ओलंपिक एथलीटों द्वारा प्रचारित ब्रह्मपुत्र लीग से वॉलीबॉल को मिल रहा जमीनी स्तर पर बढ़ावा

प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के पहचान के लिए असम वॉलीबॉल मिशन 100 के तहत स्थापित की गई है ब्रह्मपुत्र वॉलीबॉल लीग 

लेखक भारत शर्मा ·

जमीनी स्तर या ग्रामीण क्षेत्रों में वॉलीबॉल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए असम वॉलीबॉल मिशन 100 पहल के तहत भारत में एक बेहतरीन ब्रह्मपुत्र वॉलीबॉल लीग की स्थापना की गई है।

लीग का उद्देश्य असम के दूरदराज के क्षेत्रों में वॉलीबॉल को बढ़ावा देना है। यह पहली बार है कि जब देश में खेल को बढ़ावा देने और छिपी हुई प्रतिभाओं का पता लगाने के लिए इस तरह की पहल की गई है। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को और बेहतर रूप से तराशा जा सकेगा।

मैराथन जीतने के बाद तिरंगे के साथ हिमा दास

कौन कर रहा है ब्रह्मपुत्र लीग का प्रचार?

असम की यह लीग पूर्व भारतीय वॉलीबॉल कप्तान अभिजीत भट्टाचार्य की देन है। उन्होंने 1988 में वॉलीबॉल खेलना शुरू किया और फिर 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व किया।

अपनी रिटायरमेंट के बाद से भट्टाचार्य खेल से जुड़े रहे और जितना संभव हुआ उतना खेल को बढ़ावा देने का प्रयास किया। उनके पास तेजपुर में एक मशहूर वॉलीबॉल अकादमी है, जहां पूरे असम के युवा उनसे प्रशिक्षण लेने पहुंचते हैं, लेकिन कोरोना वायरस महामारी ने उनके इस अभियान को बाधित कर दिया था। लॉकडाउन के कारण उन्हें अपने नियमित प्रशिक्षणों को बंद करना पड़ा था।

हालांकि, इस दौरान उन्होंने अभिजीत भट्टाचार्य वर्चुअल वॉलीबॉल अकादमी के साथ युवाओं को प्रशिक्षण देना शुरू किया है, जहा असम के तीन चाय बागानों के कम से कम 30 बच्चों ने उनसे वॉलीबॉल की बारीकियां सीखी हैं।

असम के धींग की रहने वाली भारतीय धावक हिमा दास लीग इस लीग को बढ़ावा दे रही है और इसके प्रतीक चिह्न (लोगो) का अनावरण किया। उन्होंने ट्वीट किया, 'अपने गृह राज्य असम में जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए अपनी तरह की पहली पहल, ब्रह्मपुत्र वॉलीबॉल लीग के लोगो का अनावरण करने से वह वास्तव में बहुत खुश है। ब्रह्मपुत्र घाटी में वॉलीबॉल को उछालती लड़की के साथ तैयार किया गया लोगो बेहतरीन, स्पष्ट और सकारात्मक संदेश देता है।'

400 मीटर फर्राटा दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक दास अभी भी टोक्यो ओलंपिक के लिए अर्हता हांसिल करने में लगी हुई है। वह IAAF वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप 2018 में टैम्पियर में एक ट्रैक इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट हैं। हिमा ने 2018 एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक (रिले इवेंट में) और एक रजत (400 मीटर) जीता है।

पूर्व बैडमिंटन स्टार और ओलंपियन अपर्णा पोपट, अर्जुन पुरस्कार विजेता टेबल टेनिस स्टार मोनालिसा बरुआ मेहता और पूर्व अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी असावरी परमार भी इस वॉलीबॉल लीग का प्रचार कर रहे हैं।

कब से शुरू होगी ब्रह्मपुत्र लीग?

ब्रह्मपुत्र लीग 13 दिसंबर से नलबाड़ी स्थित बारबाड़ी हाई स्कूल (BHS) में शुरू हो गई है। यह तीन महीने तक चलेगी। यह लीग 16 अलग-अलग जिलों में फैलेगी जिसमें 32 लड़कों और 17 लड़कियों की टीमें होंगी। इसमें विजेता टीम को कुल 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी।

लीग में कुल कितने मैच खेले जाएंगे?

लीग में कुल 144 मैच खेले जाएंगे और सभी मैच ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे। यह दिलचस्प है कि राज्य में संभवत: पहली बार इस तरह की किसी लीग का ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजन किया जा रहा है। भारतीय पुरुषों की राष्ट्रीय वालीबॉल टीम इस साल की शुरुआत में एशियाई क्वालीफायर में हारने के बाद टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में असफल रही थी।