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देश के लिए खेलने को लेकर उत्साहित हो उठते हैं रोहन बोपन्ना, टोक्यो ओलंपिक पर बनाए हैं नज़र

टोक्यो 2020 पर नज़रें गड़ाए रखने के साथ ही भारतीय टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ओलंपिक सफलता के लिए अपनी राह को आसान करने में व्यस्त हैं।

लेखक रितेश जायसवाल ·

रोहन बोपन्ना के लिए शायद ही कोई चीज़ ऐसी हो जो उन्हें भारत के लिए ओलंपिक में हिस्सा लेने से अधिक उत्साहित करती हो। चाहे डेविस कप (Davis Cup) हो या एशियाई खेल या ओलंपिक (Olympic), 39-वर्षीय भारतीय टेनिस स्टार ने साल 2003 के बाद से समय-समय पर भारत का झंडा ऊंचा करके अपनी योग्यता को साबित किया है। जैसे-जैसे 2020 ओलंपिक करीब आ रहा है, रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) की उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

ओलंपिक चैनल से हुई एक विशिष्ट बातचीत में गर्व की भावना से बोपन्ना ने कहा, "यह एक और रोमांचक सीज़न (ओलंपिक भी शामिल) है। ओलंपिक जैसे बड़े आयोजन में भारत का प्रतिनिधित्व करना एक बड़े सम्मान की बात है। मुझे साल की शुरुआत में ही दोहा में खिताब हासिल करने की खुशी है। लेकिन बड़ी बात यह है कि हमारे पास ओलंपिक में जाने से पहले न केवल ग्रैंड स्लैम (Grand Slam) बल्कि मास्टर्स सीरीज़ जैसे कई बड़े इवेंट हैं। मैं खुश हूं और इन सभी इवेंट का हिस्सा बनने के लिए मैं उत्सुक हूं।”

कई टेनिस सितारों के लिए ओलंपिक अक्सर टेनिस के ‘बड़े-टिकट इवेंट्स’ की लंबी सूची के बाद आता है, जिसे वे हर साल खेलते हैं। लेकिन बोपन्ना के मामले में ओलंपिक की अहमियत सबसे ज्यादा है। उन्हें खुशी है कि पिछले कुछ संस्करणों में एटीपी को ओलंपिक के लिए होने वाले सीज़न की योजना के शीर्ष इवेंट्स में शामिल किया गया है।

बोपन्ना कहते हैं, "मुझे लगता है कि कैलेंडर को पहले से ही इस तरह से योजनाबद्ध किया गया है कि यह दो ग्रैंड स्लैम (विंबलडन और यूएस ओपन) के बीच में होगा। आप जानते हैं, टेनिस में हमारे सीज़न में कई बड़े इवेंट्स निर्धारित होते हैं, जिसमें लगातार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसलिए यह वास्तव में आपको एक बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद करता है और आपको 2020 के ओलंपिक जैसे बड़े इवेंट के लिए तैयार करता है।”

रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी

खिलाड़ियों को ओलंपिक में युगल साथी (जोड़ीदार) के बदलाव जैसे एक प्राथमिक बदलाव में खुद को ढ़ालना पड़ता है। दौरे के दौरान एक खिलाड़ी को ओलंपिक में किसी अन्य राष्ट्रीयता वाले खिलाड़ी को चुनने की अनुमति नहीं होती है। यह राष्ट्रीयता ही है, जो हर दूसरे मानदंडों को पूरा करती है। इसलिए हर टेनिस खिलाड़ी को अपने ही देश के किसी अन्य खिलाड़ी के साथ जोड़ी बनाते हुए ओलंपिक में हिस्सा लेना होता है।

हालांकि, अचानक हुए इस बदलाव से किसी भी खिलाड़ी को कुछ परेशानी हो सकती है। लेकिन रोहन बोपन्ना को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। विशेष रूप से दिविज शरण (Divij Sharan) जैसे जोड़ीदार के मिलने पर उनका खेल और मजबूत होगा। युगल सर्किट में 56वें स्थान पर काबिज़ 33 वर्षीय दिविज शरण भारत के सर्वश्रेष्ठ युगल टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं। ऐसे में एक जोड़ी के रूप में किसी भी दौरे पर दोनों से बड़ी सफलता की उम्मीद की जा सकती है। 2020 ओलंपिक में भी रोहन बोपन्ना और दिविज शरण से सभी को काफी उम्मीदें रहेंगी।

