ओलंपिक में डेब्यू करने जा रहे कराटे के बार में हर वह जानकारी जो आपको जानना चाहिए

कराटे की शुरुआत जापान में ही हुई थी और अब वह ओलंपिक डेब्यू भी उसी ज़मीन पर करेगा। इस खेल को काटा और कुमाइट इवेंट में बांटा गया है।

कराटे की शुरुआत जापान में ही हुई थी और अब वह ओलंपिक डेब्यू भी उसी ज़मीन पर करेगा। इस खेल को काटा और कुमाइट इवेंट में बांटा गया है।

टोक्यो 2020 में 5 नए खेल डेब्यू करने जा रहे हैं और उनमें से एक है कराटे। हालांकि कराटे को ओलंपिक गेम्स में लाने की बात 1970 से चल रही थी और आखिरकार इसे टोक्यो गेम्स में शामिल किया गया है।

ग़ौरतलब है कि कराटे को पेरिस 2024 ओलंपिक गेम्स में शामिल नहीं किया जाएगा। 2015 में टोक्यो 2020 आयोजन कमेटी ने इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी को कराटे को शामिल करने का प्रस्ताव दिया था और आईओसी (IOC) ने इसे 3 अगस्त 2016 में मान्यता दे दी थी।

कराटे को ओलंपिक गेम्स में शामिल करने का एक यह भी मकसद था कि वह ज़्यादा से ज़्यादा युवा लोगों को इस इवेंट से जोड़ पाएं। मार्शल आर्ट्स की बात करें तो जूडो और ताइक्वांडो के बाद कराटे इस वर्ग का तीसरा स्पोर्ट्स है जो ओलंपिक गेम्स में अपनी पहचान बनाने जा रहा।

जापान में जन्मा, जापानी गए जीत

कराटे जो कि खाली हाथों से खेला जाता है वह ओकिलावा में कई सालों पहले जन्मा था। वर्ल्ड कराटे फेडरेशन के प्रेसिडेंट एंटोनियो एस्पिनोस (Antonio Espinos) ने इसी विषय पर बात करते हुए कहा “अपने ओलंपिक के सफ़र को शुरू करने के लिए टोक्यो से बेहतर कोई और मौका हो ही नहीं सकता था।”

यह इवेंट जापान के निप्पॉन बुडोकन में आयोजित किया जाएगा। यह एक इनडोर वेन्यू है जिसे टोक्यो किटनोमारू पार्क में स्थापित किया गया है और इसे पहली बार 1964 टोक्यो गेम्स के लिए इस्तेमाल किया गया था। उस समय इस पार्क में जूडो इवेंट का आयोजन किया जाता था।

होम ऑफ़ जापानी मार्शल आर्ट्स के नाम से प्रसिद्ध निप्पॉन बुडोक ने पहली कराटे वर्ल्ड चैंपियनशिप 1970 में होस्ट की थी और अब इस वेन्यू पर जापान जूडो, केंडो जैसे कई खेल आयोजित करता रहता है।

कराटे की स्पर्धा और प्वाइंट्स सिस्टम

बाकी नए खेलों की तरह ही कराटे को भी अभी केवल एक संस्करण में उतारा जाएगा। टोक्यो 2020 में कराटे को दो भागों में बांटा गया है – जिसे मेंस और वुमेंस दोनों वर्गों में खेला जाएगा। इस बार के संस्करण में पूरे विश्व से 80 खिलाड़ियों को हिस्सा लेते हुए देखा जाएगा।

IOC ने कराटे के नियमों में भी बदलाव किए हैं और कुछ चुनिंदा भारवर्गों में ही स्पर्धा की जाएगी। टोक्यो 2020 में इस खेल के अंक बटोरने के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।

जेवियर एस्केलेंट (Javier Escalante), वर्ल्ड कराटे फेडरेशन के चेयरमैन ने कहा “जो भी हो रहा है उसे लोगों को समझाने की हम पूरी कोशिश करेंगे। यह लोगों को सिखाने का सबसे अच्छा तरीका है। स्कोर बोर्ड भी एनिमेटिड रहेगा ताकि वे समझ सकें कि हम कर क्या रहे हैं।”।

ओलंपिक गेम्स में कराटे को शामिल करने की बात 1970 से चल रही थी लेकिन  खेल को मंज़ूरी अब मिली।
ओलंपिक गेम्स में कराटे को शामिल करने की बात 1970 से चल रही थी लेकिन  खेल को मंज़ूरी अब मिली।ओलंपिक गेम्स में कराटे को शामिल करने की बात 1970 से चल रही थी लेकिन  खेल को मंज़ूरी अब मिली।

