अपने पिता को याद कर भावुक हुए प्रजनेश गुणेश्वरन, खोले दिल के कई राज़

बीते सीज़न में अपने पिता एसजी प्रभाकरन को खोने के बाद भारतीय टेनिस के शीर्ष खिलाड़ी प्रजनेश गुणेश्वरन ने अपने विचार साझा किए।

भारत के शीर्ष क्रम के टेनिस खिलाड़ी प्रजनेश गुणेश्वरन के लिए 2019 सीज़न कुछ ऐसा रहा है जिसे वह आसानी से नहीं भूल पाएंगे। 30-वर्षीय प्रजनेश के लिए यह उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण और उपलब्धियों वाला वर्ष रहा। इस भारतीय ने 12 महीने पहले ग्रैंड स्लैम में अपना डेब्यू किया और भारतीय दल की ओर से अपने पहले मास्टर्स 1000 इवेंट के तीसरे दौर में पहुंचे। इसके साथ ही चैलेंजर सर्किट में कुछ शानदार जीत हासिल करते हुए वह एटीपी चार्ट की शीर्ष 100 खिलाड़ियों की सूची में शामिल होने में कामयाब रहे।

लेकिन पहली छमाही में उनकी आगे बढ़ने की ‘रफ्तार’ ने दूसरी छमाही के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं, क्योंकि कलाई की चोट ने उनके उपलब्धियों भरे सीज़न को पटरी से उतार दिया। जब प्रजनेश गुणेश्वरन चोट का सामना कर रहे थे तो इसी दौरान वह सीज़न की अंतिम प्रतियोगिता (पुणे में एटीपी चैलेंजर) में वापसी की योजना भी बना रहे थे। चेन्नई के इस खिलाड़ी को इसी दौरान एक और बड़ा झटका लगा। लंबे समय से बीमार चल रहे उनके पिता का निधन हो गया।

प्रजनेश के लिए यह एक बड़ी हानि थी, जिससे उबरने में उन्हें काफी लंबा समय लगेगा। अपने पिता को खो देना किसी के लिए भी बहुत गहरा झटका होता है। प्रजनेश के मामले में यह और भी बुरा इसलिए था क्योंकि उनके पिता एसजी प्रभाकरण उनके सबसे बड़े समर्थक भी थे। उन्होंने प्रजनेश को उच्चतम स्तर पर टेनिस खेलने का सपना दिखाया और उसको पूरा करने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे।

उनके पिता की तबीयत बिगड़ने से पहले पिता-पुत्र की यह जोड़ी अक्सर मुक़ाबलों के दौरान देखने को मिल जाती थी। इसके अलावा, यह प्रभाकरण ही थे जिन्होंने प्रजनेश गुणेश्वरन को घुटने में चोट लगने के बाद उनकी टेनिस में वापसी की उम्मीद को जगाए रखा और पांच साल बाद उनकी कोर्ट में दोबारा वापसी कराई। ये उनके पिता के विश्वास का ही नतीज़ा है कि इस भारतीय ने टेनिस सर्किट में शानदार वापसी की और एक वर्ष में ही शीर्ष 100 खिलाड़ियों की सूची में शामिल होने में सफल रहे।

प्रजनेश गुणेश्वरन ने अपने पिता को किया याद

ओलंपिक चैनल से बात करने के दौरान अपने पिता को याद करते हुए प्रजनेश गुणेश्वरन ने कहा, “वह मेरा स्तंभ थे। मुझे लगता है कि उनके जाने की कमी को भुला पाने में एक लम्बा समय लगेगा। मुझे उम्मीद है कि मैं उन्हें गर्व महसूस कराऊंगा और उनके सपने को पूरा करने के लिए पूरा प्रयास करुंगा। वह यही चाहते थे, जो मैं करना चाहता हूं।”

इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि प्रजनेश गुणेश्वरन ने इस तरह के कठिन समय के दौरान आराम और शोक मनाने की जगह अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए टेनिस को चुना। यह बेटा अपने पिता का सिर ऊंचा करने के लिए दृढ़ है, लेकिन उनके अब तक का सफर आसान नहीं रहा है। गुणेश्वरन अपने पिता की कही हुई कुछ बातों को याद करते हुए कहते हैं, “उनकी बहुत सी बाते हैं, जो मेरे दिमाग में हमेशा घूमती रहती हैं। मैं जो भी मैच खेलता था, उसके बाद मैं उन्हें बुलाता था। वह बहुत सारी बातें करता था।”

भारत के प्रजनेश गुन्नेश्वरन अपने शानदार प्रदर्शन से अपने पिता का सिर ऊंचा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। तस्वीर साभार: TOM मीडिया
भारत के प्रजनेश गुन्नेश्वरन अपने शानदार प्रदर्शन से अपने पिता का सिर ऊंचा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। तस्वीर साभार: TOM मीडियाभारत के प्रजनेश गुन्नेश्वरन अपने शानदार प्रदर्शन से अपने पिता का सिर ऊंचा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। तस्वीर साभार: TOM मीडिया

बीते कुछ महीनों में आई मुश्किलें गुणेश्वरन को आगे बढ़ने से रोकने में नाकामयाब रहीं। उन्होंने कहा, "यह निर्णय कुछ ऐसा है, जिसे मैंने करने के लिए चुना है और यह कुछ ऐसा भी है जिसे मुझे करना जारी रखना है। जीवन बड़ा ही अजीब है। आपके करीबी लोग और चीज़ें कब आपसे दूर हो जाएं इसका कोई भरोसा नहीं है। मुझे उम्मीद है कि समय के साथ सबकुछ ठीक हो जाएगा।”

हर मोड़ पर पत्नी ने दिया साथ

अब उनके प्रयासों को सफल बनाने में उनकी मदद उनकी पत्नी सुदर्शना पई कर रही हैं। पिछले साल नवंबर में दोनों को कठिन परिस्थिति से गुजरना पड़ा। प्रजनेश मानते हैं कि उनकी पत्नी ने उन्हें बेहतर तरीके से इस 'उतार-चढ़ाव' से निपटने में मदद की है। वह कहते हैं, “मेरी पत्नी ने मुझे इस उतार-चढ़ाव वाले समय में बहुत मदद की। इसके अलावा, लंबी दूरी का रिश्ता (संबंध) वैसे भी बहुत आसान नहीं होता है। लेकिन मेरी पत्नी मेरा सहारा बनी और उसने मेरा हर कदम पर साथ दिया।”

गुणेश्वरन आगे कहते हैं, “मुझे उसे कंपनी देने के लिए हमेशा फोन पर नहीं रहना पड़ता है। जब आपका साथी कोई ऐसा हो तो घर से बाहर या देश से बाहर अधिक समय बिताना आसान हो जाता है”। उनके पिता हमेशा यह सपना देखते थे कि उनका बेटा उच्चतम स्तर पर खेले। गुणेश्वरन इस सपने को पूरा करने के लिए सभी उतार-चढ़ाव और मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए 2020 सीज़न में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद रखते हैं।

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