रोहन बोपन्ना कहते हैं, “इस समय दिविज और मैं केवल दो ही खिलाड़ी हैं जो ओलंपिक के लिए प्रयास करने और क्वालिफाई होने के लिए एटीपी रैंकिंग में उच्च स्तर पर हैं। हमने पिछले साल कुछ इवेंट एक जोड़ी के रूप में खेले और हमने पुणे में खिताब भी जीता। वास्तव में मैं उसके साथ खेलने के लिए उत्साहित हूं। हमने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। मुझे लगता है कि हम एक टीम के रूप में अच्छी तरह से आगे बढ़ सकते हैं।”

हालांकि, इस साल दोनों के बारे में जो बात सामने आई है, वह यह है कि अब वे किसी भी दौरे पर एक जोड़ी के रूप में नहीं खेलेंगे। ऐसे में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि बोपन्ना-शरण की यह जोड़ी ओलंपिक में खेलती हुई नज़र आएगी।

जब ओलंपिक वर्ष में दिविज शरण के साथ खेलने के बारे में पूछा गया तो बोपन्ना ने कहा, "मुझे लगता है कि हमारी रैंकिंग पर्याप्त नहीं थी कि हम किसी टूर्नामेंट में एक साथ खेल सकें। फ्रेंच ओपन ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने का बेहतरीन अवसर है, और उसके बाद हमारे पास पूरा सीज़न ग्रास कोर्ट (घास वाला कोर्ट) का होगा।”

“हमने पिछले साल भी इसके बारे में सोचा था। मुझे लगता है कि अगर आपको किसी इवेंट की तैयारी करनी है तो उस इवेंट से 2-3 हफ्ते पहले प्रैक्टिस करना सबसे अच्छा रहता है। इवेंट से 4-5 महीने पहले एक टूर्नामेंट खेलना वास्तव में आपको इसके लिए तैयार नहीं कर सकता है। इसलिए हमने सोचा कि इसे थोड़ा बदल दें।”

“अब दौरे पर हमारे साथ संबंधित जोड़ीदार हैं। हमने योजना के अनुसार यह सुनिश्चित किया था कि हम अपनी व्यक्तिगत रैंकिंग जितना संभव हो सके उतनी बेहतर करेंगे, ताकि हम ओलंपिक के लिए एक टीम के रूप में क्वालिफाई कर सकें। इस वर्ष के लिए हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना कि हम 2020 के ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें।”

रोहन बोपन्ना का ओलंपिक सपना

रोहन बोपन्ना की सफलता की भूख अकेले प्रतिनिधित्व पर नहीं रुकती है। 2020 के ओलंपिक में भारत के पदक जीतन की उम्मीद के बारे में उनसे पूछने पर, बेंगलुरु के इस एथलीट ने बेझिझक अपना नाम लिया। उन्हें पूरी तरह उम्मीद है कि वह ओलंपिक में पदक हासिल कर सकते हैं।

वह कहते हैं, "हमें विश्वास है। हम लगातार बेहतरीन टीमों के खिलाफ खेलते हैं। हम निश्चित रूप से टोक्यो 2020 में जीत हासिल करने को लेकर आश्वस्त हैं। रियो 2016 में सानिया मिर्ज़ा (Sania Mirza) के साथ (मिश्रित युगल जोड़ी में) हम पदक हासिल करने के बहुत करीब थे। यह वास्तव में दिल तोड़ने वाला था। खासकर भारत के लिए पदक हासिल करना न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए बहुत बड़ी बात है। यह मेरा तीसरा ओलंपिक है। अभी मेरे पास काफी अनुभव है। ऐसे में मुझे लगता है, अगर हम अच्छी तैयारी करते हैं तो हम कुछ बहुत बेहतर कर सकते हैं।”

रियो 2016 में पदक को हासिल न कर पाने का दर्द अभी भी उनके ज़हन में बना हुआ है। बोपन्ना नहीं चाहते हैं कि उनके ओलंपिक सफर को रियो की हार से परिभाषित किया जाए।

भारतीय टेनिस के शीर्ष खिलाड़ी बोपन्ना टोक्यो 2020 में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक है। लेकिन वह सबसे पहले यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि वह जुलाई में होने वाले एरिएक टेनिस पार्क (Ariake Tennis Park) में ओलंपिक खेलों के लिए अपनी जगह पक्की कर सकें।