी रणनीति से आपका दुश्मन फतह न कर सके। उदाहरण के तौर पर लिवरपूल को प्रीमियर लीग में, रियल मैड्रिड को और बायर्न म्यूनिख को ला लिगा और बुंदेसलिगा में ठीक ऐसा ही करते हुए देखा गया है।

इटली में अलापा जीत का राग

ट्यूरिन में आलियांज़ स्टेडियम इस सीज़न में यूवेंटस के लिए किसी गढ़ से कम नहीं रहा। अपने घर में इस टीम ने 18 मुकाबले खेले हैं और 16 में उन्हें जीत हासिल हुई है और वहीं दो मुकाबले ड्रॉ रहे। इन सभी मुकाबलों कोई एक मुकाबला ऐसा था जिसमें देख कर लग रहा था कि कुछ भी हो सकता है तो वह था यूवेंटस बनाम अटलांटा।

अटलांटा ने शुरुआत भी अच्छी की और डुवन ज़ापाटा (Duvan Zapata) के गोल ने उन्हें बढ़त भी दिला दी। अब बस खेल को अपने तरीके से चलाने की ज़रूरत थी और यह टीम वही कर रही थी।

मुकाबले को आगे ले जाते हुए अटलांटा के रुस्लान मैलिनोवस्की (Ruslan Malinovskyi) ने भी एक और गोल दाग दिया और वह से उन्होंने अपनी टीम की जीत मानो पक्की ही कर दी।

अब जब लग रहा था कि यूवेंटस को इस सीज़न की पहली हार नसीब होने जा रही है तभी पुर्तगाली स्टार खिलाड़ी ने अपना जलवा दिखाते हुए नुकसान की भरपाई की और अपनी टीम को हार के मुंह से निकाल लिया।

ज़्यादातर लेफ्ट विंग से खेलने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने लगातार अपनी धार को बनाए रखा और अपने प्रतिद्वंदियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आख़िर इस खिलाड़ी को गोल मारने से रोकें तो रोकें कैसे।

पाउलो देबालाने अपने कौशल और बुद्धि से अच्छा खेल दिखाया और मौरिजियो सारी को एक प्लान बनाने के कुछ विकल्प भी दिए। इस खिलाड़ी ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ मिलकर फील्ड पर एक अच्छी साझेदारी बनाई जिससे उनकी टीम को बहुत फायदा मिला।।

यह 26 वर्षीय खिलाड़ी 33 बार फील्ड पर उतरे और उन्होंने शानदार 11 गोल अपने बस्ते में डाले और 7 में उन्होंने बेहतरीन असिस्ट भी किया। गेंद पर उनका कंट्रोल ही उनकी ताकत है इस वजह से वह गैप निकालने में सफल हो जाते हैं जिस वजह से उनकी टीम के अटैक को उनके रूप में एक ज़िम्मेदार खिलाड़ी मिल गया।

माना जाता है कि जिस टीम में जार्जियो चिएलिनी (Giorgio Chiellini) और लियोनार्डो बोनुची (Leonardo Bonucci) जैसे एक से बढ़कर एक हो तो ऐसे में उस टीम में एक डिफेंडर के लिए अपनी जगह बनाने बहुत मुश्किल हो जाती है। कहते हैं न कि असल खिलाड़ी वही है जो अपने रास न आने वाले मौसम में भी अपनी धार न छोड़े और मथाईस डी लिग्ट ने भी ठीक ऐसा ही किया और सभी के दिलों अपने कल की छाप छोड़ दी।

एजेक्स से यूवेंटस में लाए गए इस खिलाड़ी को नै टीम में सेटल होने में समय ज़रूर लगा लेकिन जब वह सेटल हो गए तो उन्होंने अपने प्रतिद्वंदियों को बहुत बार अन-सेटल भी किया। अपने कौशल भरे खेल को दिखाते हुए इस खिलाड़ी ने 4 गोल भी आने नाम किए जो कि उनकी टीम की सफलता में एक अहम भूमिका निभाता है।

हवा में खेल को चलाना इनकी खासियत है और खेल को पढ़ना इनका शौक़। ऐसे मिश्रण को तो सफलता मिलनी लाज़मी ही है। सबसे ख़ास बात तो यह है कि जब उनकी टीम में जार्जियो चिएलिनी और लियोनार्डो बोनुची जैसे खिलाड़ी हैं तो वह उनके अनुभव से अपनी बुनियाद मज़बूत कर सकते हैं और वह ठीक ऐसा कर भी रहे हैं और हर समय अपनी टीम के लिए अपने कौशल को दिखाने के लिए उत्सुक भी हैं।

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