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मंदार राव देसाई: ISL में 100 मुकाबले खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने ! यह सफ़र रहा ‘ख़ास’

6 साल और 1 महीने पहले डेब्यू करने वाले मंदार राव देसाई ISL में मैचों का शतक लगाने वाले पहले फ़ुटबॉलर बन गए हैं।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

इंडियन सुपर लीग (Indian Super League – ISL) में जब मुंबई सिटी एफसी (Mumbai City FC) के मंदार राव देसाई (Mandar Rao Dessai) ईस्ट बंगाल (East Bengal) के खिलाफ मुकाबले में उतरे तो यह मुकाबला इतिहास के पन्नों में अमर हो गया।

28 वर्षीय देसाई पहले खिलाड़ी बनें जिन्होंने ISL के 100 मुकाबलों में शिरकत की है।ओलंपिक चैनल से बात करते हुए उन्होंने इस अनुभव के बारे में कहा “हर खिलाड़ी खेलना चाहता है और लगातार खेलता रहना चाहता है। ISL में 100 मुकाबले खेलने वाले पहले खिलाड़ी बनने का एहसास बहुत ख़ास है।”

“पहले सीज़न से ही मैं ISL जैसी बड़ी लीग में खेलने के लिए ख़ुद को ख़ुशक़िस्मत मानता हूं। और यही एहसास मुझे 100 मुकाबलों तक ले गया।"

गोवा में जन्में इस भारतीय फुटबॉलर के लिए अभी तक इस लीग का सफ़र मानों सपने से कम नहीं रहा है। मंदार ने ISL में एफसी गोवा के लिए डेब्यू किया और कोच जीको (Zico) के साथ अपने प्रदर्शन को बढ़ाते चले गए।

"ज़ीको की अगुवाई में मुझे कुछ मुकाबलों तक प्लेयिंग XI में जगह नहीं मिली। हालांकि उसके बाद वह मेरे पास आए और कहा कि मैं अभ्यास में अच्छा कर रहा हूं और वह मुझे खेलने का मौका भी देंगे। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि मुझ पर कोई दबाव न हो और मैं खेल का आनंद ले सकूं।"

मंदार राव देसाई ने ISL डेब्यू 1 नवंबर, 2014 में दिल्ली डायनामोज के खिलाफ किया था। इस खिलाड़ी ने जल्द ही सभी के नज़रों को अपनी ओर कर लिया और जीको के भी पसंदीदा खिलाड़ी बन गए। इतना ही नहीं बल्कि इस फुटबॉलर ने ISL 2015 में भी बहुत अहम भूमिका निभाई थीएफसी गोवा में बदलाव के कारण मंदार को हेड कोच सर्जियो लोबेरा (Sergio Lobera) के साथ ट्रेनिंग करने का मौका भी मिला।

आगे चल कर मंदार ने 2017-18 ISL में हर एक मुकाबला खेला। ग़ौरतलब है कि सर्जियो लोबेरा का वह भारत में डेब्यू सीज़न था।

जोर्डी अल्बा ने किया प्रेरित

इस संस्करण के बाद मानों मंदार के करियर ने बहुत तेज़ उड़ान भरी और वह हमेशा के लिए भारतीय फुटबॉल का एक अहम हिस्सा बन गए। एफसी गोवा के कप्तान का पद तो उन्हें दिया ही गया और साथ ही लोबेरा ने उन्हें विंगर से लेफ्ट बैक पर खेलने का निमंत्रण भी दिया।

इन दोनों घटनाओं ने मंदार के जीवन पर काफी खूबसूरत प्रभाव डाला। देसाई ने बातचीत को बढ़ाते हुए कहा “सर्जियो लोबेरा ने मुझे जोर्डी अल्बा (Jordi Alba) का उदाहरण दिया जिन्होंने भी इस बदलाव को देखा था। उन्होंने मुझे स्पेन में कुछ फ़्रेंडली मुकाबलों में परखा और फिर हम वहां से आगे बढ़ते चले गए।

स्पेनिश नेशनल टीम ने लोबेरा ने अल्बा को भी कोचिंग से कई गुर सिखाएं हैं और वह उनके लिए लाभदायी भी रहे हैं। बार्सिलोना की ओर से खेलते हुए भी इस जोड़ी ने अच्छा प्रदर्शनं दिखाया था।

“उन्हें लगता था कि मैं लेफ्ट बैक पर खेल सकता हूं। जितना यक़ीन मुझे ख़ुद पर था उससे कहीं ज़्यादा भरोसा वह मुझ पर करते थे की मैं कार्य कर सकता हूं। मुझे लगता है मैंने अच्छा काम किया। अब मैं नेशनल टीम के लिए लेफ़्ट बैक पोज़ीशन पर खेलता हूं।”

एफसी गोवा (FC Goa) के लिए शानदार खेल दिखाने के बाद मंदार ने भारतीय फुटबॉल टीम में भी अपने जलवे को कायम रखा। शानदार 2018-19 ISL सीज़न के बाद मंदार के पास लेफ्ट बैक जैसी एक नई पोज़ीशन थी और फाइनल में एफसी गोवा की कप्तानी करने का मौका भी था।

मंदार राव देसाई ने भारतीय फुटबॉल टीम के लिए डेब्यू कोच इगोर स्टिमैक (Igor Stimac) के अंदर रह कर किया। उस समय समय इस खिलाड़ी ने किंग्स कप 2019 में हिस्सा लिया था और तब से अब तक वह इस साइड में बने हुए हैं।

मंदार ने ISL में एफसी गोवा के लिए 6 संस्करणों में भगा लिया है और उसके बाद वह मुंबई सिटी एफसी का हिस्सा बन गए।

अपनी घरेलु टीम को अलविदा कहने के बाद मंदार राव देसाई ने ‘गौर्स’ को टेबल पर सबसे अधिक अंक दिलवाए और  ISL 2019-20 संस्करण में पहली ISL शील्ड भी दिलवाई। ऐसे में एफसी गोवा पहला ऐसा भारतीय फुटबॉल क्लब बना जिसने एएफसी चैंपियंस लीग (AFC Champions League) के लिए क्वालिफाई किया हो।