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चोट ने साल 2019 को बनाया प्रजनेश गुणेश्वरन की चिंता का सबब 

प्रजनेश गुणेश्वरन ने खुद को टॉप 100 में शामिल किया और चारों ग्रैंड स्लैम का सफ़र तय किया 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

प्रजनेश गुणेश्वरन, भारतीय स्टार जिन्होंने अपने जीवन में भारत को खेल में बड़ी उपलब्धियों से वाकिफ कराया है। साल 2019, गुणेश्वरन के लिए मिला जुला रहा। कहीं चोट लगने के कारण प्रदर्शन पर असर पड़ा तो उन्होंने अपनी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की। पहली बार इस खिलाड़ी ने टॉप 100 में जगह बनाई और खुद को 75 वें स्थान पर काबिज़ किया। बड़ी बात तो यह रही कि उन्होंने चारों ग्रैंड स्लैम में हिस्सा लिया और भारत का प्रतिनिधित्व किया।

हालांकि इन प्रतियोगिताओं में उन्हें पहले ही राउंड में हार का सामना कर बाहर होना पड़ा और इस कारणवष उनकी रैंकिंग में भी गिरावट दिखी। कई बार चोट ने झटका दिया तो कई बार उस चोट से टकराती हुई फॉर्म ने।

ओलंपिक चैनल से बात करते हुए गुणेश्वरन ने कहा “साल 2019 मेरे लिए मिला जुला रहा। मैंने हर मुख्य ड्रॉ में हिस्सा लिया लेकिन जीत न सका। कठिन प्रतिद्वंदियों ने यह सफ़र हर कदम मुश्किल रखा। नाज़ुक समय पर चोट लगने के कारण मैं अच्छा न खेल सका और मुझे इस बात का अफ़सोस भी है।”

खिलाड़ी के जीवन में उतार चढ़ाव का सिलसिला तो बना रहता है, लेकिन असल खिलाड़ी वही है जो गिरने के बाद उठकर खड़ा हो। इस दौरान गुणेश्वरन के करियर में गिरावट आई तो उन्होंने कुछ सुनहरे पलों को भी देखा, जैसे कि टॉप 100 में शुमार होना।

उन्होंने आगे कहा “क्ले सीज़न के दौरान सब कुछ मेरे हक में नहीं था। कुछ हफ़्तों पहले ही मुझे कंधे में चोट लगी थी। इस वजह से मैंने ज़्यादा अभ्यास भी नहीं किया और परिणाम मेरे खिलाफ रहे।

स्टटगार्ट ओपन में चोट लगने के कारण गुणेश्वरन को प्रतियोगिता को बीच में छोड़ना पड़ा। विंबलडन तक का सफ़र तो तय किया लेकिन शुरुआती दौर में ही मिलोस राओनिच से मात मिली।

चोट ने रोकी राह

वापसी करने की इच्छा रखने वाले इस भारतीय टेनिस स्टार के सफ़र में फिर रुकावट आई। उन्होंने आगे कहा “यूएस ओपन में डेनिल मेदवेदेव, जैसे खिलाड़ी के सामने मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना था लेकिन एंकल में चोट लगने के कारण मैं खुद को ढंग से कोर्ट पर हिला नहीं पा रहा था।” इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलियन ओपन में कलाई में लगी चोट के कारण भी प्रदर्शन पर असर पड़ा। इस वजह से उनके के फोरहैंड शॉट्स में दिक्कत आई और सीधा असर परिणाम की तरफ गया।

गुणेश्वरन ने आगे कहा “मैंने बहुत मेहनत कर खुद को तैयार करने की कोशिश की ताकि मंच पर खरा उतर सकूं। चोट के कारण दर्द में भी मैं खेलता रहा ताकि रैंकिंग को किसी भी तरह बचा सकूं। इस प्रक्रिया के दौरान मेरे शरीर ने अलग-अलग इंजरी को पालना शुरू कर दिया।''

प्रजनेश गुणेश्वरन ने जर्मनी में चिकित्सा कराने के साथ साथ चेन्नई में अपने कोच की निगरानी में भी रहे ताकि रिकवरी जल्द हो सके। उन्होंने आगे बताया “मेरा कंधा अभी भी 100 प्रतिशत ठीक नहीं है लेकिन कलाई लगभग ठीक हो गई है। मैं अब काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं।''

गुणेश्वरन की नज़र अब टाटा ओपन महराष्ट्र पर होगी, जहां वे अच्छा प्रदर्शन कर दोबारा अपने फ़िट होने का प्रमाण पेश कर सके। यह सफ़र भी आसान नहीं होगा क्योंकि इस भारतीय टेनिस खिलाड़ी कबेनोइट पेरे और फिलिप कोह्ल्श्राइबर जैसे दिग्गजों के ख़िलाफ़ खेलना होगा। इस प्रतियोगिता में 3 भारतीय खिलाड़ी इस प्रकार हैं: प्रजनेश गुणेश्वरन, सुमित नागल और रामकुमार रामनाथन।