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‘यह बस एक शुरुआत है’– अपने भविष्य को लेकर बोले साथियान गनासेकरन

  चेन्नई के साथियान गनासेकरन ने बताया कि आने वाले समय में बहुत कुछ उनके निशाने पर होगा। इसके साथ ही टोक्यो 2020 में मेडल जीतने का रहेगा सपना। 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारतीय टेबल टेनिस की बात की जाए तो साथियान गनासेकरन का नाम हर किसी के ज़हन में आ जाता है। इस 26 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले कुछ सालों में बहुत नाम कमाया, जिसकी वजह से भारतीय टेबल टेनिस को भी नए पंख मिलें हैं।

चेन्नई के इस खिलाड़ी ने सुर्खियां तो तब बटोरीं, जब वह पहले पुरुष भारतीय सिंगल्स खेलने वाले खिलाड़ी बनें और वर्ल्ड रैंकिंग में उनका नाम टॉप 25 में शामिल हुआ। हालांकि साथियान का मानना है कि अभी तो उनका सफ़र शुरू हुआ है और अभी बहुत आगे जाना बाकी है।

ओलंपिक चैनल को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के दौरान साथियान ने बताया कि “टॉप 25 में अपना नाम शुमार करना एक अच्छी बात है लेकिन अभी तो सफ़र शुरू ही हुआ है। मेरा नाम आना न तो मेरे लिए और न ही मेरी टीम के लिए चौंका देने वाली बात थी। हम लगातार अपने खेल पर मेहनत कर रहें हैं और ऐसे परिणाम आने वाली पीढ़ी के लिए एक बेंचमार्क साबित होंगे।”

साथियान गनासेकरन – भारतीय टॉप रैंक टेबल टेनिस खिलाड़ी 

साथियान का सफ़र

“जब मैंने रमन सर (सुब्रमण्यम रमन) के साथ 2012 में ट्रेनिंग शुरू की थी तब उन्होंने मुझे कहा था कि वे विश्व के टॉप 50 खिलाड़ियों की गिनती में मेरा नाम शुमार कराना चाहते हैं। उस समय मुझे यह सब मज़ाक लग रहा था क्योंकि मैं 412वें पायदान पर खड़ा था।”

यह भारतीय टेबल टेनिस स्टार उस समय देश के लिए खेलने के साथ-साथ अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री भी कर रहा था। कभी खेल तो कभी पढ़ाई, इस सिलसिले में इस खिलाड़ी ने बहुत बार अपनी लय और फॉर्म को भी खोया। लेकिन कहते हैं न कि एक चतुर कोच और सच्चा खिलाड़ी साथ मिलकर बहुत से परिणामों को अपने हक में करने की क्षमता रखते हैं, ठीक ऐसा ही साथियान और सुब्रमण्यम रमन के साथ भी हुआ।

“हमारे दिमाग में हर परक्रिया एक दम साफ़ थी। हम मेरे खेल को सुधारने की और अलग अलग तकनीकों को अपनाने की जद्दो-ज़हद में लगे हुए हैं। साथ ही हमारा लक्ष्य होता है कि हम अपने प्रतिद्वंदियों को कैसे हैरान कर मुश्किलों में डालें। मेरे हिसाब से यह सफ़र बहुत दिलचस्प रहा है और हमने बहुत से पहलुओं पर काम भी किया है।”

साथियान का मानना है कि उनके कोच के साथ-साथ भारत सरकार और भारतीय फेडेरशन ने एक एहम भूमिका निभाई है। जिस प्रकार टेबल टेनिस को बढ़ावा मिला है उस वजह से मेरे खेल में भी सुधार आया है। 

साथियान ने आगे बात करते हुए कहा, “फेडेरशन और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने हमे बढ़ावा दिया है। इस प्रकार हमे विदेशी ट्रेनिंग कैंप और विदेशी टूर्नामेंट में खेलने का मौका भी मिला। ज़्यादा मैच खेलने और अल्टीमेट टेबल टेनिस ने हमे अच्छा तजुर्बा दिया है।”

टोक्यो 2020 पर साथियान की नज़र

यह साल भारत के टेबल टेनिस स्टार साथियान गनासेकरन के लिए खट्टा मीठा रहा है। जहां वह कुछ बड़ी प्रतियोगिताओं में ज़्यादा सफलता अपने हित में नहीं कर पाएं वहीं अपने पहले आईटीटीएफ वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा। एशियन टेबल टेनिस चैंपियनशिप में साथियान ने 5वीं रैंक के तोमोकाज़ु हरिमोटो को मात दी और सभी भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीदों का रास्ता दिखाया। इतना ही नहीं इस भारतीय खिलाड़ी ने वर्ल्ड कप में दिग्गज टिमो बोल के सामने भी उम्दा प्रदर्शन किया।

हर पेशेवर खिलाड़ी की तरह साथियान की नज़रें भी 2020 ओलंपिक गेम्स पर टिंकी हैं।साल 2020 में जापान में होने वाले ओलंपिक गेम्स के लिए हर खिलाड़ी तैयारियों में जुटें हैं।

“साल 2019 के अंत में हम कोरिया के लिए रवाना होंगे और कोरियन टीम के साथ अभ्यास करेंगे। उसके बाद हम डसेलडॉर्फ़, जर्मनी जाएंगे। इन सबके बाद हमारा जलसा पुर्तगाल में ओलंपिक क्वालिफायर के लिए भिड़ेगा, जो कि एक बहुत महत्वपूर्ण और बड़ा टूर्नामेंट है।” 

“वर्ल्ड रैंकिंग के लिहाज़े से देखा जाए तो मैं सिंगल्स के लिए क्वालिफाई कर चुका हूं, लेकिन हमारा लक्ष्य टीम के साथ क्वालिफाई करने का है। ओलंपिक गेम्स में वैसे भी भारतीय टेबल टेनिस टीम कभी खेली नहीं है। भारतीय टेबल टेनिस टीम बहुत अच्छा कर रही है और हम सब इसे लेकर साक्रत्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सिर्फ टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करना ही नहीं बल्कि मेडल जीतना भी बहुत दिलचस्प है।” भारतीय टेबल टेनिस के खिलाड़ी साथियान गनासेकरन ने ओलंपिक चैनल को दिए इंटरव्यू में अपने विचार व्यक्त किए।