कुमाइट

जहां WKF 5 भारवर्गों में स्पर्धा करता है वहीं ओलंपिक में मेंस और वुमेंस में सिर्फ तीन भारवर्गों को रखा गया है। पुरुषों के लिए 67, 75 और 75+ भारवर्गों को चुना गया है और महिलाएं 55,61 और 61+ के भारवर्ग में अपने कौशल को दिखाती नज़र आएंगी।

हर कुमाइट 8x8 मीटर के दायरे में लड़ता दिखेगा और एक राउंड 3 मिनट का होगा। किसी भी कराटेका को अंक तभी मिलेंगे जब वह स्ट्राइक – किक या पंच अपने प्रतिद्वंदी के सिर, गर्दन, कमर या पीठ पर मारेगा।

काटा

काटा वर्ग में दोनों पुरुष और महिलाएं आक्रामक और रक्षात्मक मूव्स का प्रदर्शन करते हुए दखाई देंगे, जिन्हें ‘फॉर्म’ भी कहा जाता है। इसमें एक काटा इवेंट होगा और एक गोल्ड मेडल इवेंट।

कुल 102 काटा हैं जैसे कि हियान शोडान और निजुशीहो जिन्हें वर्ल्ड कराटे फेडरेशन ने ओलंपिक गेम्स में उतारने की अनुमति दी है।

वैसे पारंपरिक कराटे में अंक बटोरने के लिए फ्लैग सिस्टम होता है लेकिन ओलंपिक गेम्स में कराटेका का काटा प्रदर्शन तकनीकी गतिविधियों से मापा जाएगा।

काटा इवेंट में कुल 7 जज खिलाड़ियों का आंकलन करेंगे और इसमें प्वाइंट्स सिस्टम भी अलग तरीके से होगा। किसी भी कराटेका के दो सर्वश्रेष्ठ स्कोर और दो सबसे निचले स्कोर को फाइनल स्कोर के दौरान नहीं गिना जाएगा और उस समय उस खिलाड़ी की तकनीक और एथलेटिक प्रदर्शन को देखा जाएगा। शुरुआत के रैंकिंग राउंड के बाद खिलाड़ी या तो सीधा गोल्ड मेडल मुकाबले में जाएगा या तो ब्रॉन्ज़ मेडल मुकाबले में।

कराटे में क्वालिफ़ाई करने की प्रक्रिया

ओलंपिक क्वालिफिकेशन के तौर तरीकों की बात करें तो कुमाइट इवेंट के हर भारवर्ग में 10 खिलाड़ियों का चयन होगा और काटा में कुल 10 पुरुष और 10 महिलाएं ही हिस्सा ले सकती हैं।

वर्ल्ड चैंपियन स्टीवन डा कोस्टा (Steven Da Costa) ने कहा “प्रतियोगिता बहुत कठिन होने वाली है। हम सब बराबरी पर खड़े हैं और कुछ भी हो सकता है। मुझे यह भी नहीं पता कि इस बार कौन दावेदार होगा।

कराटेका टोक्यो 2020 में या तो रैंकिंग के बल पर क्वालिफाई हो सकते हैं या फिर क्वालिफिकेशन इवेंट के ज़रिए।

वर्ल्ड कराटे फेडरेशन रैंकिंग में 32 खिलाड़ियों का नाम शामिल है जिसमे 16 पुरुष और 16 महिलाएं हैं। बाकी के बचे 24 खिलाड़ियों (12 पुरुष, 12 महिलाएं) को क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी जगह बनानी होगी।

कोई भी देश 4 पुरुष और 4 महिला खिलाड़ी से ज़्यादा नहीं उतार सकता। साथ ही कोई भी देश केवल 1 एथलीट ही स्पर्धा के लिए भेज सकता है।

जापान, ओलंपिक गेम्स को आयोजित करने वाले देश के पास कराटे में कुल 8 कोटा स्थान हैं (4 पुरुष, 4 महिला)। कोरोना वायरस (COVID-19) के रहते अभी क्वालिफिकेशन की तारीखों का खुलासा नहीं किया गया है।

यूथ ओलंपिक में कराटे का कमाल

जहां कराटे समर ओलंपिक गेम्स में अपना डेब्यू करने जा रहा है वहीं यह खेल यूथ ओलंपिक का हिस्सा पहले बन चुका है। आपको बता दें कि ऐसा ब्यूनस आयर्स में हुए 2018 यूथ ओलंपिक गेम्स के दौरान हुआ था।

उस संस्करण में भी जापान ने अपना कौशल खुल कर दिखाया और कुल 4 पदक हासिल किए। इन 4 मेडल में 1 गोल्ड और 3 तीन सिल्वर मेडल शामिल हैं। वहीं ईरान 1 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज़ मेडल जीत कर दूसरे नंबर पर रहा था।

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