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गार्सिया बंधु: आई-लीग 2021 नेरोका एफसी में दो भाइयों की मजबूत जोड़ी

आई-लीग 2021 में नाथानील और जुदाह गार्सिया शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अब नेरोका एफसी को इस साल खिताब जीतना है तो इन दोनों से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद करनी होगी।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

सालों से आइकॉनिक मोहम्मद हबीब (Mohammed Habib) और अकबर (Akbar) की जोड़ी से लेकर एटीके मोहन बागान के माइकल सोजाईराज (Michael Soosairaj) और माइकल रेगिन (Michael Regin) तक, भारतीय फुटबॉल में कई भाइयों की जोड़ी ने अपना मुकाम बनाया है।

महान ओलंपियन पीके बनर्जी (PK Banerjee) और उनके छोटे भाई प्रसून (Prasun), हालांकि वे एक ही युग में नहीं खेले, साथ ही 2000 दशक में कोवन (Covan Lawrence) और क्लाइमेक्स लॉरेंस (Climax Lawrence) कई अन्य प्रमुख उदाहरण हैं।

हालांकि, जब भारत में खेलने वाले विदेशी फुटबॉलरों की बात आती है, तो भाइयों के एक साथ खेलने के उदाहरण लगभग कम ही होते हैं।

हाल ही में देखें तो ग्रेगरी नेल्सन (Gregory Nelson) और गियानी ज़ुइवर्लून (Gianni Zuiverloon) का नाम दिमाग में आता है। ये दोनों ही डच चचेरे भाई

इंडियन सुपर लीग (Indian Super League) में कई टीमों की तरफ से खेले हैं। आई-लीग 2021 में हालांकि इस बार कुछ अलग देखने को मिला। इस सीजन में नेरोका एफसी (NEROCA FC) की तरफ से

नाथानील गार्सिया(Nathaniel Garcia) और जुदाह गार्सिया (Judah Garcia) की सगे भाईयों की जोड़ी ना केवल टूर्नामेंट में बल्कि एक ही टीम की तरफ से खेल रही है।

जो फैंस इस लीग पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, उन्हें त्रिनिदाद और टोबैगो के नाथानील के बारे में पता ही होगा, जिन्होंने गोकुलम केरल (Gokulam Kerala) के लिए पिछले सत्र में खेला था।

इस बार 27 साल के ये खिलाड़ी मणिफुर क्लब नेरोका एफसी से जुड़े और अपने साथ अपने छोटे भाई जुदाह को भी साथ ले आए।

20 साल के जुदाह ने आई-लीग वेबसाइट को बताया कि “नाथानील ने मुझे कहा कि यहां पर खेलने का मौका है तो मैं उनके साथ खेलने को लेकर उत्साहित हो गया, हम हमेशा से दूसरे देश में खेलना चाहता था।” 

दोनों ही भाइयों की जोड़ी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की तरफ से इंटरनेशनल मैचों में हिस्सा लिया है। नााथालीन को क्लब फुटबॉल खेलने का पहले से अनुभव है तो जुदाह पहली बार अपने देश के बाहर खेल रहे हैं।

जुदाह जैसे युवा खिलाड़ी के लिए यह बड़ा मौका है। कोरोना वायरस (COVID-19) की इस स्थिति में परिस्थिति किसी के लिए आसान नहीं था। लेकिन इस कठिन परिस्थिति में उनके भाई ने उन्हें प्रेरित किया, जो उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है।

नाथानील और जुदाह गार्सिया दोनों ने त्रिनिदाद और टोबैगो राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए खेला है। फोटो: एआईएफएफ

जुदाह ने कहा कि "यह एक कठिन प्रस्ताव है। न केवल आपको अपने परिवार से इतने महीनों तक दूर रहना होगा, बल्कि आपको प्रशिक्षण या मैचों के अलावा होटल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। लेकिन मेरे रूममेट के रूप में मेरे भाई ने वास्तव में मदद की है।"

सुपर गार्सिया भाई

आई-लीग के लिए कोलकाता जाने से पहले गार्सिया बंधुओं का भारत में पहला पड़ाव नेरोका टीम के साथ प्री-सीज़न ट्रेनिंग के लिए इम्फाल था।

बड़े भाई नाथानील ने कहा कि “उन्हें अपने नए साथियों को समझाने में थोड़ा समय लगा कि वे वास्तव में भाई हैं। कुछ लोगों ने सोचा कि हमारा सिर्फ सरनेम ही एक जैसा है। कुछ ने पूछा कि क्या हम चचेरे भाई हैं। लेकिन हमने उनकी सारी शंकाओं को दूर कर दिया। हमने कहा कि हां, हम एक ही माता-पिता के बच्चे हैं।"

जुदाह गार्सिया अपने आई-लीग की डेब्यू मैच के दौरान। फोटो: एआईएफएफ

हमारे परिवार के बीच तालमेल के बीच कोई संदेह नहीं था। जब ये दोनों भाई आई-लीग 2021 में नेरोका की तरफ से पहली बार इंडियन एरोज़ (Indian Arrows) के खिलाफ मैदान में उतरे तो सभी इनके तालमेल से प्रभावित दिखे।

इन दोनों खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत इनकी टीम ने 4-0 से जीत दर्ज की। इस मैच में जुदाह ने अपनी आक्रामकता से सभी का दिल जीत तो नाथानील ने टीम की तरफ से दो गोल करने में मदद की।

जुदाह ने कहा “हम दोनों लंबे समय से एक साथ खेल रहे हैं, हम एक क्लब और एक ही नेशनल टीम का हिस्सा है। मैं स्ट्राइकर की भूमिका में खेलता हूं तो मेरा भाई एक अटैकिंग मिडफील्डर है। हम दोनों के बीच अच्छा तालमेल है। मुझे उम्मीद है कि हम इसका फायदा उठाते हुए इस सीजन ज्यादा से ज्यादा गोल करेंगे।” 

गार्सिया परिवार में ही फुटबॉल को लेकर दिवानगी है। दक्षिणी त्रिनिदाद में सांता फ़्लोरा समुदाय के कार्ल और जुडिथ गार्सिया से जन्मे, फुटबॉल हमेशा गार्सिया घराने का एक बड़ा हिस्सा रहा है।

चार भाइयों और दो बहनों में से, डैनियल  (सबसे बड़े)  ने क्रिकेट और फुटबॉल दोनों खेला और अपने सभी भाई-बहनों को खेलकूद के लिए प्रेरित किया।

जबकि नाथानील और जुदाह ने पहले से ही फुटबॉलर के रूप में काफी नाम कमाया है तो 23 वर्षीय लेवी गार्सिया भी इसमें बहुत सफल रहें हैं।

लेवी 2015 से 2018 तक डच क्लब अज़ अलकमार का हिस्सा थे और दिग्गज मार्को वैन बास्टेन से उन्होंने काफी तारीफ हासिल की थी, जो उस समय क्लब के सहायक प्रबंधक थे।

फिलहाल वह ग्रीक क्लब AEK एथेंस की तरफ से खेल रहे हैं और वह यहां तक ​​कि यूरोपा लीग में भी हिस्सा ले चुके हैं। दोनों गार्सिया बहनें भी फुटबॉल की बड़ी फैन है।