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जब पेले ने कोलकाता को बनाय अपना दीवाना

न्यूयॉर्क कॉसमॉस के लिए खेलते हुए ब्राज़ीलियन दिग्गज पेले ने भारत में आकर मोहन बागान के खिलाफ मुकाबला खेलते हुए सभी प्रशंसकों का मन मोह लिया था।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

फुटबॉल के सबसे बड़े और दिग्गज खिलाड़ियों में से एक एडसन अरांटेस डो नेकसीमेंटो (Edson Arantes do Nascimento) या यूं कहें पेले (Pele) शुक्रवार को 80 साल के हो गए हैं।

इस ब्राज़ीलियन ‘ब्लैक पर्ल’ ने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ साओ पौलो में इस दिन का जश्न मनाया। लेकिन इस महान खिलाड़ी के प्रशंसक भी कहां पीछे रहने वाले थे और उन्होंने अपने चहेते फुटबॉलर को खूब बधाइयां दीं।

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी के अध्यक्ष थॉमस बाक (Thomas Bach) ने सोशल मीडिया पर कहा “मैं आशा करता हूं कि आज के दिन का जश्न मनाने और खुद जश्न होने के आपको बहुत मौके मिलें।”

“दुर्भाग्यवश आप कभी भी ओलंपिक खेलों का हिस्सा नहीं बन पाए, लेकिन फिर भी आप एक ओलंपिक एथलीट हैं, क्योंकि आपने हमेशा ही ओलंपिक के मूल्यों का पालन किया है।”

इन मूल्यों का आभास उस वक्त और भी अधिक हुआ था, जब पेले ने 1977 में भारत का दौरा किया था।

न्यूयॉर्क कॉसमॉस (New York Cosmos) की ओर से खेलते हुए पेले का मुकाबला कोलकाता में मोहन बागान (Mohun Bagan) के खिलाफ था।

इस खिलाड़ी ने सेलेकाओ को अपनी अगुवाई में तीन विश्व कप जीतने में मदद की। जब प्रोफेशनल फुटबॉल का उनका आख़िरी साल चल रहा था तब वह भारत आए थे और उन्होंने इस खेल का खूब आनंद लिया था। ऐसे में कोलकाता के लोगों ने इस खिलाड़ी की एक झलक पाने के लिए वह सब किया था, जो वह कर सकते थे।

नोवी कपाड़िया (Novy Kapadia) ने इस विषय पर बात करते हुए कहा, “दम दम एयरपोर्ट के बाहर लाखों की तादाद में लोग इस ब्राज़ीलियन दिग्गज की एक झलक पाने के लिए बेताब थे। इतना ही नहीं सेन्ट्रल कोलकाता में इनके होटल के बाहर भी भीड़ इकठ्ठा हो गई थी, ताकि वह उस एक इंसान को देख सकें, जिसने अपने मुल्क को तीन वर्ल्ड कप जीतने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।”

फुटबॉल के दिग्गज पेले अपनी टीम न्यूयॉर्क कॉसमॉस की ओर से भारत आ कर मोहन बागान के खिलाफ एक फ्रेंडली मुकाबला खेले थे। तस्वीर साभार: मोहन बागान/ट्विटर  

यह कोई आश्चर्य का पल नहीं था कि पेले के साथ कार्लोस अल्बर्टो (Carlos Alberto) और जियोर्जियो चिनग्लिया (Giorgio Chinaglia) को देखने लगभग 80,000 प्रशंसक ईडन गार्डन पहुंचे थे।

बारिश की वजह से पिच का हाल बहुत खराब हो गया था लेकिन पेले ने यह सुनिश्चित किया कि वह प्रशंसकों को कुछ ऐसे पल ज़रूर देंगे जो उन्हें हमेशा याद रहेंगे। मोहन बागान के खिलाफ पेले ने अपने शानदार फुटवर्क से सभी का दिल जीता और दर्शकों के लिए पैसा वसूल प्रदर्शन किया। ग़ौरतलब है कि उस समय मोहन बागन के कोच पीके बनर्जी (PK Banerjee) हुआ करते थे।

अपनी टीम में सुभास भोमिक (Subhas Bhowmick), श्याम थापा (Shyam Thapa) और सुरजीत सेनगुप्ता (Surajit Sengupta) जैसे होनहार खिलाड़ियों को भरकर मोहन बागान ने 18वें और 33वें मिनट में बढ़त हासिल की। लेकिन मेहमान टीम ने उम्दा खेल दिखाते हुए गोल दागे और मुकाबले को 2-2 से बराबर रखा।

मुकाबले में मोहन बागान के मोहम्मद हबीब (Mohammed Habib) ने शानदार प्रदर्शन दिखाया और इसके बाद पेले ने खुद उन्हें मुबारक बाद थी।

2015 में ब्राज़ीलियन स्टार ने एक बार फिर भारतीय सरज़मीं पर कदम रखे और इस बार वह सुब्रतो कप के चीफ गेस्ट बनकर आए थे।

आख़िरी बार पेले भारत में साल 2018  में आए थे और इस बार उन्होंने भारत के अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के लीडरशिप समिट में हिस्सा लिया था। इतना ही नहीं पेले की मुलाकात भारत के सबसे बड़े फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया (Bhaichung Bhutia) से भी हुई थी।