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युकी भांबरी और दीवार: टेनिस स्टार ने बताया कि चोट से वापसी के लिए मानसिक मज़बूत होना है ज़रूरी

ग्रैंड स्लैम और ओलंपिक पर है युकी भांबरी की नज़र, ओलंपिक चैनल के साथ बातचीत में भांबरी ने खोले कई राज़

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

युकी भांबरी क़रीब एक साल तक बिना हाथ में रैकेट लिए कोर्ट से दूर रहे थे। जो दो दशकों से टेनिस खेलता आ रहा हो उसके लिए इस तरह चोट की वजह से बाहर बैठना बहुत मुश्किल वक़्त होता है। भांबरी क़रीब 16 महीने तक चोट की वजह से टेनिस से दूर रहे थे, और इस दौरान वह अंदर ही अंदर ख़ुद से लड़ रहे थे।

“चोट से उबरने की कोशिश में लगे भारत के नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी युकी भांबरी ने ओलंपिक चैनल से बात करते हुए कहा कि “एक पूर्व भारतीय नंबर 1 खिलाड़ी होने के नाते लंबे समय तक चोट से जूझना मानसिक तौर पर बेहद तनावपूर्ण होता है।”

अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “वास्तव में दोनों को इतना अच्छा करते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है, खासकर पजनेश गुनेश्वरन को। जब हम 15-16 साल के थे, तब हम एक साथ राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर में खेलते थे। वो प्रतिभाशाली था और उस दौरे पर नहीं आ सका क्योंकि वह चोटिल हो गया था। सुमित (नागल) हमेशा से अच्छा खेलता आया है। भारत के जितने भी सिंगल्स खिलाड़ी हैं, सब अच्छे हैं। सिंगल्स में खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखकर बहुत खुशी होती है”।

युकी भांबरी ने अगले कुछ महीनों में कोर्ट पर वापसी करने के लिए बेकरार हैं। उन्होंने कहा “एक या दो महीने में वापसी का अनुमान है। शायद मार्च से अप्रैल के अंत तक। मैं फ्रेंच ओपन और विंबलडन में खेलना चाहता हूं, जो उस वक्त खेले जाएंगे। इसलिए मैं निश्चित रूप से क्ले कोर्ट सीज़न शुरू होने से पहले कोर्ट पर लौटना चाह रहा हूं। मैं वास्तव में अमेरिका के हार्ड कोर्ट के माध्यम से आगे बढ़ना चाहता हूं।”

ग्रैंड स्लैम पर है भांबरी की नज़र

उन्होंने आगे कहा कि, “2018 का फरवरी और मार्च वास्तव में मेरे करियर का बेहतरीन दौर था और ये मेरे द्वारा खेला गया सर्वश्रेष्ठ टेनिस था। आप उस अनुभव का उपयोग कर सकते हैं जैसा कि आप जानते हैं कि आपने वह हासिल कर लिया है। अब आप जानते हैं, ये पूरी तरह से शुरूआत नहीं है। मुझे पता है कि मुझे कहां और कैसे जाना है, टूर्नामेंट कैसे टारगेट करना है और मुझे पता है कि उनमें कैसे आगे बढ़ना है।”

कोर्ट पर वापसी तो करना ही है, लेकिन युकी भांबरी को पता है कि ये उनके लिए एक लंबा सफर है। गेल मोनफिल्स जैसे खिलाड़ी को हराने वाले युकी भांबरी अगर चोटिल नहीं हुए होते तो वो बहुत आगे बढ़ चुके होते।

युकी भांबरी ने कहा “वो एक अलग दौर था जब मैंने मोनफिल्स के ख़िलाफ़ खेला था। ये जानकर अच्छा लगा कि आप उस स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। ये एक महत्वपूर्ण मोड़ था, आप उन खिलाड़ियों के साथ हमेशा नहीं खेलते हैं और आप जानते हैं कि आप उन बड़े टूर्नामेंटों को खेलने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और उन बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देते हैं। तो ये आपाका एक तरह से आत्मविश्वास बढ़ा देता है।”

ओलंपिक में व्यक्तिगत लक्ष्य

जहां तक ​​भारत के टोक्यो 2020 के सपने की बात है, युकी भांबरी आशावादी लग रहे थे। उन्होंने कहा “मुझे उम्मीद है हम कई भारतीय सिंगल्स खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करते हुए देखेंगे। सुमित नागल और ससिकुमार मुकुंद जैसे युवाओं को भी देखकर बहुत अच्छा लगा”।

हालांकि, ओलंपिक के लिए अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के बारे में बात करते समय वो बचते हुए नज़र आए। "ओलंपिक एक ऐसा टूर्नामेंट है जिसे मैं खेलने में सक्षम नहीं हूं लेकिन मैंने बहुत कुछ सुना है। उम्मीद है कि मैं 2024 में वहां पहुंच जाऊंगा। लेकिन मुझे पूरी उम्मीद है कि 2024 में एक टीम वहां पहुंचेगी। ये रैंकिंग के साथ कठिन है लेकिन मुझे उम्मीद है कि हमें एक युगल टीम मिलेगी। ये वो टूर्नामेंट जिसे मैं खेलना चाहता हूं। मुझे 2024 ओलंपिक से ज्यादा उम्मीदें हैं”।

टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा किया है, लिएंडर पेस ने 1996 में अटलांटा खेलों में सिंगल्स में कांस्य जीता और एआईटीए को उम्मीद है कि युकी भांबरी के साथ भारत के प्रतिभाशाली युवा टेनिस खिलाड़ियों की टीम में एक खिलाड़ी है जो भारत को ओलंपिक में पदक दिला सकता है, जो अब अधिक दूर नहीं है।