ओलंपिक स्टेट ऑफ माइंड हासिल करने में शीर्ष एथलीट करते हैं आपकी मदद

पीवी सिंधु, एलिसन फेलिक्स और जॉर्डन बरोज़ बताते हैं कि कैसे माइंडफुलनेस, मोटिवेशन और विज़ुअलाइज़ेशन आपको बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

ओलंपिक खेलों में दुनिया के कुछ शीर्ष एथलीट Olympic State of Mind तैयार करने के लिए ब्रिजस्टोन और ओलंपिक चैनल के साथ जुड़ते हैं।

यह व्यक्तिगत यात्रा आपको माइंडफुलनेस, मोटिवेशन और विज़ुअलाइज़ेशन की तकनीकों के माध्यम से आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देने में मदद करती है।

अपने अनुभव को साझा करने वालों में छह ब्रिजस्टोन एथलीट एम्बेसडर हैं – जिसमें छह बार के ओलंपिक एथलेटिक्स स्वर्ण पदक विजेता एलिसन फेलिक्स, टीनेज तैराकी सनसनी एरियार टिटमस, रियो 2016 के भालाफेंक स्वर्ण पदक विजेता थॉमस बटलर, बैडमिंटन विश्व चैंपियन पी.वी. सिंधु, लंदन 2012 फ्रीस्टाइल रेसलिंग चैंपियन जॉर्डन बरोज़ और दो बार के एशियाई ट्रायथलॉन चैंपियन ऐ यूएडा शामिल हैं।

माइंडफुलनेस

माइंडफुलनेस यानी सचेतन पर काम करने ने वास्तव में रियो 2016 की बैडमिंटन रजत पदक विजेता पीवी सिंधु की काफी मदद की।

इस भारतीय ने 2019 के मध्य में मेडिटेशन करना शुरू किया और अगस्त में अपना पहला विश्व खिताब जीता।

उन्होंने ओलंपिक चैनल से बात करते हुए कहा, "मैं वास्तव में इससे प्रसन्न होती हूं। मैं पहले सिर्फ अपने खेल के बारे में सोचती थी, लेकिन मैंने कभी इस तरह से मेडिटेशन नहीं किया।

"यह कभी भी सुबह या दोपहर में किया जा सकता है, जब भी मेरे पास समय होता है। मेरे लिए माइंडफुलनेस तब होती है जब आप अपने दिमाग में कुछ सोचते हैं। फिर आपको बस उसी के साथ आगे बढ़ना होता है।”

माइंडफुलनेस पर बात करते हुए पीवी सिंधु ने आगे कहा, "यह बहुत जरूरी है कि आप खुद पर विश्वास करें और सोचें कि आप इसे कर सकते हैं। फिर बस उसी धुन में आगे बढ़ते जाएं।"

मोटिवेशन

मोटिवेशन यानी प्रेरणा कुछ एथलीटों के लिए काफी मुश्किल साबित हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपने करियर के अंत में चल रहे होते हैं।

एरियन टिटमस, जिन्होंने 2019 वर्ल्ड एक्वेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर फ्रीस्टाइल में केटी लेडेकी को चौंका दिया था। उन्हें यह समस्या बिल्कुल नहीं है।

इस ऑस्ट्रेलियाई का अभी एक और ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लेना बाकी है। टोक्यो में प्रतिस्पर्धा करना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।

उन्होंने कहा, "खुद को प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित करना बेहद आसान है, क्योंकि मेरे पास हमेशा अपने लक्ष्य होते हैं और मैं उन्हें अपने दिमाग के सामने रखने की कोशिश करती हूं। मैं उनके साथ खुद से बातें करती हूं और उन्हें दोहराने की कोशिश करती हूं।"

एरियन टिटमस ने कहा, "अगर मेरी रेस खराब हो जाती है तो मुझे लगता है कि मेरे लिए खुद को प्रेरित करने के लिए सबसे बड़ी बात यह है कि मैंने जो गलतियां की हैं उनमें सुधार करूं।

एरियन टिटमस ने ग्वांगजू 2019 FINA वर्ल्ड एक्वेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर फ्रीस्टाइल जीतने के बाद यह प्रतिक्रिया दी।
एरियन टिटमस ने ग्वांगजू 2019 FINA वर्ल्ड एक्वेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर फ्रीस्टाइल जीतने के बाद यह प्रतिक्रिया दी।एरियन टिटमस ने ग्वांगजू 2019 FINA वर्ल्ड एक्वेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर फ्रीस्टाइल जीतने के बाद यह प्रतिक्रिया दी।

विज़ुअलाइज़ेशन

रेसलर जॉर्डन बरोज़ ने अपने करियर के दौरान आए कई उतार-चढ़ाव का सामना किया है।

लंदन 2012 में अपने स्वर्ण के बाद उन्हें रियो 2016 में निराशा हाथ लगी। जिसके बाद उन्होंने खुद को शारीरिक और मानसिक तौर पर बेहतर करने की कसम खाई।

माइंडफुलनेस को बेहतर करने के साथ ही अमेरिकी ने अपने प्रतिद्वंदियों पर हावी पड़ने के लिए विज़ुअलाइज़ेशन पर काम किया।

इन नए मानसिक दृष्टिकोण ने बरोज़ को 2017 में अपना चौथा विश्व खिताब जीतने में मदद की।

उन्होंने कहा, "मैं अपने सामने अपने प्रतिद्वंदी के होने की कल्पना करने की कोशिश करता हूं। इस दौरान वह क्या कर रहा है, यह सोचने से ज्यादा मैं अपनी तैयारी और जानकारी को बढ़ाकर उसे हराने के बारे में सोचता हूं।

जॉर्डन बरोज़ ने कहा, "मेरे विज़ुअलाइज़ेशन का मतलब है उस स्थिति में पहुंचना, अपने हाथों को उठाना और फिर उस तरह के मूव इस्तेमाल करना जिससे मुझे जीत मिल सकती है।”

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ओलंपिक स्टेट ऑफ माइंड को कैसे हासिल करें

ब्रिजस्टोन द्वारा प्रस्तुत ओलंपिक चैनल के Olympic State of Mind के साथ जुड़े शीर्ष ओलंपिक एथलीटों से सीखें।

बरोज़, सिंधु और टिटमस के साथ-साथ एलिसन फेलिक्स, ए युएडा और थॉमस रोहलर के भी सुझाव देखें।

इन सितारों और दुनियाभर के सभी शीर्ष एथलीटों के सुझाव वाले वीडियो देखें और कई लेखों के साथ ही साथ क्विज़ और गेम की मदद से मोटिवेशन, माइंडफुलनेस और विज़ुअलाइज़ेशन पर काम करते हुए खुद को बेहतर करें।

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