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मंदीप सिंह FIH प्रो लीग को लेकर हैं उत्साहित

ओलंपिक गेम्स में भाग ले रही टीमों के खिलाफ प्रो लीग में खेलना एक सुनेहरा मौका है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

साल 2020 ओलंपिक गेम्स का साल है और हर खिलाड़ी, हर टीम इसमें हिस्सा लेने के लिए उत्साहित हैं। बात करें अगर भारतीय पुरुष हॉकी टीम की तो वह 18 जनवरी से FIH प्रो लीग में खेलती नज़र आएगी। 

इस प्रतियोगिता में भारत पहली बार हिस्सा लेगा और उनके सामने नीदरलैंड चुनौती रखेगा। पिछले यानि पहले संस्करण में नीदरलैंड ने ग्रेट ब्रिटेन को शिकस्त दे ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। 

टोक्यो 2020 पर नज़र

प्रो लीग का महत्व इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि इसमें वह टीमें भी खेलती नज़र आएंगी जो इस साल जापान में होने वाले ओलंपिक गेम्स का हिस्सा होंगी। भारतीय स्ट्राइकर मंदीप सिंह के लिए यह एक उत्साह की बात है।

ओलंपिक चैनल से बात करते हुए मंदीप सिंह ने बताया कि “ओलंपिक गेम्स से पहले बेहतरीन टीमों के खिलाफ खेलना एक अच्छा मौका है। यही टीमें टोक्यो 2020 में भी प्रतिस्पर्धा करती हुई नज़र आएंगी और प्रो लीग की वजह से टीमों के खेल का आभास लगाया जा सकता है। हमारा लक्ष्य दूसरी टीमों के उद्देश्यों पर ध्यान रखना भी होगा।”  

पिछले साल भारतीय मेंस हॉकी टीम का मुकाबला ज़रा हलकी टीमों से हुआ था। प्रो लीग की बदौलत भारतीय मेंस हॉकी टीम को बेहतर टीमों के साथ खेलने का मौका मिलेगा। कोच ग्राहम रीडकी अगुवाई में इस टीम के पास अपने प्रतिद्वंदियों की तकनीकों को भांपने के परस्पर अवसर मिलेंगे। 

मंदीप सिंह की मेहनत

तकनीकों पर काम कर इस हॉकी टीम ने अपने खेल को काफी सुधारा है और स्ट्राइकर मंदीप सिंह ने तो फील्ड पर मानों एक अलग खेल दिखा कर सभी का मन मोह लिया है। पिछले सीज़न मंदीप भारतीय टीम के लिए सबसे ज़्यादा गोल दागने वाले खिलाड़ी बने।

मंदीप से अगर उनकी बेहतरी के राज़ पूछे जाएँ तो वे अपने साथियों को साभार देते हैं। उन्होंने आगे कहा “अगर मैं गोल दागने में सफल होता हूं तो इसका श्रेय मेरे साथियों को जाता है और उनके असिस्ट करने की क्षमता को भी।” 

उन्होंने आगे कहा “ज़्यादा समय बिताने की वजह से सीनियर खिलाड़िय (सुनील, रमनदीप सिंह और आकाशदीप सिंह) के साथ मेरा ताल-मेल अच्छा हो गया है। हम फील्ड के बाहर बहुत ज़्यादा बात करते हैं ताकि अपनी कमियों को टटोल कर उन पर काम किया जा सके। इन सब वजहों से मैं  एक बेहतर स्ट्राइकर बना हूं।”

चाहे यह गोल दागने की भूख हो या फिर जीत की ललक, जब तक मंदीप ऐसा खेलते रहेंगे तब तक भारतीय मेंस हॉकी टीम की बेहतरी होती रहेगी।